भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल
सांस्कृतिक, प्राकृतिक और मिश्रित धरोहर स्थल तथा सूची में शामिल होने का वर्ष
भारत की विश्व धरोहर
यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में ऐसे सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों को शामिल किया जाता है जिनका महत्व केवल किसी एक देश तक सीमित न होकर संपूर्ण मानवता के लिए असाधारण माना जाता है। भारत में प्राचीन मंदिरों, किलों, गुफाओं, ऐतिहासिक नगरों, रेलमार्गों, राष्ट्रीय उद्यानों और जैव विविधता वाले क्षेत्रों को इस सूची में स्थान मिला है।
भारत में विश्व धरोहर स्थलों की वर्तमान संख्या
भारत में कुल 45 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं। इनमें 37 सांस्कृतिक स्थल, 7 प्राकृतिक स्थल और 1 मिश्रित स्थल शामिल है।
मिश्रित विश्व धरोहर स्थल वह होता है जिसमें सांस्कृतिक और प्राकृतिक दोनों प्रकार का असाधारण महत्व पाया जाता है। भारत का मिश्रित विश्व धरोहर स्थल कंचनजंघा राष्ट्रीय उद्यान, सिक्किम है।
सांस्कृतिक विश्व धरोहर स्थल — 1983 से 1989
| स्थल | राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | सूची में शामिल होने का वर्ष |
|---|---|---|
| आगरा किला | उत्तर प्रदेश | 1983 |
| अजंता गुफाएँ | महाराष्ट्र | 1983 |
| एलोरा गुफाएँ | महाराष्ट्र | 1983 |
| ताजमहल | उत्तर प्रदेश | 1983 |
| महाबलीपुरम के स्मारकों का समूह | तमिलनाडु | 1984 |
| कोणार्क सूर्य मंदिर | ओडिशा | 1984 |
| गोवा के गिरजाघर एवं मठ | गोवा | 1986 |
| फतेहपुर सीकरी | उत्तर प्रदेश | 1986 |
| हम्पी के स्मारकों का समूह | कर्नाटक | 1986 |
| खजुराहो के स्मारकों का समूह | मध्य प्रदेश | 1986 |
| एलीफेंटा गुफाएँ | महाराष्ट्र | 1987 |
| महान जीवंत चोल मंदिर | तमिलनाडु | 1987; विस्तार 2004 |
| पत्तदकल के स्मारकों का समूह | कर्नाटक | 1987 |
| साँची के बौद्ध स्मारक | मध्य प्रदेश | 1989 |
🎯 महत्वपूर्ण तथ्य
आगरा किला, अजंता, एलोरा और ताजमहल चारों 1983 में विश्व धरोहर सूची में शामिल हुए थे।
महान जीवंत चोल मंदिर
महान जीवंत चोल मंदिर तमिलनाडु में स्थित एक क्रमिक विश्व धरोहर संपत्ति है। सबसे पहले बृहदीश्वर मंदिर, तंजावुर को 1987 में सूची में शामिल किया गया।
2004 में इसका विस्तार करके गंगैकोंडचोलपुरम का बृहदीश्वर मंदिर और दारासुरम का ऐरावतेश्वर मंदिर भी इसमें शामिल किए गए।
1990 के दशक के सांस्कृतिक स्थल
| स्थल | स्थान | वर्ष |
|---|---|---|
| हुमायूँ का मकबरा | दिल्ली | 1993 |
| कुतुब मीनार एवं उसके स्मारक | दिल्ली | 1993 |
| दार्जिलिंग हिमालयी रेलवे | पश्चिम बंगाल | 1999 |
भारत की पर्वतीय रेलें
दार्जिलिंग हिमालयी रेलवे — पश्चिम बंगाल — 1999। यह भारत की पर्वतीय रेलों के अंतर्गत सबसे पहले विश्व धरोहर सूची में शामिल हुई।
नीलगिरि पर्वतीय रेलवे — तमिलनाडु — 2005। इसे 1999 में नहीं, बल्कि दार्जिलिंग हिमालयी रेलवे की विश्व धरोहर संपत्ति के विस्तार के रूप में 2005 में जोड़ा गया।
कालका–शिमला रेलवे — हिमाचल प्रदेश — 2008। इसे भी 1999 में नहीं, बल्कि 2008 में इस क्रमिक विश्व धरोहर संपत्ति में शामिल किया गया।
इन तीनों को संयुक्त रूप से भारत की पर्वतीय रेलें कहा जाता है।
🎯 वर्ष क्रम याद रखें
दार्जिलिंग — 1999 → नीलगिरि — 2005 → कालका-शिमला — 2008
2002 से 2010 तक के सांस्कृतिक स्थल
| स्थल | राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | वर्ष |
|---|---|---|
| बोधगया का महाबोधि मंदिर परिसर | बिहार | 2002 |
| भीमबेटका के शैलाश्रय | मध्य प्रदेश | 2003 |
| चम्पानेर-पावागढ़ पुरातात्विक उद्यान | गुजरात | 2004 |
| छत्रपति शिवाजी टर्मिनस | महाराष्ट्र | 2004 |
| लाल किला परिसर | दिल्ली | 2007 |
| जंतर-मंतर, जयपुर | राजस्थान | 2010 |
राजस्थान के पहाड़ी किले
राजस्थान के पहाड़ी किले नामक क्रमिक विश्व धरोहर संपत्ति को 2013 में सूची में शामिल किया गया। इसमें कुल 6 किले हैं।
चित्तौड़गढ़ किला — राजस्थान — 2013।
कुम्भलगढ़ किला — राजस्थान — 2013।
