भारत की प्रमुख सरकारी योजनाएँ एवं अभियान
1969 से 2020 तक की प्रमुख योजनाएँ, मिशन, अभियान और परीक्षा-उपयोगी तथ्य
सरकारी योजनाएँ एवं अभियान
भारत सरकार समय-समय पर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, आवास, पेयजल, वित्तीय समावेशन, ऊर्जा, स्वच्छता और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएँ, मिशन और अभियान शुरू करती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में इनके आरंभ वर्ष, संबंधित मंत्रालय और मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से पूछे जाते हैं।
किसी योजना का मंत्रालय समय के साथ मंत्रालयों के पुनर्गठन के कारण बदल सकता है। इसलिए पुराने कार्यक्रमों के साथ उस समय का मंत्रालय और वर्तमान संदर्भ दोनों समझना उपयोगी है।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था — 1969
नागरिक घटनाओं का विधिक पंजीकरण
जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 भारत में जन्म और मृत्यु के अनिवार्य पंजीकरण के लिए विधिक आधार प्रदान करता है। इसे सामान्य अर्थ में “जन्म और मृत्यु पंजीकरण योजना” कहना पूरी तरह सही नहीं है, क्योंकि यह मूल रूप से एक केंद्रीय अधिनियम और उसके अंतर्गत स्थापित पंजीकरण व्यवस्था है।
संबंधित मंत्रालय — गृह मंत्रालय। भारत के महापंजीयक के अंतर्गत नागरिक पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से इसका प्रशासन किया जाता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रत्येक जन्म और मृत्यु का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार करना तथा जनसंख्या, स्वास्थ्य और प्रशासनिक योजना के लिए विश्वसनीय आँकड़े उपलब्ध कराना है।
पेट्रोलियम संरक्षण अभियान — 1970 के दशक से विकास
ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण
भारत में पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण के लिए संगठित प्रयास 1970 के दशक में तेल संकट के बाद तेज हुए। बाद में पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत ऊर्जा संरक्षण के प्रमुख संस्थागत माध्यम के रूप में विकसित किया गया।
संबंधित मंत्रालय — पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय।
मुख्य उद्देश्य पेट्रोलियम उत्पादों की बचत, ऊर्जा दक्षता, ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग और वैकल्पिक तथा स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इसलिए केवल “पेट्रोलियम संरक्षण अभियान — 1970” को किसी एक निश्चित केंद्रीय योजना के आरंभ वर्ष के रूप में याद करने के बजाय इसे भारत के पेट्रोलियम संरक्षण आंदोलन के प्रारंभिक काल से जोड़ना अधिक सुरक्षित है।
राष्ट्रीय साक्षरता मिशन — 1988
वयस्कों में कार्यात्मक साक्षरता
राष्ट्रीय साक्षरता मिशन की शुरुआत 5 मई 1988 को की गई थी। इसका प्रमुख उद्देश्य विशेष रूप से वयस्क निरक्षरों को कार्यात्मक साक्षरता प्रदान करना था।
उस समय यह मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत संचालित था। वर्तमान में शिक्षा संबंधी केंद्रीय कार्य शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं।
मिशन का विशेष ध्यान 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के निरक्षर लोगों को पढ़ने, लिखने और दैनिक जीवन में आवश्यक गणना की क्षमता प्रदान करने पर था।
राजीव गांधी राष्ट्रीय पेयजल मिशन
ग्रामीण पेयजल व्यवस्था
पुरानी सामान्य ज्ञान पुस्तकों में कभी-कभी “राजीव गांधी जीवन जल योजना — 1996” लिखा मिलता है, लेकिन इस नाम और वर्ष से कोई प्रमुख मानक केंद्रीय योजना याद करना उचित नहीं है। इससे संबंधित महत्वपूर्ण केंद्रीय कार्यक्रम राजीव गांधी राष्ट्रीय पेयजल मिशन था।
राष्ट्रीय पेयजल मिशन की शुरुआत 1980 के दशक में हुई और बाद में इसका नाम राजीव गांधी राष्ट्रीय पेयजल मिशन रखा गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्धता को बढ़ाना था।
यह क्षेत्र बाद में ग्रामीण पेयजल कार्यक्रमों और अंततः जल जीवन मिशन के रूप में आगे विकसित हुआ।
⚠️ परीक्षा में सावधानी
“राजीव गांधी जीवन जल योजना — 1996” की जगह राजीव गांधी राष्ट्रीय पेयजल मिशन नाम याद करना अधिक सुरक्षित है।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना — 1998
किसानों को सरल कृषि ऋण
किसान क्रेडिट कार्ड योजना वर्ष 1998 में शुरू की गई। इसका उद्देश्य किसानों को खेती और कृषि से संबंधित आवश्यकताओं के लिए समय पर और सरल संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना है।
इस योजना की मॉडल रूपरेखा तैयार करने में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसे बैंकों के माध्यम से लागू किया गया।
