भारत के रामसर आर्द्रभूमि स्थल
अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियाँ, राज्यवार सूची एवं परीक्षा-उपयोगी तथ्य
रामसर स्थल क्या हैं?
रामसर स्थल ऐसी आर्द्रभूमियाँ हैं जिन्हें पारिस्थितिक, जैव विविधता तथा अंतरराष्ट्रीय महत्व के कारण रामसर सम्मेलन के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि के रूप में मान्यता दी जाती है।
रामसर सम्मेलन को 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर शहर में अपनाया गया था। इसी कारण प्रत्येक वर्ष 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है।
भारत 1 फरवरी 1982 को रामसर सम्मेलन का पक्षकार बना। भारत के प्रथम रामसर स्थल चिल्का झील, ओडिशा और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, राजस्थान थे, जिन्हें वर्ष 1981 में सूची के लिए नामित किया गया था।
वर्तमान में भारत में कुल 101 रामसर स्थल हैं। अगस्त 2026 में अरुणाचल प्रदेश की ग्लॉ झील को भारत का 101वाँ रामसर स्थल घोषित किया गया।
केरल
तीन रामसर स्थल
- अष्टमुडी आर्द्रभूमि — केरल
- वेम्बनाड-कोल आर्द्रभूमि — केरल
- सस्थमकोट्टा झील — केरल
📗 महत्वपूर्ण
वेम्बनाड-कोल केरल की अत्यंत महत्वपूर्ण विशाल आर्द्रभूमि प्रणाली है, जबकि सस्थमकोट्टा केरल की प्रमुख मीठे पानी की झीलों में गिनी जाती है।
पश्चिम बंगाल
पूर्वी कोलकाता और सुंदरबन
- पूर्वी कोलकाता आर्द्रभूमि — पश्चिम बंगाल
- सुंदरबन आर्द्रभूमि — पश्चिम बंगाल। इसे केवल “सुंदरवन डेल्टा क्षेत्र” लिखने के बजाय रामसर सूची में प्रचलित नाम सुंदरबन आर्द्रभूमि याद करना अधिक उचित है।
🎯 परीक्षा तथ्य
सुंदरबन आर्द्रभूमि भारत के सबसे बड़े रामसर स्थलों में से एक है और विश्व के विशाल मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा है।
हिमाचल प्रदेश
हिमालयी आर्द्रभूमियाँ
- रेणुका आर्द्रभूमि — हिमाचल प्रदेश
- पोंग बांध झील — हिमाचल प्रदेश
- चंद्रताल आर्द्रभूमि — हिमाचल प्रदेश। पुराने नोट्स में इसे “चंदेरटल” भी लिखा मिलता है; प्रचलित नाम चंद्रताल है।
🎯 महत्वपूर्ण
रेणुका आर्द्रभूमि क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के सबसे छोटे रामसर स्थलों में गिनी जाती है।
जम्मू और कश्मीर
पाँच महत्वपूर्ण रामसर स्थल
- सुरिंसर-मानसर झीलें — जम्मू और कश्मीर
- शालबुग आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्व — जम्मू और कश्मीर
- हाइगम आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्व — जम्मू और कश्मीर
- होकेरसार आर्द्रभूमि — जम्मू और कश्मीर। इसे होकेरा/होकेर्सर नामों से भी लिखा जाता है।
- वूलर झील — जम्मू और कश्मीर
उत्तर प्रदेश
भारत के सबसे अधिक रामसर स्थलों वाले राज्यों में से एक
- ऊपरी गंगा नदी — उत्तर प्रदेश; रामसर स्थल मुख्यतः ब्रजघाट से नरौरा तक के नदी खंड से संबंधित है।
- नवाबगंज पक्षी अभयारण्य — उत्तर प्रदेश
- साण्डी पक्षी अभयारण्य — उत्तर प्रदेश
- समन पक्षी अभयारण्य — उत्तर प्रदेश
- सरसई नावर झील — उत्तर प्रदेश
- हैदरपुर आर्द्रभूमि — उत्तर प्रदेश
- समसपुर पक्षी अभयारण्य — उत्तर प्रदेश
- पार्वती अरगा पक्षी अभयारण्य — उत्तर प्रदेश
- बखिरा वन्यजीव अभयारण्य — उत्तर प्रदेश
- सुर सरोवर / कीठम झील — उत्तर प्रदेश
- पटना पक्षी अभयारण्य — एटा; 2026 में रामसर स्थल बना।
- शेखा झील पक्षी अभयारण्य — अलीगढ़; 2026 में भारत का 99वाँ रामसर स्थल बना।
- जयप्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य / सुरहा ताल — बलिया; भारत का 100वाँ रामसर स्थल।
🎯 नया परीक्षा तथ्य
भारत का 100वाँ रामसर स्थल — जयप्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य (सुरहा ताल), बलिया, उत्तर प्रदेश।
