भारत में वन्यजीव संरक्षण
अधिनियम, परियोजनाएँ, राष्ट्रीय उद्यान, टाइगर रिजर्व और महत्वपूर्ण तथ्य
वन्यजीव संरक्षण का परिचय
भारत में वन्यजीव संरक्षण के लिए कानून, राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य, जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र, टाइगर रिजर्व तथा विशेष प्रजाति संरक्षण परियोजनाएँ चलाई जाती हैं। इनसे संबंधित वर्ष, परियोजना, संरक्षित क्षेत्र और प्रसिद्ध प्रजाति प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।
बाघ, हाथी, गिद्ध और डॉल्फिन के संदर्भ में सभी व्यवस्थाएँ अलग-अलग “अधिनियम” नहीं हैं। कई वास्तव में परियोजनाएँ, संरक्षण कार्यक्रम या राष्ट्रीय घोषणाएँ हैं।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972
भारत में वन्यजीव संरक्षण का प्रमुख केंद्रीय कानून
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 भारत में वन्यजीवों, पक्षियों और पौधों की रक्षा तथा संरक्षित क्षेत्रों की व्यवस्था के लिए बनाया गया प्रमुख केंद्रीय कानून है।
राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य और विभिन्न संरक्षित प्रजातियों से संबंधित कानूनी संरक्षण में इस अधिनियम की महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रोजेक्ट टाइगर — 1973
बाघ और उसके प्राकृतिक आवास का संरक्षण
भारत सरकार ने बाघों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के लिए 1 अप्रैल 1973 को प्रोजेक्ट टाइगर शुरू किया।
इसे “राष्ट्रीय बाघ संरक्षण अधिनियम, 1973” नहीं कहा जाता। यह बाघ संरक्षण परियोजना है।
बाद में बाघ संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण स्थापित किया गया।
मगरमच्छ संरक्षण परियोजना
मगरमच्छ, घड़ियाल और खारे पानी के मगरमच्छों का संरक्षण
भारत में मगरमच्छों की घटती संख्या को देखते हुए 1970 के दशक में मगरमच्छ संरक्षण परियोजना शुरू की गई।
इसे “मगरमच्छ आरक्षण अधिनियम, 1974” कहना सही नहीं है।
इस संरक्षण प्रयास का उद्देश्य घड़ियाल, मगरमच्छ और खारे पानी के मगरमच्छ सहित संकटग्रस्त मगरमच्छ प्रजातियों की संख्या बढ़ाना और उनके आवासों की रक्षा करना था।
प्रोजेक्ट एलीफेंट — 1992
हाथियों और उनके आवागमन गलियारों की सुरक्षा
भारत सरकार ने 1992 में प्रोजेक्ट एलीफेंट शुरू किया।
इसका उद्देश्य जंगली हाथियों, उनके प्राकृतिक आवासों और हाथी गलियारों का संरक्षण करना तथा मानव–हाथी संघर्ष को कम करना है।
इसे “हाथी आरक्षण अधिनियम, 1992” नहीं कहा जाता।
गिद्ध संरक्षण
डाइक्लोफेनाक और गिद्धों की संख्या में गिरावट
भारत में गिद्धों की संख्या में बहुत तेज गिरावट का एक प्रमुख कारण पशुओं के उपचार में प्रयुक्त डाइक्लोफेनाक दवा थी।
पशु-चिकित्सा में डाइक्लोफेनाक के उपयोग पर 2006 में प्रतिबंध लगाया गया। इसलिए इसे “गिद्ध आरक्षण अधिनियम, 2006” कहना सही नहीं है।
गिद्ध संरक्षण के लिए प्रजनन केंद्र, गिद्ध सुरक्षित क्षेत्र और विशेष संरक्षण कार्ययोजनाएँ विकसित की गईं।
गिद्ध संरक्षण कार्ययोजना 2020–2025 ने भी गिद्धों की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण पर जोर दिया।
गंगा डॉल्फिन और प्रोजेक्ट डॉल्फिन
भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव
भारत सरकार ने 2009 में गंगा नदी डॉल्फिन को भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया।
इसलिए “डॉल्फिन आरक्षण अधिनियम, 2009” लिखना सही नहीं है।
डॉल्फिन और उनके आवासों के संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट डॉल्फिन की घोषणा 2020 में की गई।
सबसे बड़ा, पहला और सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान
बहुत महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य
🌿 राष्ट्रीय उद्यान के रिकॉर्ड
भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान — हेमिस राष्ट्रीय उद्यान। यह लद्दाख में स्थित है और हिम तेंदुए के लिए प्रसिद्ध है।