किसान इसके माध्यम से बीज, उर्वरक, कीटनाशक तथा अन्य कृषि निवेश के लिए आवश्यक अल्पकालिक ऋण प्राप्त कर सकते हैं। बाद में पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी संबद्ध गतिविधियों के लिए भी इसका विस्तार किया गया।
प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना — 2000-01
ग्रामीण बुनियादी सेवाओं का विकास
पुरानी सूची में दिया गया “प्रधानमंत्री विकास योजना — 2000” नाम सटीक नहीं है। वर्ष 2000-01 के संदर्भ में महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना थी।
इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य, प्राथमिक शिक्षा, आवास, पेयजल और ग्रामीण संपर्क जैसी मूलभूत सेवाओं की स्थिति सुधारना था।
इसे राज्यों को अतिरिक्त केंद्रीय सहायता के माध्यम से लागू किया गया और ग्रामीण सामाजिक तथा आधारभूत संरचना को मजबूत करना इसका प्रमुख उद्देश्य था।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना — 2000
ग्रामीण क्षेत्रों को बारहमासी सड़क संपर्क
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत 25 दिसंबर 2000 को की गई।
संबंधित मंत्रालय — ग्रामीण विकास मंत्रालय।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य पात्र और सड़क-संपर्क से वंचित ग्रामीण बस्तियों को हर मौसम में उपयोग योग्य सड़कों से जोड़ना है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार तक ग्रामीण आबादी की पहुँच बेहतर होती है।
शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाएँ — 2005
आवास और शहरी बुनियादी सेवाएँ
शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाएँ वर्ष 2005 में शुरू किए गए जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन का एक महत्वपूर्ण उप-मिशन था।
इसका उद्देश्य झुग्गी-बस्ती निवासियों और शहरी गरीबों को आवास, जलापूर्ति, स्वच्छता और अन्य आवश्यक आधारभूत सेवाएँ उपलब्ध कराना था।
यह केवल एक सामान्य “मूलभूत सेवाएँ योजना” नहीं थी, बल्कि शहरी नवीकरण मिशन के अंतर्गत विशेष कार्यक्रम था।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना — 2005
ग्रामीण बिजली आधारभूत संरचना
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना वर्ष 2005 में ग्रामीण विद्युतीकरण को तेज करने के लिए शुरू की गई।
यह उस समय विद्युत मंत्रालय से संबंधित योजना थी।
इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली वितरण आधारभूत संरचना विकसित करना, गाँवों का विद्युतीकरण और गरीब ग्रामीण परिवारों तक बिजली पहुँचाना था।
बाद में इसे दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में समाहित कर दिया गया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना — 2008
गरीब परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना वर्ष 2008 में लागू हुई। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित स्वास्थ्य व्यय के विरुद्ध वित्तीय सुरक्षा देना था।
इस योजना की शुरुआत के समय इसका प्रशासन श्रम और रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत था; बाद में इसे स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को स्थानांतरित किया गया।
इसलिए इसे शुरू से ही स्वास्थ्य मंत्रालय की योजना मानना पूरी तरह सही नहीं है। बाद में स्वास्थ्य सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के रूप में विकसित हुई।
शिक्षा संबंधी प्रमुख व्यवस्था — 2009
शिक्षा का अधिकार
“प्रधानमंत्री शिक्षा योजना — 2009” नाम से कोई मानक प्रमुख केंद्रीय योजना प्रतियोगी परीक्षाओं में स्थापित नहीं है।
वर्ष 2009 में शिक्षा क्षेत्र का अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य बच्चों का निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 है। यह 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ।
इसका उद्देश्य 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना है।
आधार — 2009
विशिष्ट पहचान संख्या
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की स्थापना वर्ष 2009 में की गई। आधार संख्या 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या है।
आधार को “हर भारतीय नागरिक को नागरिकता पहचान देने वाली योजना” कहना सही नहीं है। आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है और पात्र निवासी निर्धारित नियमों के अनुसार आधार प्राप्त कर सकते हैं।
पहला आधार संख्या 2010 में जारी किया गया था।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत एक वैधानिक प्राधिकरण है।
