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भारत की प्रमुख कृषि एवं संबद्ध संस्थाएँ
AGRICULTURAL & ALLIED INSTITUTIONS OF INDIA

भारत की प्रमुख कृषि एवं संबद्ध संस्थाएँ

बागवानी, डेयरी, मत्स्य, बीज, रेशम, मसाले, हल्दी, तिलहन, दलहन और कपास

कृषि उत्पादन से जुड़ी प्रमुख संस्थाएँ

भारत में कृषि, बागवानी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, बीज, रेशम, मसाले और अन्य कृषि उत्पादों के विकास के लिए अनेक बोर्ड, निगम, निदेशालय और मिशन कार्य करते हैं। इन सभी संस्थाओं को सामान्य रूप से “कृषि उत्पादन बोर्ड” कहना पूरी तरह सही नहीं है, क्योंकि इनमें कुछ बोर्ड, कुछ निगम, कुछ निदेशालय और कुछ राष्ट्रीय मिशन हैं।

01

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की स्थापना भारत सरकार द्वारा 1984 में बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए की गई थी।

यह फलों, सब्जियों, फूलों और अन्य बागवानी उत्पादों के उत्पादन, भंडारण, शीत शृंखला तथा व्यावसायिक बागवानी के विकास में सहायता करता है।

इसका मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में है।

इसलिए इसे नोएडा, उत्तर प्रदेश में स्थित बताना सही नहीं है।

02

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड भारत के डेयरी और दुग्ध सहकारी क्षेत्र की प्रमुख संस्था है।

यह दुग्ध उत्पादन, दुग्ध सहकारी समितियों, पशुपालकों की आय और डेयरी क्षेत्र की मूल्य शृंखला के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसका मुख्यालय आनंद, गुजरात में है।

भारत की श्वेत क्रांति और ऑपरेशन फ्लड से भी इस संस्था का गहरा संबंध रहा है।

03

भारतीय खाद्य निगम

भारतीय खाद्य निगम खाद्यान्न की सरकारी खरीद, भंडारण और सार्वजनिक वितरण व्यवस्था की प्रमुख संस्था है।

यह विशेष रूप से गेहूँ और धान की सरकारी खरीद तथा केंद्रीय खाद्यान्न भंडार के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।

04

राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड

राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड की स्थापना 2006 में मत्स्य और जलीय कृषि क्षेत्र के विकास के लिए की गई।

यह मछली उत्पादन, उत्पादकता, जलीय कृषि, प्रसंस्करण और मत्स्य विपणन से संबंधित विकासात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देता है।

इसका मुख्यालय हैदराबाद, तेलंगाना में है।

इसे नई दिल्ली में स्थित बताना सही नहीं है।

05

राष्ट्रीय बीज निगम

सही नाम राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड है, न कि “भारतीय बीज निगम”।

इसकी स्थापना 1963 में की गई थी।

यह आधार एवं प्रमाणित बीजों के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की संस्था है।

इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।

06

पशुपालन से संबंधित संस्था

राष्ट्रीय पशुपालन बोर्ड” नाम से नई दिल्ली मुख्यालय वाली कोई प्रमुख मानक केंद्रीय कृषि उत्पादन संस्था परीक्षा के लिए सुरक्षित तथ्य नहीं है।

पशुपालन क्षेत्र का प्रमुख केंद्रीय प्रशासनिक कार्य पशुपालन एवं डेयरी विभाग के माध्यम से किया जाता है।

यदि प्रश्न भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के बारे में हो, तो यह अलग संस्था है और इसका संबंध पशु कल्याण से है, कृषि उत्पादन से नहीं।

भारतीय पशु कल्याण बोर्ड का मुख्यालय बल्लभगढ़, फरीदाबाद, हरियाणा में है।

07

फसल बीमा से संबंधित संस्था

राष्ट्रीय फसलीय बीमा बोर्ड” नाम से मुंबई मुख्यालय वाली केंद्रीय संस्था वर्तमान मानक संस्थागत संरचना का हिस्सा नहीं है।

भारत में फसल बीमा का प्रमुख सरकारी कार्यक्रम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना है।

फसल बीमा के कार्यान्वयन में भारतीय कृषि बीमा कंपनी तथा अन्य अधिसूचित बीमा कंपनियाँ भाग लेती हैं।