भारत का पहला और सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान — जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान। इसकी स्थापना 1936 में हुई थी। इसका प्रारंभिक नाम हैली राष्ट्रीय उद्यान था।
भारत का सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान — साउथ बटन द्वीप राष्ट्रीय उद्यान। यह अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में स्थित है।
प्रसिद्ध वन्यजीव संरक्षण व्यक्तित्व
बर्डमैन और टाइगर मैन
डॉ. सलीम अली भारत के महान पक्षी विज्ञानी थे। उन्हें “भारत का बर्डमैन” कहा जाता है।
कैलाश सांखला प्रसिद्ध भारतीय वन्यजीव संरक्षणवादी थे। उन्हें “भारत का टाइगर मैन” कहा जाता है। वे प्रोजेक्ट टाइगर के प्रथम निदेशक थे।
भारत में संरक्षित क्षेत्रों की संख्या
राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, जैवमंडल और टाइगर रिजर्व
🎯 वर्तमान परीक्षा तथ्य
राष्ट्रीय उद्यान — 106।
वन्यजीव अभयारण्य — 574।
जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र — 18।
टाइगर रिजर्व — 58।
मध्य प्रदेश राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या के संदर्भ में भारत के सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में है और सामान्य प्रतियोगी परीक्षाओं में इसे सर्वाधिक राष्ट्रीय उद्यान वाले राज्य के रूप में पूछा जाता है।
भारत का सबसे बड़ा और सबसे छोटा टाइगर रिजर्व
क्षेत्रफल आधारित महत्वपूर्ण तथ्य
भारत का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व — नागार्जुनसागर–श्रीशैलम टाइगर रिजर्व। यह नल्लमाला वन क्षेत्र में फैला है और मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश से संबंधित है।
भारत का सबसे छोटा टाइगर रिजर्व — बोर टाइगर रिजर्व। यह महाराष्ट्र में स्थित है।
नवीन टाइगर रिजर्व
56वाँ, 57वाँ और 58वाँ टाइगर रिजर्व
गुरु घासीदास–तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ में स्थित है और 2024 में भारत का 56वाँ टाइगर रिजर्व बना। इसे 53वाँ कहना सही नहीं है।
रातापानी टाइगर रिजर्व — मध्य प्रदेश — 57वाँ टाइगर रिजर्व।
माधव टाइगर रिजर्व — मध्य प्रदेश — 58वाँ टाइगर रिजर्व।
अत्यंत महत्वपूर्ण भ्रम
इन पंक्तियों को इसी रूप में याद रखें
⚠️ परीक्षा में गलती न करें
1972 — वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम।
1973 — प्रोजेक्ट टाइगर, कोई अलग बाघ संरक्षण अधिनियम नहीं।
मगरमच्छ संरक्षण — परियोजना, अलग 1974 का मगरमच्छ अधिनियम नहीं।
1992 — प्रोजेक्ट एलीफेंट, हाथी आरक्षण अधिनियम नहीं।
2006 — पशु-चिकित्सा में डाइक्लोफेनाक पर प्रतिबंध; गिद्ध आरक्षण अधिनियम नहीं।
2009 — गंगा डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया।
2020 — प्रोजेक्ट डॉल्फिन की घोषणा।
गुरु घासीदास–तमोर पिंगला — 56वाँ टाइगर रिजर्व।
भारत में टाइगर रिजर्व — 58।
वन्यजीव अभयारण्य — 574।
त्वरित पुनरावृत्ति
एसएससी और रेलवे के लिए
⚡ एक नज़र में
⚡ अंतिम पुनरावृत्ति बिंदु
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम — 1972।
प्रोजेक्ट टाइगर — 1973।
प्रोजेक्ट एलीफेंट — 1992।
गंगा डॉल्फिन — भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव — 2009।
प्रोजेक्ट डॉल्फिन — 2020।
सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान — हेमिस — लद्दाख।
सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान — जिम कॉर्बेट — उत्तराखंड — 1936।
सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान — साउथ बटन द्वीप — अंडमान और निकोबार।
सलीम अली — भारत के बर्डमैन।
कैलाश सांखला — भारत के टाइगर मैन।
राष्ट्रीय उद्यान — 106।
वन्यजीव अभयारण्य — 574।
जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र — 18।
टाइगर रिजर्व — 58।
सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व — नागार्जुनसागर–श्रीशैलम।
सबसे छोटा टाइगर रिजर्व — बोर — महाराष्ट्र।
गुरु घासीदास–तमोर पिंगला — छत्तीसगढ़ — 56वाँ।
रातापानी — मध्य प्रदेश — 57वाँ।
माधव — मध्य प्रदेश — 58वाँ।