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन — 2013
शहरी गरीबों को रोजगार और स्वरोजगार
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की शुरुआत 24 सितंबर 2013 को की गई। इसका उद्देश्य शहरी गरीब परिवारों की गरीबी और असुरक्षा को कम करना है।
यह कौशल प्रशिक्षण, रोजगार, स्वरोजगार, संस्थागत ऋण, शहरी बेघरों के लिए आश्रय तथा रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका से संबंधित सहायता प्रदान करता है।
आरंभ के समय यह आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय से संबंधित था। बाद में इसका नाम दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन कर दिया गया और वर्तमान शहरी प्रशासन आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत है।
प्रधानमंत्री जन धन योजना — 2014
वित्तीय समावेशन
प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरुआत 28 अगस्त 2014 को की गई।
संबंधित मंत्रालय — वित्त मंत्रालय।
इसका मुख्य उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं से वंचित लोगों को बैंक खाते, धन-प्रेषण, ऋण, बीमा और पेंशन जैसी औपचारिक वित्तीय सेवाओं से जोड़ना है।
यह भारत की वित्तीय समावेशन रणनीति का प्रमुख आधार बनी और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को व्यापक बनाने में भी सहायक हुई।
स्वच्छ भारत मिशन — 2014
स्वच्छता और खुले में शौच से मुक्ति
स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को की गई।
इसके दो प्रमुख भाग रहे—स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और स्वच्छ भारत मिशन शहरी।
ग्रामीण भाग पहले पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के अधीन था और वर्तमान में जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग से संबंधित है। शहरी भाग आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत है।
इसका उद्देश्य खुले में शौच की प्रथा समाप्त करना, शौचालय निर्माण, व्यवहार परिवर्तन, ठोस और तरल कचरा प्रबंधन तथा स्वच्छता को बढ़ावा देना है।
नमामि गंगे कार्यक्रम — 2014
गंगा नदी का संरक्षण और पुनर्जीवन
नमामि गंगे को वर्ष 2014 में गंगा नदी के प्रदूषण नियंत्रण, संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए एक समेकित कार्यक्रम के रूप में स्वीकृत किया गया।
वर्तमान में यह जल शक्ति मंत्रालय से संबंधित है।
इसके प्रमुख कार्यों में सीवेज उपचार संयंत्र, नदी सतह की सफाई, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, घाट और श्मशान विकास, जैव विविधता संरक्षण और जन-जागरूकता शामिल हैं।
मेक इन इंडिया — 2014
भारत में विनिर्माण और निवेश को बढ़ावा
मेक इन इंडिया अभियान की शुरुआत 25 सितंबर 2014 को की गई।
संबंधित मंत्रालय — वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय।
इसका उद्देश्य भारत को प्रमुख विनिर्माण केंद्र बनाना, निवेश आकर्षित करना, नवाचार को बढ़ावा देना, कौशल विकास और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करना है।
स्वास्थ्य संबंधी प्रमुख पहलें — 2014
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का चरण
“स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण योजना — 2014” नाम से कोई एक प्रमुख केंद्रीय योजना नहीं है। यह नाम सामान्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए प्रयुक्त वर्णन जैसा है।
वर्ष 2014 में स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण पहलों में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम और मिशन इंद्रधनुष उल्लेखनीय हैं।
मिशन इंद्रधनुष का उद्देश्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं में टीकाकरण कवरेज बढ़ाना है।
इन कार्यक्रमों का संबंध स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से है।
एकीकृत बागवानी विकास मिशन — 2014-15
फल, सब्जी, फूल और बागवानी विकास
पुरानी सूची में दिए गए “उद्यान विकास योजना — 2014” का परीक्षा-सुरक्षित सही संदर्भ एकीकृत बागवानी विकास मिशन है, जिसे 2014-15 से लागू किया गया।
संबंधित मंत्रालय — कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय।
इसका उद्देश्य फल, सब्जियाँ, जड़ और कंद फसलें, मशरूम, मसाले, फूल, सुगंधित पौधे, नारियल, काजू और अन्य बागवानी फसलों का समग्र विकास करना है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना — 2015
सूक्ष्म उद्यमों को ऋण
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को की गई।
संबंधित मंत्रालय — वित्त मंत्रालय।