गुजरात
झीलें और कच्छ की आर्द्रभूमि
- थोल झील वन्यजीव अभयारण्य — गुजरात
- वाधवाना आर्द्रभूमि — गुजरात
- खिजड़िया वन्यजीव अभयारण्य — गुजरात
- नलसरोवर पक्षी अभयारण्य — गुजरात
- छारी-ढांढ — कच्छ, गुजरात; वर्ष 2026 में रामसर स्थल घोषित।
मिजोरम
पाला आर्द्रभूमि
- पाला आर्द्रभूमि — मिजोरम
राजस्थान
राष्ट्रीय उद्यान से मरुस्थलीय पक्षी स्थल तक
- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान — राजस्थान
- सांभर झील — राजस्थान
- खीचन आर्द्रभूमि — फलोदी, राजस्थान; प्रवासी कुरजां पक्षियों के लिए प्रसिद्ध।
- मेनार आर्द्रभूमि परिसर — उदयपुर, राजस्थान
- सिलीसेढ़ झील — अलवर, राजस्थान; वर्ष 2025 में रामसर सूची में शामिल।
🎯 महत्वपूर्ण
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान और चिल्का झील भारत के प्रथम रामसर स्थलों के रूप में विशेष रूप से याद किए जाते हैं।
पंजाब
छह रामसर स्थल
- रोपड़ आर्द्रभूमि — पंजाब
- नांगल वन्यजीव अभयारण्य — पंजाब
- व्यास संरक्षण रिजर्व — पंजाब
- हरिके आर्द्रभूमि — पंजाब
- कंजली आर्द्रभूमि — पंजाब
- केशोपुर-मियानी सामुदायिक रिजर्व — पंजाब
असम
दीपोर बील
- दीपोर बील — असम
लद्दाख
उच्च हिमालयी झीलें
- त्सो मोरीरी झील — लद्दाख
- त्सो कर आर्द्रभूमि परिसर — लद्दाख
मध्य प्रदेश
झील, जलाशय और शहरी आर्द्रभूमियाँ
- भोज आर्द्रभूमि — मध्य प्रदेश
- सिरपुर आर्द्रभूमि — मध्य प्रदेश
- साख्य सागर — मध्य प्रदेश
- यशवंत सागर — मध्य प्रदेश
- तवा जलाशय — मध्य प्रदेश; वर्ष 2024 में रामसर स्थल बना।
त्रिपुरा
रुद्रसागर झील
- रुद्रसागर झील — त्रिपुरा
महाराष्ट्र
झील, आर्द्रभूमि और क्रीक
- नंदुर मध्यमेश्वर — महाराष्ट्र
- लोनार झील — महाराष्ट्र
- ठाणे क्रीक — महाराष्ट्र
📗 महत्वपूर्ण
लोनार झील उल्कापिंडीय प्रभाव से बने क्रेटर में स्थित विशिष्ट झील के रूप में प्रसिद्ध है।
उत्तराखंड
आसन संरक्षण रिजर्व
- आसन संरक्षण रिजर्व — उत्तराखंड
ओडिशा
झील, मैंग्रोव, जलाशय और नदी घाटी
- टंपारा झील — ओडिशा
- अंसुपा झील — ओडिशा
- चिल्का झील — ओडिशा
- भितरकनिका मैंग्रोव — ओडिशा
- सतकोसिया गॉर्ज — ओडिशा
- हीराकुंड जलाशय — ओडिशा
🎯 परीक्षा तथ्य
चिल्का झील भारत के प्रथम रामसर स्थलों में शामिल है और यह खारे पानी की विशाल लैगून झील के रूप में प्रसिद्ध है।
कर्नाटक
पुराने और नए रामसर स्थल
- रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य — कर्नाटक
- अंकसमुद्र पक्षी संरक्षण रिजर्व — कर्नाटक; 2024 में जोड़ा गया।
- अघनाशिनी मुहाना — कर्नाटक; 2024 में जोड़ा गया।
- मगदी केरे संरक्षण रिजर्व — कर्नाटक; 2024 में जोड़ा गया।
तमिलनाडु
भारत में सर्वाधिक रामसर स्थलों वाला प्रमुख राज्य
- चित्रांगुडी पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- वडुवुर पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- सुचिंद्रम-थेरूर आर्द्रभूमि परिसर — तमिलनाडु
- कांजीरंकुलम पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- मन्नार की खाड़ी समुद्री जीवमंडल रिजर्व — तमिलनाडु
- वेलोड पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- उदयमार्थांडपुरम पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- करिकीली पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- पिचावरम मैंग्रोव — तमिलनाडु
- कून्थनकुलम पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- वेम्बन्नूर आर्द्रभूमि परिसर — तमिलनाडु
- वेदान्थंगल पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- प्वाइंट कैलिमेरे वन्यजीव एवं पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- पल्लीकरनई मार्श रिजर्व फॉरेस्ट — तमिलनाडु