इसलिए “राष्ट्रीय फसलीय बीमा बोर्ड — मुंबई” को परीक्षा तथ्य के रूप में याद नहीं करना चाहिए।

08

तिलहन विकास

राष्ट्रीय तिलहन विकास बोर्ड — नागपुर” वर्तमान मानक केंद्रीय संस्था नहीं है।

तिलहन फसलों के विकास से संबंधित कार्यों में तिलहन विकास निदेशालय महत्वपूर्ण संस्था है।

वर्तमान में खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन भी प्रमुख कार्यक्रम है।

इसलिए पुराने “राष्ट्रीय तिलहन विकास बोर्ड” नाम को वर्तमान संस्था के रूप में याद करना उचित नहीं है।

09

दलहन विकास

राष्ट्रीय दाल विकास बोर्ड” नाम की नई दिल्ली स्थित कोई मानक केंद्रीय संस्था वर्तमान आधिकारिक व्यवस्था में नहीं है।

दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार विभिन्न मिशनों और कार्यक्रमों के माध्यम से कार्य करती है।

वर्तमान में दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन देश में दलहन उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने का प्रमुख कार्यक्रम है।

इसलिए “राष्ट्रीय दाल विकास बोर्ड — नई दिल्ली” को वर्तमान तथ्य के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।

10

केंद्रीय रेशम बोर्ड

सही नाम केंद्रीय रेशम बोर्ड है, न कि “राष्ट्रीय रेशम बोर्ड”।

यह भारत में रेशम उत्पादन, अनुसंधान, तकनीकी विकास और रेशम उद्योग को बढ़ावा देने वाली प्रमुख वैधानिक संस्था है।

इसका मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में है।

🎯 याद रखें

केंद्रीय रेशम बोर्ड — बेंगलुरु

11

कपास से संबंधित प्रमुख संस्था

राष्ट्रीय कपास बोर्ड — मुंबई” वर्तमान मानक केंद्रीय संस्था का सही नाम नहीं है।

कपास की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद में भारतीय कपास निगम केंद्रीय नोडल एजेंसी की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारतीय कपास निगम का मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में है।

कपास उत्पादन और तकनीकी विकास के लिए कृषि मंत्रालय के अंतर्गत कपास विकास निदेशालय भी कार्य करता है।

12

काष्ठ विकास

राष्ट्रीय काष्ठ बोर्ड — नई दिल्ली” नाम से कृषि उत्पादन क्षेत्र की कोई प्रमुख मानक केंद्रीय संस्था नहीं है।

वानिकी, वृक्षारोपण और काष्ठ संसाधनों का विकास मुख्यतः पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा संबंधित राज्य वन विभागों के माध्यम से किया जाता है।

इसलिए इसे अन्य कृषि कमोडिटी बोर्डों की तरह सूचीबद्ध करना उचित नहीं है।

13

राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड

राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड भारत की नई महत्वपूर्ण कृषि-वाणिज्य संस्था है।

इसे जनवरी 2025 में औपचारिक रूप से शुरू किया गया।

इसका उद्देश्य हल्दी किसानों के हितों की रक्षा, उत्पादन गुणवत्ता, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देना है।

इसका मुख्यालय निजामाबाद, तेलंगाना में है।

इसलिए “राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड — नई दिल्ली” अब सही नहीं है।

🎯 नया परीक्षा तथ्य

राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड — 2025 — निजामाबाद, तेलंगाना

14

मसाला बोर्ड

सही नाम मसाला बोर्ड भारत है।

इसका गठन 1987 में मसाला बोर्ड अधिनियम, 1986 के अंतर्गत किया गया।

यह भारतीय मसालों के विकास और निर्यात संवर्धन से संबंधित प्रमुख संस्था है।

इसका मुख्यालय कोच्चि, केरल में है।

इसे गांधीनगर, गुजरात में स्थित बताना गलत है।

15

सब्जी विकास

राष्ट्रीय सब्जी विकास बोर्ड — नई दिल्ली” नाम से वर्तमान में कोई मानक केंद्रीय बोर्ड नहीं है।

सब्जियों का विकास व्यापक रूप से बागवानी क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड और एकीकृत बागवानी विकास मिशन जैसी व्यवस्थाएँ फल और सब्जी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