रणथम्भौर किला — राजस्थान — 2013।
गागरोन किला — राजस्थान — 2013।
आमेर किला — राजस्थान — 2013।
जैसलमेर किला — राजस्थान — 2013। यह भी इसी विश्व धरोहर संपत्ति का छठा घटक है।
🎯 छह किले याद रखें
2014 से 2019 तक के सांस्कृतिक स्थल
| स्थल | स्थान | वर्ष |
|---|---|---|
| पाटन की रानी की वाव | गुजरात | 2014 |
| नालंदा महाविहार का पुरातात्विक स्थल | बिहार | 2016 |
| ले कोर्बुज़िए की वास्तुकला — कैपिटल कॉम्प्लेक्स | चंडीगढ़ | 2016 |
| अहमदाबाद का ऐतिहासिक शहर | गुजरात | 2017 |
| मुंबई के विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको भवन समूह | महाराष्ट्र | 2018 |
| जयपुर शहर | राजस्थान | 2019 |
📗 नालंदा में भ्रम न करें
विश्व धरोहर सूची में शामिल स्थल का आधिकारिक स्वरूप नालंदा महाविहार का पुरातात्विक स्थल है। इसे केवल आधुनिक नालंदा विश्वविद्यालय न समझें।
2021 से 2026 तक जुड़े सांस्कृतिक स्थल
| स्थल | राज्य | वर्ष |
|---|---|---|
| काकतीय रुद्रेश्वर अर्थात रामप्पा मंदिर | तेलंगाना | 2021 |
| धोलावीरा : एक हड़प्पा नगर | गुजरात | 2021 |
| शांतिनिकेतन | पश्चिम बंगाल | 2023 |
| होयसल वंश के पवित्र मंदिर समूह | कर्नाटक | 2023 |
| मोइदम्स — अहोम राजवंश की समाधि-टीला प्रणाली | असम | 2024 |
| भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य | महाराष्ट्र एवं तमिलनाडु | 2025 |
| सारनाथ का प्राचीन बौद्ध स्थल | उत्तर प्रदेश | 2026 |
होयसल वंश के पवित्र मंदिर समूह
कर्नाटक के होयसल वंश के पवित्र मंदिर समूह को 2023 में विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया।
इसमें बेलूर का चेन्नकेशव मंदिर, हलेबीडु का होयसलेश्वर मंदिर और सोमनाथपुर का केशव मंदिर शामिल हैं।
ये मंदिर होयसल काल की अत्यंत सूक्ष्म पत्थर नक्काशी और विशिष्ट मंदिर वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध हैं।
भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य
भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य को 2025 में विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया। यह कुल 12 किलों की क्रमिक धरोहर संपत्ति है।
इनमें 11 किले महाराष्ट्र में और जिंजी किला तमिलनाडु में स्थित है। ये किले सह्याद्रि पर्वत, कोंकण तट और दक्कन क्षेत्र में मराठा सैन्य रणनीति तथा किलेबंदी की विशेषताओं को दर्शाते हैं।
इनमें साल्हेर, शिवनेरी, लोहगढ़, रायगढ़, राजगढ़, प्रतापगढ़, पन्हाला, सुवर्णदुर्ग, विजयदुर्ग, सिंधुदुर्ग और अन्य संबंधित मराठा किले तथा तमिलनाडु का जिंजी किला शामिल हैं।
प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल
| स्थल | राज्य | वर्ष |
|---|---|---|
| काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान | असम | 1985 |
| केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान | राजस्थान | 1985 |
| मानस वन्यजीव अभयारण्य | असम | 1985 |
| सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान | पश्चिम बंगाल | 1987 |
| नंदा देवी एवं फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान | उत्तराखंड | 1988; विस्तार 2005 |
| पश्चिमी घाट | महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के विश्व धरोहर घटक | 2012 |
| ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान संरक्षण क्षेत्र | हिमाचल प्रदेश | 2014 |
सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान
सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान — पश्चिम बंगाल — 1987। इसे 1984 में नहीं, बल्कि 1987 में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया।
यह गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना डेल्टा क्षेत्र में स्थित विशाल मैंग्रोव वन क्षेत्र का हिस्सा है और रॉयल बंगाल टाइगर के लिए प्रसिद्ध है।
नंदा देवी एवं फूलों की घाटी
नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान — उत्तराखंड — 1988। इसे पहली बार 1988 में विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था।
फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान को 2005 में इस विश्व धरोहर स्थल में जोड़ा गया। इसके बाद संयुक्त नाम नंदा देवी एवं फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान हो गया।
इसलिए नंदा देवी एवं फूलों की घाटी — 1998 सही वर्ष नहीं है। परीक्षा में 1988 तथा विस्तार 2005 याद रखें।
पश्चिमी घाट
पश्चिमी घाट को 2012 में प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया। यह एक क्रमिक संपत्ति है जिसमें अलग-अलग संरक्षित क्षेत्र शामिल हैं।
विश्व धरोहर संपत्ति के घटक महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में स्थित हैं।
भौगोलिक रूप से पश्चिमी घाट पर्वत श्रृंखला महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और गुजरात तक फैली मानी जाती है, लेकिन यूनेस्को विश्व धरोहर के चयनित घटक सभी छह राज्यों में नहीं हैं।
⚠️ परीक्षा में अंतर समझें
पश्चिमी घाट का भौगोलिक विस्तार और यूनेस्को विश्व धरोहर के चयनित घटक एक ही बात नहीं हैं।
भारत का मिश्रित विश्व धरोहर स्थल
कंचनजंघा राष्ट्रीय उद्यान — सिक्किम — 2016। यह भारत का पहला और वर्तमान में एकमात्र मिश्रित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
इसे प्राकृतिक जैव विविधता के साथ-साथ स्थानीय धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के कारण मिश्रित श्रेणी में शामिल किया गया।
महत्वपूर्ण वर्ष क्रम
🧠 त्वरित क्रम
परीक्षा में भ्रमित करने वाले तथ्य
| विषय | सही तथ्य |
|---|---|
| सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान | पश्चिम बंगाल — 1987 |
| दार्जिलिंग हिमालयी रेलवे | पश्चिम बंगाल — 1999 |
| नीलगिरि पर्वतीय रेलवे | तमिलनाडु — 2005 |
| कालका-शिमला रेलवे | हिमाचल प्रदेश — 2008 |
| नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान | 1988 |
| फूलों की घाटी का समावेश | 2005 |
| राजस्थान के पहाड़ी किले | कुल 6 किले; जैसलमेर भी शामिल |
| कंचनजंघा राष्ट्रीय उद्यान | भारत का एकमात्र मिश्रित विश्व धरोहर स्थल |
| नालंदा | नालंदा महाविहार का पुरातात्विक स्थल — 2016 |
⚡ अंतिम त्वरित पुनरावृत्ति
भारत में कुल 45 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल — 37 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित।
1983 — आगरा किला, अजंता गुफाएँ, एलोरा गुफाएँ और ताजमहल।
1984 — महाबलीपुरम स्मारक समूह और कोणार्क सूर्य मंदिर।
1985 — काजीरंगा, केवलादेव और मानस।
1986 — गोवा के गिरजाघर एवं मठ, फतेहपुर सीकरी, हम्पी और खजुराहो।
1987 — एलीफेंटा गुफाएँ, महान जीवंत चोल मंदिर, पत्तदकल तथा सुंदरवन।
1988 — नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान; 2005 में फूलों की घाटी जोड़ी गई।
1989 — साँची के बौद्ध स्मारक।
1993 — हुमायूँ का मकबरा तथा कुतुब मीनार एवं उसके स्मारक।
भारत की पर्वतीय रेलें — दार्जिलिंग 1999, नीलगिरि 2005, कालका-शिमला 2008।
2002 — महाबोधि मंदिर परिसर, बोधगया।
2003 — भीमबेटका के शैलाश्रय।
2004 — चम्पानेर-पावागढ़ तथा छत्रपति शिवाजी टर्मिनस।
2007 — लाल किला परिसर; 2010 — जंतर-मंतर, जयपुर।
2012 — पश्चिमी घाट।
2013 — राजस्थान के छह पहाड़ी किले — चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथम्भौर, गागरोन, आमेर और जैसलमेर।
2014 — रानी की वाव तथा ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान संरक्षण क्षेत्र।
2016 — नालंदा महाविहार पुरातात्विक स्थल, चंडीगढ़ का कैपिटल कॉम्प्लेक्स और कंचनजंघा राष्ट्रीय उद्यान।
2017 — अहमदाबाद का ऐतिहासिक शहर।
2018 — मुंबई के विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको भवन समूह।
2019 — जयपुर शहर।
2021 — रामप्पा मंदिर और धोलावीरा।
2023 — शांतिनिकेतन और होयसल वंश के पवित्र मंदिर समूह।
2024 — असम के मोइदम्स।
2025 — भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य।
2026 — सारनाथ का प्राचीन बौद्ध स्थल।
भारत का एकमात्र मिश्रित विश्व धरोहर स्थल — कंचनजंघा राष्ट्रीय उद्यान, सिक्किम।