इसका उद्देश्य गैर-कॉरपोरेट और गैर-कृषि छोटे तथा सूक्ष्म उद्यमों को संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना है।
मुद्रा ऋण सामान्यतः बिना जमानत उपलब्ध कराने की व्यवस्था से जुड़ा है। पारंपरिक श्रेणियाँ शिशु, किशोर और तरुण हैं। बाद में ऋण सीमा से संबंधित नई श्रेणियाँ भी जोड़ी गई हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना — शहरी — 2015
शहरी परिवारों के लिए आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी की शुरुआत 25 जून 2015 को की गई।
आरंभ में यह शहरी विकास/आवास से संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के अंतर्गत थी; वर्तमान में इसका संबंध आवास और शहरी कार्य मंत्रालय से है।
इसका उद्देश्य पात्र शहरी परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने में सहायता करना था।
इसे ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना से अलग समझें; ग्रामीण योजना 2016 में शुरू हुई।
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना
सस्ती गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएँ
जन औषधि कार्यक्रम की मूल शुरुआत 2008 में हुई थी। बाद में इसे पुनर्गठित और विस्तारित किया गया तथा वर्तमान में इसे प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के नाम से जाना जाता है।
इसलिए इसे केवल “प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र योजना — 2015” के रूप में आरंभ हुई योजना मानना सही नहीं है।
संबंधित मंत्रालय — रसायन और उर्वरक मंत्रालय का औषध विभाग।
इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएँ आम लोगों को बाजार मूल्य की तुलना में किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है।
भारतनेट
ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड संपर्क
भारतनेट की मूल परियोजना पहले राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के नाम से शुरू हुई थी। वर्ष 2015 में इसका नाम बदलकर भारतनेट किया गया।
इसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च गति ब्रॉडबैंड ढाँचा पहुँचाना है।
यह दूरसंचार क्षेत्र से संबंधित परियोजना है और वर्तमान में इसका प्रमुख प्रशासनिक संबंध संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग से है। इसलिए इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की योजना लिखना सटीक नहीं है।
विकसित भारत — योजना नहीं, राष्ट्रीय दृष्टि
विकसित भारत 2047
“विकसित भारत योजना — 2015” नाम से नीति आयोग की कोई मानक केंद्रीय योजना नहीं है।
विकसित भारत 2047 भारत को स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित राष्ट्र बनाने की व्यापक राष्ट्रीय दृष्टि है। इसे 2015 की स्वतंत्र सरकारी योजना के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।
नीति आयोग की स्थापना स्वयं 1 जनवरी 2015 को हुई थी और उसने नीति-निर्माण में सहकारी संघवाद तथा दीर्घकालीन विकास दृष्टि पर कार्य किया।
सौर ऊर्जा कार्यक्रम — 2015
सौर विद्युत क्षमता का विस्तार
“प्रधानमंत्री सौर ऊर्जा योजना — 2015” नाम से कोई एक मानक केंद्रीय योजना नहीं थी। वर्ष 2015 में केंद्र सरकार ने अनेक सौर ऊर्जा कार्यक्रमों का विस्तार किया।
इनमें सौर पार्क, सरकारी संस्थानों में ग्रिड से जुड़े सौर संयंत्र और रूफटॉप सौर कार्यक्रम महत्वपूर्ण थे।
इन कार्यक्रमों का संबंध नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से है, सामान्य विद्युत मंत्रालय से नहीं।
घरेलू रूफटॉप सौर के लिए बाद की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना — 2024 है।
ग्रिड-संबद्ध रूफटॉप सौर कार्यक्रम — 2015
छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र
सरकार ने दिसंबर 2015 में ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सौर कार्यक्रम के व्यापक विस्तार को मंजूरी दी।
संबंधित मंत्रालय — नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय।
इसका उद्देश्य घरों, संस्थानों, सरकारी भवनों तथा अन्य उपयुक्त इमारतों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को बढ़ावा देना था।
इसे “विद्युत मंत्रालय की सोलर रूफटॉप योजना” लिखने की अपेक्षा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यक्रम याद रखना अधिक सही है।
अटल मिशन — 2015
शहरी पुनर्जीवन और रूपांतरण
इसका सही नाम अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन है। इसे हिन्दी में अटल शहरी पुनर्जीवन और रूपांतरण मिशन कहा जा सकता है।
इसे 25 जून 2015 को शुरू किया गया।