टमाटर, प्याज और आलू जैसी प्रमुख सब्जियों की मूल्य शृंखला के लिए ऑपरेशन ग्रीन्स जैसी योजना भी चलाई जाती है।

16

सही संस्थाएँ और मुख्यालय — एक नज़र में

संस्था मुख्यालय मुख्य क्षेत्र
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड गुरुग्राम, हरियाणा बागवानी
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड आनंद, गुजरात डेयरी
भारतीय खाद्य निगम नई दिल्ली खाद्यान्न खरीद एवं भंडारण
राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड हैदराबाद, तेलंगाना मत्स्य एवं जलीय कृषि
राष्ट्रीय बीज निगम नई दिल्ली बीज उत्पादन एवं विपणन
केंद्रीय रेशम बोर्ड बेंगलुरु, कर्नाटक रेशम
मसाला बोर्ड कोच्चि, केरल मसाला एवं निर्यात
राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड निजामाबाद, तेलंगाना हल्दी
भारतीय कपास निगम मुंबई, महाराष्ट्र कपास खरीद एवं विपणन
भारतीय पशु कल्याण बोर्ड बल्लभगढ़, फरीदाबाद, हरियाणा पशु कल्याण
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गलत या अमानक नाम — परीक्षा सावधानी

पुराना/भ्रमित नाम सही स्थिति
भारतीय बीज निगम सही नाम — राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड
राष्ट्रीय पशुपालन बोर्ड ऐसी मानक कृषि उत्पादन संस्था नहीं; पशुपालन एवं डेयरी विभाग अलग है
राष्ट्रीय फसलीय बीमा बोर्ड वर्तमान मानक संस्था नहीं
राष्ट्रीय तिलहन विकास बोर्ड वर्तमान में तिलहन विकास निदेशालय एवं राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन महत्वपूर्ण
राष्ट्रीय दाल विकास बोर्ड वर्तमान मानक बोर्ड नहीं; दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन महत्वपूर्ण
राष्ट्रीय रेशम बोर्ड सही नाम — केंद्रीय रेशम बोर्ड
राष्ट्रीय कपास बोर्ड कपास खरीद में भारतीय कपास निगम प्रमुख केंद्रीय नोडल एजेंसी
राष्ट्रीय काष्ठ बोर्ड ऐसी मानक कृषि कमोडिटी संस्था नहीं
राष्ट्रीय सब्जी विकास बोर्ड ऐसा मानक केंद्रीय बोर्ड नहीं; सब्जियाँ बागवानी कार्यक्रमों के अंतर्गत
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मुख्यालय याद रखने के लिए

⚡ त्वरित पुनरावृत्ति

बागवानी — गुरुग्राम डेयरी — आनंद मत्स्य — हैदराबाद
बीज — नई दिल्ली रेशम — बेंगलुरु मसाला — कोच्चि
हल्दी — निजामाबाद कपास निगम — मुंबई

⚡ अंतिम पुनरावृत्ति बिंदु

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड — गुरुग्राम, हरियाणा

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड — आनंद, गुजरात

भारतीय खाद्य निगम — नई दिल्ली

राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड — हैदराबाद, तेलंगाना

राष्ट्रीय बीज निगम — नई दिल्ली

“भारतीय बीज निगम” के स्थान पर राष्ट्रीय बीज निगम सही नाम है।

केंद्रीय रेशम बोर्ड — बेंगलुरु, कर्नाटक

मसाला बोर्ड — कोच्चि, केरल

राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड — निजामाबाद, तेलंगाना

राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड को 2025 में शुरू किया गया।

कपास की सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीद में भारतीय कपास निगम प्रमुख केंद्रीय नोडल एजेंसी है।

“राष्ट्रीय दाल विकास बोर्ड” के स्थान पर वर्तमान में दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन महत्वपूर्ण है।

तिलहन क्षेत्र में वर्तमान प्रमुख कार्यक्रम राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन है।

“राष्ट्रीय सब्जी विकास बोर्ड” नाम का अलग मानक केंद्रीय बोर्ड नहीं है; सब्जियाँ मुख्यतः बागवानी विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत आती हैं।

कृषि से जुड़ी प्रत्येक संस्था “बोर्ड” नहीं होती—कुछ बोर्ड, निगम, निदेशालय और राष्ट्रीय मिशन हैं।

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