- करैवेट्टी पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु; 2024 में रामसर स्थल बना।
- लॉन्गवुड शोला रिजर्व फॉरेस्ट — तमिलनाडु; 2024 में शामिल।
- नांजरायण पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु; 2024 में शामिल।
- काझुवेली पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु; 2024 में शामिल।
- थेरथंगल पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु; 2025 में शामिल।
- सक्कराकोट्टई पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु; 2025 में शामिल।
🎯 उच्च महत्व
प्रतियोगी परीक्षाओं में तमिलनाडु को सर्वाधिक रामसर स्थलों वाले राज्यों में प्रथम के रूप में विशेष रूप से पूछा जाता है।
गोवा
नंदा झील
- नंदा झील — गोवा
हरियाणा
दो प्रमुख पक्षी एवं आर्द्रभूमि स्थल
- सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान — हरियाणा
- भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य — हरियाणा
बिहार
काबर ताल से नई आर्द्रभूमियों तक
- काबर ताल / कंवर झील — बिहार
- नागी पक्षी अभयारण्य — बिहार; 2024 में शामिल।
- नकटी पक्षी अभयारण्य — बिहार; 2024 में शामिल।
- उदयपुर झील — पश्चिम चंपारण, बिहार; 2025 में शामिल।
- गोकुल जलाशय — बक्सर, बिहार; 2025 में शामिल।
- गोगाबील झील — कटिहार, बिहार; 2025 में शामिल।
📗 महत्वपूर्ण
काबर ताल को कंवर झील के नाम से भी जाना जाता है। यह बिहार का पहला रामसर स्थल था।
आंध्र प्रदेश
कोलेरु झील
- कोलेरु झील — आंध्र प्रदेश
मणिपुर
लोकटक झील
- लोकटक झील — मणिपुर
🎯 विशेष पहचान
लोकटक झील अपने तैरते हुए वनस्पति-द्वीपों अर्थात फुमदी के लिए प्रसिद्ध है। इसी क्षेत्र में केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान स्थित है।
सिक्किम
खेचियोपलरी आर्द्रभूमि
- खेचियोपलरी आर्द्रभूमि — सिक्किम; वर्ष 2025 में रामसर स्थल के रूप में शामिल।
झारखंड
उधवा झील पक्षी अभयारण्य
- उधवा झील पक्षी अभयारण्य — झारखंड; 2025 में रामसर स्थल बना।
छत्तीसगढ़
कोपरा जलाशय
- कोपरा जलाशय — छत्तीसगढ़; वर्ष 2025 में रामसर स्थल बना और राज्य का पहला रामसर स्थल है।
अरुणाचल प्रदेश
भारत का 101वाँ रामसर स्थल
- ग्लॉ झील — अरुणाचल प्रदेश। यह कमलांग टाइगर रिजर्व एवं वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में स्थित मीठे पानी की हिमालयी झील है।
🎯 नवीनतम तथ्य
ग्लॉ झील — अरुणाचल प्रदेश का पहला रामसर स्थल — भारत का 101वाँ रामसर स्थल — अगस्त 2026।
2024 से 2026 तक जुड़े नए स्थल
पुरानी सूची अपडेट रखने के लिए
वर्ष 2024 में जुड़े 10 स्थल
- अंकसमुद्र पक्षी संरक्षण रिजर्व — कर्नाटक
- अघनाशिनी मुहाना — कर्नाटक
- मगदी केरे संरक्षण रिजर्व — कर्नाटक
- करैवेट्टी पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- लॉन्गवुड शोला रिजर्व फॉरेस्ट — तमिलनाडु
- नागी पक्षी अभयारण्य — बिहार
- नकटी पक्षी अभयारण्य — बिहार
- नांजरायण पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- काझुवेली पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- तवा जलाशय — मध्य प्रदेश
वर्ष 2025 में जुड़े 11 स्थल
- उधवा झील पक्षी अभयारण्य — झारखंड
- थेरथंगल पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- सक्कराकोट्टई पक्षी अभयारण्य — तमिलनाडु
- खेचियोपलरी आर्द्रभूमि — सिक्किम
- खीचन आर्द्रभूमि — राजस्थान
- मेनार आर्द्रभूमि परिसर — राजस्थान
- गोकुल जलाशय — बिहार
- उदयपुर झील — बिहार
- गोगाबील झील — बिहार
- कोपरा जलाशय — छत्तीसगढ़