इसका उद्देश्य केवल शहरी परिवहन सुधारना नहीं है। इसमें जलापूर्ति, सीवरेज और सेप्टेज प्रबंधन, वर्षाजल निकासी, हरित क्षेत्र तथा गैर-मोटर चालित शहरी परिवहन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
वर्तमान में इसका संबंध आवास और शहरी कार्य मंत्रालय से है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना — 2015
हर खेत को पानी और जल उपयोग दक्षता
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वर्ष 2015 में शुरू की गई।
इसका उद्देश्य सिंचाई का विस्तार, खेतों तक पानी पहुँचाना, जल उपयोग दक्षता बढ़ाना और सूक्ष्म सिंचाई को प्रोत्साहित करना है।
इस योजना के विभिन्न घटक जल शक्ति मंत्रालय, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय से संबंधित रहे हैं। इसलिए इसे केवल जल संसाधन मंत्रालय की एकल योजना समझना अधूरा है।
इसके प्रसिद्ध सूत्रों में “हर खेत को पानी” और “प्रति बूंद अधिक फसल” शामिल हैं।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ — 2015
बालिका संरक्षण और शिक्षा
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से की गई।
यह बहु-मंत्रालयीय पहल है और इसका प्रमुख समन्वय महिला और बाल विकास मंत्रालय करता है।
इसका उद्देश्य बाल लिंगानुपात से संबंधित सामाजिक समस्या पर ध्यान देना, बालिकाओं के अस्तित्व और संरक्षण को बढ़ावा देना तथा उनकी शिक्षा और भागीदारी सुनिश्चित करना है।
सुकन्या समृद्धि योजना — 2015
बालिका के लिए दीर्घकालीन बचत
सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के व्यापक संदर्भ में की गई।
संबंधित मंत्रालय — वित्त मंत्रालय।
इस योजना के अंतर्गत बालिका के नाम पर बचत खाता खोला जाता है, जिसका उद्देश्य उसकी शिक्षा और भविष्य की वित्तीय आवश्यकताओं के लिए दीर्घकालीन बचत को प्रोत्साहित करना है।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना — 2015
युवाओं को रोजगारपरक कौशल
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना वर्ष 2015 में शुरू की गई।
संबंधित मंत्रालय — कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय।
इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योग की आवश्यकता के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण, प्रमाणन और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
समय के साथ इसके अनेक चरण लागू किए गए हैं।
स्मार्ट सिटी मिशन — 2015
शहरी आधारभूत संरचना और बेहतर सेवाएँ
स्मार्ट सिटी मिशन की शुरुआत 25 जून 2015 को की गई।
वर्तमान संबंधित मंत्रालय — आवास और शहरी कार्य मंत्रालय।
इसका उद्देश्य चयनित शहरों में बेहतर आधारभूत संरचना, स्वच्छ और टिकाऊ पर्यावरण, आधुनिक तकनीक आधारित नागरिक सेवाएँ तथा बेहतर जीवन गुणवत्ता विकसित करना था।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना — 2016
फसल हानि से किसानों की सुरक्षा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को वर्ष 2016 में शुरू किया गया और खरीफ 2016 से लागू किया गया।
संबंधित मंत्रालय — कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय।
इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम और अन्य अधिसूचित जोखिमों के कारण फसल हानि होने पर किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
इसे केवल “फसल बीमा योजना” कहने की बजाय इसका पूरा नाम याद करना अधिक उपयोगी है।
दिव्यांगजन के लिए सुगम्य भारत अभियान
सुलभ भवन, परिवहन और सूचना
“वाणी योजना — 2016” को दिव्यांगजनों के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख योजना के रूप में याद करना सही नहीं है।
दिव्यांगजनों की पहुँच और सुगमता से संबंधित महत्वपूर्ण केंद्रीय पहल सुगम्य भारत अभियान है, जिसे 2015 में शुरू किया गया।
इसका उद्देश्य सरकारी भवनों, परिवहन व्यवस्था और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी को दिव्यांगजनों के लिए अधिक सुलभ बनाना है।
इसका संबंध सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना — 2016
गरीब परिवारों की महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया से की गई।
संबंधित मंत्रालय — पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय।
इसका उद्देश्य गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं के नाम पर जमानत-मुक्त रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना और लकड़ी, गोबर तथा अन्य पारंपरिक धुएँ वाले ईंधनों पर निर्भरता कम करना है।
“मुफ्त गैस कनेक्शन” कहना सरल रूप है; योजना में कनेक्शन से संबंधित सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जबकि प्रत्येक समय सभी घटक या सभी सिलेंडर स्वतः पूर्णतः मुफ्त हों, ऐसा समझना सही नहीं है।
उद्यमिता प्रोत्साहन — 2016
स्टार्टअप और छोटे उद्यमों का विकास
“उद्यमी भारत, संपन्न भारत योजना — 2016” नाम से कोई मानक प्रमुख केंद्रीय योजना स्थापित नहीं है।
वर्ष 2016 में उद्यमिता के संदर्भ में महत्वपूर्ण केंद्रीय पहल स्टार्टअप इंडिया और स्टैंड अप इंडिया हैं।
स्टार्टअप इंडिया की कार्ययोजना जनवरी 2016 में शुरू हुई और इसका उद्देश्य नवाचार, नए उद्यम तथा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय छोटे उद्योगों के लिए अनेक अलग-अलग योजनाएँ संचालित करता है, लेकिन “उद्यमी भारत, संपन्न भारत” को 2016 की स्वतंत्र योजना न समझें।
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण — 2016
ग्रामीण गरीबों को पक्का आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण वर्ष 2016 में पूर्ववर्ती इंदिरा आवास योजना का पुनर्गठन करके शुरू की गई।
संबंधित मंत्रालय — ग्रामीण विकास मंत्रालय।
इसका उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को आवश्यक सुविधाओं सहित पक्का घर बनाने के लिए सहायता उपलब्ध कराना है।
इसे “प्रधानमंत्री सस्ती आवास योजना” कहना आधिकारिक नाम नहीं है। सही नाम प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना — वही 2016 की योजना
दोहराया गया बिंदु
यह वही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना है जिसका उल्लेख ऊपर किया गया है। इसे दूसरी अलग योजना न समझें।
आरंभ — 1 मई 2016।
मंत्रालय — पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय।
मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ रसोई ईंधन के रूप में रसोई गैस की सुविधा उपलब्ध कराना है।
🎯 भ्रम से बचें
सूची में उज्ज्वला योजना दो बार दी गई है, लेकिन दोनों एक ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना हैं।
स्टैंड अप इंडिया — 2016
महिलाओं और अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमियों को बैंक ऋण
स्टैंड अप इंडिया योजना की शुरुआत 5 अप्रैल 2016 को की गई।
यह वित्तीय सेवा विभाग और बैंकिंग व्यवस्था से संबंधित पहल है; इसका प्रमुख प्रशासनिक संबंध वित्त मंत्रालय से है।
इसका उद्देश्य प्रत्येक बैंक शाखा से कम-से-कम एक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के उद्यमी और एक महिला उद्यमी को नया उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराने को प्रोत्साहित करना है।
आयुष्मान भारत — 2018
स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र तथा जन आरोग्य योजना
आयुष्मान भारत वर्ष 2018 में शुरू की गई व्यापक स्वास्थ्य पहल है। इसके दो प्रमुख घटक रहे—स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र तथा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना।
आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ 23 सितंबर 2018 को किया गया।
संबंधित मंत्रालय — स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय।
यह पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य उपचार के लिए वित्तीय स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराती है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना — आयुष्मान भारत का हिस्सा
अलग 2018 की दूसरी स्वास्थ्य योजना नहीं
पुरानी सूची में दिया गया “प्रधानमंत्री राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य योजना — 2018” कोई अलग मानक केंद्रीय योजना नाम नहीं है।
2018 में गरीब और कमजोर परिवारों के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख स्वास्थ्य सुरक्षा योजना आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ही है।
इसलिए बिंदु 40 और 41 को दो अलग-अलग समान स्वास्थ्य बीमा योजनाएँ न समझें।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि — 2019
किसान परिवारों को प्रत्यक्ष आय सहायता
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की घोषणा 1 फरवरी 2019 को की गई और औपचारिक शुभारंभ 24 फरवरी 2019 को हुआ। योजना प्रभावी रूप से 1 दिसंबर 2018 से लागू मानी गई।
संबंधित मंत्रालय — कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय।
इसके अंतर्गत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की सहायता तीन समान किस्तों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से प्रदान की जाती है।
जल जीवन मिशन — 2019
ग्रामीण घरों तक नल से पेयजल
जल जीवन मिशन की घोषणा वर्ष 2019 में की गई।
संबंधित मंत्रालय — जल शक्ति मंत्रालय।