- सिलीसेढ़ झील — राजस्थान
वर्ष 2026 में जुड़े स्थल
- पटना पक्षी अभयारण्य — उत्तर प्रदेश
- छारी-ढांढ — गुजरात
- शेखा झील पक्षी अभयारण्य — उत्तर प्रदेश; भारत का 99वाँ स्थल
- जयप्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य / सुरहा ताल — उत्तर प्रदेश; भारत का 100वाँ स्थल
- ग्लॉ झील — अरुणाचल प्रदेश; भारत का 101वाँ स्थल
महत्वपूर्ण रामसर तथ्य
प्रतियोगी परीक्षा के लिए
| तथ्य | उत्तर |
|---|---|
| रामसर सम्मेलन कहाँ हुआ? | रामसर, ईरान |
| सम्मेलन का वर्ष | 1971 |
| विश्व आर्द्रभूमि दिवस | 2 फरवरी |
| भारत रामसर सम्मेलन का पक्षकार कब बना? | 1 फरवरी 1982 |
| भारत के प्रथम रामसर स्थल | चिल्का झील एवं केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान |
| भारत में वर्तमान कुल रामसर स्थल | 101 |
| भारत का 99वाँ रामसर स्थल | शेखा झील पक्षी अभयारण्य, उत्तर प्रदेश |
| भारत का 100वाँ रामसर स्थल | जयप्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य / सुरहा ताल, उत्तर प्रदेश |
| भारत का 101वाँ रामसर स्थल | ग्लॉ झील, अरुणाचल प्रदेश |
| अरुणाचल प्रदेश का पहला रामसर स्थल | ग्लॉ झील |
| छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल | कोपरा जलाशय |
नामों में भ्रम से बचें
सही एवं प्रचलित रूप
- सुंदरवन डेल्टा क्षेत्र को रामसर सूची के संदर्भ में सुंदरबन आर्द्रभूमि लिखना अधिक उचित है।
- होकेरा / होकेर्सर के लिए प्रचलित आधिकारिक रूप होकेरसार आर्द्रभूमि है।
- चंदेरटल का प्रचलित नाम चंद्रताल है।
- काबर ताल को कंवर झील भी कहा जाता है।
- सुर सरोवर को कीठम झील भी कहा जाता है।
- जयप्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य को सुरहा ताल भी कहा जाता है।
- ओडिशा का हीराकुंड रामसर स्थल के रूप में हीराकुंड जलाशय है।
- मन्नार की खाड़ी के रामसर स्थल का नाम मन्नार की खाड़ी समुद्री जीवमंडल रिजर्व है।
त्वरित पुनरावृत्ति
एक नज़र में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य
🎯 नवीनतम क्रम
⚡ अंतिम पुनरावृत्ति
रामसर स्थल अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियाँ हैं, जिन्हें रामसर सम्मेलन के अंतर्गत मान्यता दी जाती है।
रामसर सम्मेलन — 1971 — रामसर, ईरान।
विश्व आर्द्रभूमि दिवस — प्रत्येक वर्ष 2 फरवरी।
भारत — 1 फरवरी 1982 को रामसर सम्मेलन का पक्षकार बना।
भारत के प्रथम रामसर स्थल — चिल्का झील, ओडिशा और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, राजस्थान।
भारत में वर्तमान कुल रामसर स्थल — 101।
2024 में 10 नए स्थल जुड़ने के बाद संख्या 85 तक पहुँची।
2025 में 11 और नए स्थल जुड़े तथा संख्या 96 हो गई।
2026 में पटना पक्षी अभयारण्य और छारी-ढांढ के बाद संख्या 98 हुई।
शेखा झील पक्षी अभयारण्य, उत्तर प्रदेश — भारत का 99वाँ रामसर स्थल।
जयप्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य / सुरहा ताल, उत्तर प्रदेश — भारत का 100वाँ रामसर स्थल।
ग्लॉ झील, अरुणाचल प्रदेश — भारत का 101वाँ और अरुणाचल प्रदेश का पहला रामसर स्थल।
तमिलनाडु भारत में सर्वाधिक रामसर स्थलों वाला प्रमुख राज्य है।
चिल्का झील — ओडिशा; केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान — राजस्थान; दोनों भारत के प्रथम रामसर स्थलों में शामिल हैं।
लोकटक झील — मणिपुर — फुमदी के लिए प्रसिद्ध।
काबर ताल / कंवर झील — बिहार का पहला रामसर स्थल।
त्सो मोरीरी और त्सो कर — लद्दाख की महत्वपूर्ण उच्च हिमालयी रामसर आर्द्रभूमियाँ।
सुंदरबन आर्द्रभूमि — पश्चिम बंगाल — विशाल मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र।