इसका मूल उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पर्याप्त और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
इसे केवल “हर घर में पानी” के बजाय हर ग्रामीण घर तक कार्यशील नल से पेयजल के रूप में समझना अधिक सटीक है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन — 2019
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए पेंशन
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना वर्ष 2019 में शुरू की गई।
संबंधित मंत्रालय — श्रम और रोजगार मंत्रालय।
यह पात्र असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है।
योजना की शर्तें पूरी करने वाले सदस्य को 60 वर्ष की आयु के बाद न्यूनतम सुनिश्चित मासिक पेंशन प्रदान करने की व्यवस्था है।
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना — 2020
नए औपचारिक रोजगार को प्रोत्साहन
इस योजना का सही नाम आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना है। इसे “प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर रोजगार योजना” लिखना सामान्य पुस्तकों में मिलता है, लेकिन आधिकारिक नाम में “प्रधानमंत्री” शब्द नहीं है।
यह 1 अक्टूबर 2020 से प्रभावी रोजगार प्रोत्साहन योजना थी।
संबंधित मंत्रालय — श्रम और रोजगार मंत्रालय।
इसका उद्देश्य कोरोना महामारी के बाद नए औपचारिक रोजगार सृजन और रोजगार खो चुके पात्र श्रमिकों को फिर से रोजगार मिलने को प्रोत्साहित करना था। इसके लिए कर्मचारी भविष्य निधि अंशदान से संबंधित सरकारी सहायता दी गई।
इसे केवल स्वरोजगार बढ़ाने वाली योजना कहना सही नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य औपचारिक क्षेत्र में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करना था।
प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि — 2020
रेहड़ी-पटरी वालों के लिए कार्यशील पूंजी ऋण
प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि की शुरुआत 1 जून 2020 को की गई।
इसका संबंध आवास और शहरी कार्य मंत्रालय से है, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय से नहीं।
इस योजना का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी और ठेला लगाने वाले शहरी विक्रेताओं को बिना जमानत सस्ती कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना, डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करना और समय पर ऋण चुकाने वालों को आगे अधिक ऋण सुविधा उपलब्ध कराना है।
🎯 अत्यंत महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री स्वनिधि — 1 जून 2020 — आवास और शहरी कार्य मंत्रालय — स्ट्रीट वेंडर।
आत्मनिर्भर भारत अभियान — 2020
कोरोना काल में आर्थिक पुनरुद्धार और आत्मनिर्भरता
आत्मनिर्भर भारत अभियान की घोषणा मई 2020 में कोरोना महामारी के आर्थिक प्रभावों के बीच की गई।
यह किसी एक मंत्रालय की साधारण योजना नहीं बल्कि व्यापक आर्थिक और नीतिगत अभियान था। इसके आर्थिक पैकेज और अनेक उपायों की घोषणा तथा क्रियान्वयन में वित्त मंत्रालय सहित विभिन्न मंत्रालयों की भूमिका रही। इसलिए इसे केवल वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की योजना कहना सही नहीं है।
इस अभियान का उद्देश्य भारतीय अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना, स्थानीय उत्पादन, घरेलू आपूर्ति श्रृंखला, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम, कृषि, श्रम, उद्योग और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों को सहायता देना था।
इसके साथ “वोकल फॉर लोकल” की अवधारणा भी लोकप्रिय हुई।
सूची में छूटी हुई अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाएँ
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी अतिरिक्त तथ्य
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना — 2014: ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और कृषि तथा गैर-कृषि फीडरों को अलग करने से संबंधित महत्वपूर्ण योजना।
मिशन इंद्रधनुष — 2014: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण कवरेज को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की पहल।
डिजिटल इंडिया — 2015: डिजिटल आधारभूत संरचना, डिजिटल सेवाओं और नागरिकों के डिजिटल सशक्तीकरण के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम।
अटल पेंशन योजना — 2015: असंगठित क्षेत्र सहित पात्र नागरिकों में पेंशन सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए योजना।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना — 2015: कम प्रीमियम पर जीवन बीमा सुरक्षा।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना — 2015: कम प्रीमियम पर दुर्घटना बीमा सुरक्षा।
स्टार्टअप इंडिया — 2016: नवाचार और नए उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रमुख पहल।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना — 2024: घरेलू रूफटॉप सौर को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण वर्तमान केंद्रीय योजना।
नाम और वर्ष में होने वाले प्रमुख भ्रम
परीक्षा में गलती से बचें
जन्म और मृत्यु पंजीकरण — योजना नहीं, अधिनियम 1969 और उसके अंतर्गत पंजीकरण व्यवस्था।
राजीव गांधी जीवन जल योजना — 1996 की जगह राजीव गांधी राष्ट्रीय पेयजल मिशन का सही संदर्भ पढ़ें।
प्रधानमंत्री विकास योजना — 2000 की जगह परीक्षा में महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना — 2000-01 है।
प्रधानमंत्री शिक्षा योजना — 2009 नाम की मानक केंद्रीय योजना नहीं; 2009 का महत्वपूर्ण तथ्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम है।
आधार — 2009: 2009 में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण स्थापित हुआ; पहला आधार 2010 में जारी हुआ। आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है।
जन औषधि: मूल कार्यक्रम 2008 में शुरू हुआ; बाद में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के रूप में विकसित हुआ।
भारतनेट: मूल परियोजना राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क थी; 2015 में भारतनेट नाम अपनाया गया।
विकसित भारत योजना — 2015: ऐसी स्वतंत्र मानक योजना नहीं; विकसित भारत 2047 एक व्यापक राष्ट्रीय दृष्टि है।
प्रधानमंत्री सौर ऊर्जा योजना — 2015: इस exact नाम की एकल प्रमुख केंद्रीय योजना नहीं; उस समय अनेक सौर कार्यक्रम चल रहे थे।
अमृत: इसका अर्थ शहरी पुनर्जीवन और रूपांतरण मिशन है, केवल शहरी परिवहन मिशन नहीं।
वाणी योजना — 2016: दिव्यांगजनों की प्रमुख राष्ट्रीय पहल के रूप में सुगम्य भारत अभियान याद रखें।
उज्ज्वला योजना सूची में दो बार है; दोनों एक ही योजना हैं।
प्रधानमंत्री राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य योजना — 2018: अलग योजना की जगह आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना याद रखें।
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना: स्वरोजगार योजना नहीं, औपचारिक रोजगार को प्रोत्साहित करने वाली योजना थी।
प्रधानमंत्री स्वनिधि: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय नहीं; आवास और शहरी कार्य मंत्रालय।
त्वरित वर्षवार पुनरावृत्ति
एसएससी और रेलवे के लिए
⚡ एक नज़र में
⚡ अंतिम पुनरावृत्ति बिंदु
किसान क्रेडिट कार्ड — 1998 — किसानों को सरल संस्थागत कृषि ऋण।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना — 25 दिसंबर 2000 — ग्रामीण बस्तियों को बारहमासी सड़क संपर्क।
प्रधानमंत्री जन धन योजना — 28 अगस्त 2014 — वित्तीय समावेशन।
स्वच्छ भारत मिशन — 2 अक्टूबर 2014 — स्वच्छता और खुले में शौच की समाप्ति।
मेक इन इंडिया — 25 सितंबर 2014 — विनिर्माण और निवेश को प्रोत्साहन।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना — 8 अप्रैल 2015 — सूक्ष्म एवं छोटे उद्यमों को ऋण।
अमृत और स्मार्ट सिटी मिशन — 25 जून 2015 — शहरी विकास।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ — 22 जनवरी 2015 — बालिका संरक्षण, शिक्षा और भागीदारी।
सुकन्या समृद्धि — 2015 — बालिका के लिए दीर्घकालीन बचत।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना — 2016 — फसल हानि से वित्तीय सुरक्षा।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना — 1 मई 2016 — गरीब परिवारों की महिलाओं को जमानत-मुक्त रसोई गैस कनेक्शन।
स्टैंड अप इंडिया — 2016 — महिला तथा अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमियों के लिए ऋण सहायता।
आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना — 23 सितंबर 2018 — पात्र परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि — 2019 — पात्र किसान परिवारों को ₹6,000 वार्षिक आय सहायता।
जल जीवन मिशन — 2019 — ग्रामीण परिवारों तक कार्यशील नल से पेयजल।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन — 2019 — असंगठित क्षेत्र के पात्र श्रमिकों के लिए पेंशन।
प्रधानमंत्री स्वनिधि — 1 जून 2020 — रेहड़ी-पटरी वालों को कार्यशील पूंजी ऋण; संबंधित मंत्रालय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय।
आत्मनिर्भर भारत अभियान — 2020 — आर्थिक पुनरुद्धार, स्थानीय उत्पादन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा।