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पर्वत
MOUNTAINS

पर्वत

पर्वतों की उत्पत्ति, प्रकार, प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ और महत्वपूर्ण शिखर

पर्वत क्या है?

पर्वत पृथ्वी के द्वितीय श्रेणी के उच्चावचों में शामिल प्रमुख स्थलरूप है। भूमि का ऐसा भाग जो अपने आस-पास के धरातल की तुलना में अत्यधिक ऊँचा उठा हुआ हो तथा जिसका ढाल अपेक्षाकृत तीव्र हो, पर्वत कहलाता है।

पर्वत अकेले भी पाए जा सकते हैं तथा एक क्रम में कई पर्वत मिलकर पर्वत श्रेणी या पर्वत श्रृंखला का निर्माण कर सकते हैं।

पर्वत और पहाड़ी के बीच अंतर निर्धारित करने के लिए विश्व स्तर पर कोई एक निश्चित ऊँचाई सर्वमान्य नहीं है। परंपरागत भूगोल की कुछ पुस्तकों में लगभग 1000 मीटर या उससे अधिक ऊँचे स्थलरूप को पर्वत तथा इससे कम ऊँचे उठे स्थलरूप को पहाड़ी कहा गया है। इसे एक सामान्य अध्ययन-मानक के रूप में समझना चाहिए, कठोर सार्वभौमिक नियम के रूप में नहीं।

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पर्वतन

पर्वत निर्माण की प्रक्रिया

जिन भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं के सामूहिक प्रभाव से पर्वतों अथवा पर्वत श्रेणियों का निर्माण होता है, उन्हें पर्वतन कहा जाता है।

पर्वतन में प्लेटों की गति, संपीडन, वलन, भ्रंशन, भू-पर्पटी का उत्थान तथा कुछ क्षेत्रों में ज्वालामुखीय गतिविधियाँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

विशाल वलित पर्वत प्रणालियों का निर्माण मुख्यतः अभिसारी प्लेट सीमाओं पर होने वाले संपीडन और भू-पर्पटी के विरूपण से संबंधित होता है।

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निर्माण के आधार पर पर्वतों के प्रकार

पाँच प्रमुख अध्ययन श्रेणियाँ

पर्वतों को उनकी उत्पत्ति और निर्माण प्रक्रिया के आधार पर अध्ययन की सुविधा के लिए प्रमुख रूप से भ्रंश पर्वत, वलित पर्वत, ज्वालामुखीय पर्वत, अवशिष्ट पर्वत और गुम्बदाकार पर्वत के रूप में समझा जा सकता है।

यह वर्गीकरण अध्ययन को सरल बनाने के लिए है। वास्तविक प्रकृति में किसी पर्वतीय क्षेत्र के विकास में एक से अधिक भूवैज्ञानिक प्रक्रियाएँ कार्य कर सकती हैं।

🧠 याद रखने का क्रम

भ्रंश वलित ज्वालामुखीय अवशिष्ट गुम्बदाकार
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भ्रंश पर्वत

भूपर्पटी के टूटने और विस्थापन से निर्मित

भूपर्पटी पर तनाव के कारण जब चट्टानों में दरार या भ्रंश उत्पन्न होता है और भू-पर्पटी के बड़े खंडों में ऊर्ध्वाधर विस्थापन होने लगता है, तब भ्रंश से संबंधित पर्वतीय स्थलरूप बन सकते हैं।

जब दो भ्रंशों के बीच का भू-भाग आसपास के भागों की तुलना में ऊपर उठा रहता है, तो उसे उत्खंड या हॉर्स्ट कहा जाता है।

इसके विपरीत दो भ्रंशों के बीच नीचे धँसा लंबा भाग अवतलित खंड या ग्राबेन कहलाता है। ऐसी संरचनाओं से भ्रंश पर्वत और भ्रंश घाटियाँ विकसित हो सकती हैं।

सिएरा नेवादा संयुक्त राज्य अमेरिका में भ्रंश से प्रभावित प्रमुख पर्वतीय क्षेत्र का उदाहरण है।

जर्मनी का ब्लैक फॉरेस्ट तथा उसके सामने स्थित क्षेत्र राइन भ्रंश घाटी से संबंधित प्रसिद्ध स्थलरूप हैं।

राइन घाटी स्वयं पर्वत नहीं, बल्कि भ्रंशन से बनी प्रमुख ग्राबेन संरचना है। इसके दोनों ओर ऊँचे भू-खंड पाए जाते हैं।

⚠️ उदाहरणों में सावधानी

विंध्याचल को कई पुरानी सामान्य ज्ञान पुस्तकों में भ्रंश या ब्लॉक पर्वत के उदाहरण के रूप में दिया जाता है, लेकिन इसकी भूवैज्ञानिक संरचना इससे अधिक जटिल है। इसे आधुनिक भूविज्ञान में सरलता से एक विशुद्ध भ्रंश पर्वत कहना उचित नहीं है।

इसी प्रकार पाकिस्तान की साल्ट रेंज एक जटिल वलित एवं भ्रंशित संरचना है। इसलिए इसे केवल सामान्य भ्रंश पर्वत के उदाहरण के रूप में याद करना सुरक्षित नहीं है।

🎯 परीक्षा तथ्य

हॉर्स्ट — भ्रंशों के बीच ऊपर उठा भू-खंड।

ग्राबेन — भ्रंशों के बीच नीचे धँसा भू-खंड।

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वलित पर्वत

संपीडन और वलन से निर्मित

जब भू-पर्पटी पर अत्यधिक संपीडन बल कार्य करता है, तो चट्टानों की परतें मुड़कर वलनों का निर्माण करती हैं। लंबे समय तक होने वाली इस प्रक्रिया से विशाल वलित पर्वतों का निर्माण हो सकता है।

आधुनिक प्लेट विवर्तनिकी के अनुसार अनेक विशाल वलित पर्वतों का निर्माण अभिसारी प्लेट सीमाओं पर प्लेटों के आपस में आने और टकराने से संबंधित है।

विश्व के अनेक अत्यधिक ऊँचे और विस्तृत पर्वत इसी प्रकार के हैं।

हिमालय एशिया का युवा वलित पर्वत है। इसका निर्माण भारतीय प्लेट और यूरेशियाई प्लेट के अभिसरण से संबंधित है।

आल्प्स यूरोप की महत्वपूर्ण युवा वलित पर्वत प्रणाली है।

एंडीज दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी किनारे पर स्थित विशाल पर्वत प्रणाली है।

रॉकी पर्वत उत्तर अमेरिका की प्रमुख पर्वत प्रणाली है।

📘 ऑस्ट्रेलिया का ग्रेट डिवाइडिंग रेंज

ग्रेट डिवाइडिंग रेंज ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी भाग में स्थित विस्तृत उच्चभूमि प्रणाली है। इसे केवल साधारण युवा वलित पर्वत कहना उचित नहीं है। इसका वर्तमान स्वरूप प्राचीन भूवैज्ञानिक संरचनाओं, उत्थान और लंबे अपरदन से विकसित हुआ है।

📗 भारत का महत्वपूर्ण तथ्य

शिवालिक हिमालय की सबसे बाहरी और सबसे युवा पर्वत श्रेणी है। यह हिमालयी वलित पर्वत प्रणाली का हिस्सा है; इसे अवशिष्ट पर्वत नहीं माना जाना चाहिए।

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ज्वालामुखीय पर्वत

ज्वालामुखीय पदार्थों के संचय से निर्मित

ज्वालामुखीय गतिविधि के दौरान पृथ्वी के भीतर से लावा, राख और अन्य ज्वालामुखीय पदार्थ बाहर निकलते हैं। इन पदार्थों के बार-बार जमा होकर ठोस होने से समय के साथ ज्वालामुखीय पर्वत विकसित हो सकते हैं।

इन पर्वतों का आकार और संरचना लावा की प्रकृति, विस्फोट के प्रकार तथा ज्वालामुखीय पदार्थों की मात्रा पर निर्भर करती है।

जापान का माउंट फूजी ज्वालामुखीय पर्वत का प्रसिद्ध उदाहरण है।

तंजानिया में स्थित माउंट किलिमंजारो अफ्रीका का सर्वोच्च पर्वत है और ज्वालामुखीय उत्पत्ति का है।

संयुक्त राज्य अमेरिका का माउंट सेंट हेलेंस सक्रिय ज्वालामुखीय क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध पर्वत है।

इटली का माउंट एटना विश्व के प्रसिद्ध सक्रिय ज्वालामुखियों में शामिल है।

इक्वाडोर का कोटोपैक्सी एंडीज क्षेत्र का प्रसिद्ध ज्वालामुखीय पर्वत है।

⚠️ एकांकागुआ के बारे में सही तथ्य

एकांकागुआ चिली में नहीं बल्कि अर्जेंटीना में एंडीज पर्वत प्रणाली में स्थित है। यह दक्षिण अमेरिका का सर्वोच्च पर्वत तथा एशिया के बाहर समुद्र तल से सबसे ऊँचा पर्वत है।

एकांकागुआ क्षेत्र की भूवैज्ञानिक संरचना में प्राचीन ज्वालामुखीय पदार्थ मौजूद हैं, लेकिन वर्तमान पर्वत को सामान्य पाठ्यक्रम में फूजी या एटना की तरह साधारण ज्वालामुखीय शंकु का उदाहरण नहीं देना चाहिए।

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अवशिष्ट या अपरदित पर्वत

लंबे अपरदन के बाद बचे पर्वतीय भाग

बहुत पुराने पर्वतों और ऊँचे भू-भागों पर लंबे समय तक जल, वायु, नदियों, तापमान परिवर्तन और अन्य बाह्य शक्तियों द्वारा अपरदन होता रहता है।

अपरदन के कारण अपेक्षाकृत कमजोर चट्टानें तेजी से हट जाती हैं, जबकि कठोर और प्रतिरोधी भाग ऊँचे स्थलरूप के रूप में बचे रह सकते हैं। इन्हें अवशिष्ट या अपरदित पर्वत कहा जाता है।

भारत की अरावली पर्वतमाला अत्यंत प्राचीन पर्वतीय प्रणाली है और लंबे अपरदन के कारण इसका वर्तमान स्वरूप काफी क्षीण हो चुका है। सामान्य भूगोल में इसे अवशिष्ट पर्वत के प्रमुख उदाहरणों में रखा जाता है।

भारत के विंध्य क्षेत्र के वर्तमान स्थलरूप को भी लंबे अपरदन ने प्रभावित किया है। सामान्य भूगोल की कुछ पुस्तकों में विंध्य को अवशिष्ट पर्वत के रूप में दिया जाता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका का ब्लू रिज अत्यंत प्राचीन एपलाचियन पर्वत प्रणाली का भाग है और लंबे अपरदन से प्रभावित है।

⚠️ शिवालिक को लेकर महत्वपूर्ण अंतर

शिवालिक पर्वत अवशिष्ट पर्वत नहीं है। यह हिमालय की बाहरी एवं सबसे युवा श्रेणी है और हिमालयी वलित पर्वत तंत्र का हिस्सा है।

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गुम्बदाकार पर्वत

गुम्बद के समान उत्थान से निर्मित

जब पृथ्वी की सतह के नीचे मैग्मा ऊपर की ओर उठता है लेकिन सतह तक नहीं पहुँच पाता, तो वह ऊपर स्थित चट्टानी परतों पर दबाव डालकर उन्हें गुम्बद के आकार में ऊपर उठा सकता है।

इस प्रकार ऊपर उठा हुआ भू-भाग गुम्बदाकार पर्वतीय संरचना का निर्माण कर सकता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका की ब्लैक हिल्स एक प्रसिद्ध गुम्बदाकार उत्थान का उदाहरण है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के यूटा राज्य में स्थित हेनरी पर्वत भी गुम्बदाकार पर्वतीय संरचना के प्रमुख उदाहरणों में शामिल किए जाते हैं।

सिनसिनाटी आर्च या सिनसिनाटी उभार भी एक विशाल संरचनात्मक उत्थान है, लेकिन इसे सामान्य अर्थ में ब्लैक हिल्स की तरह स्वतंत्र पर्वत श्रेणी समझना उचित नहीं है।

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अफ्रीका का सर्वोच्च पर्वत

किलिमंजारो

माउंट किलिमंजारो अफ्रीका का सर्वोच्च पर्वत है। यह पूर्वी अफ्रीका के तंजानिया देश में स्थित है।

किलिमंजारो एक विशाल ज्वालामुखीय पर्वत समूह है। इसका सर्वोच्च भाग किबो है तथा इसका सर्वोच्च बिंदु उहुरू शिखर है।

यह समुद्र तल से लगभग 5,895 मीटर ऊँचा है।

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आल्प्स का सर्वोच्च शिखर

मॉण्ट ब्लांक

आल्प्स पर्वत का सर्वोच्च शिखर मॉण्ट ब्लांक है। यह फ्रांस और इटली की सीमा के क्षेत्र में स्थित है।

मॉण्ट ब्लांक की ऊँचाई लगभग 4,806 मीटर के आसपास है। बर्फ और हिम की मोटाई में परिवर्तन के कारण इसकी माप में थोड़ा अंतर हो सकता है।

इसे पश्चिमी यूरोप का सर्वोच्च पर्वत भी माना जाता है।

⚠️ नाम याद रखें

सही नाम मॉण्ट ब्लांक है। इसे मॉण्ट ब्लैक नहीं लिखना चाहिए।

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व्हाइट पर्वत

संयुक्त राज्य अमेरिका

व्हाइट माउंटेन्स नाम से संयुक्त राज्य अमेरिका में एक से अधिक पर्वतीय क्षेत्र पाए जाते हैं।

एक प्रमुख व्हाइट माउंटेन्स पर्वत श्रेणी कैलिफोर्निया और नेवादा के क्षेत्र में स्थित है।

इसलिए केवल “व्हाइट पर्वत कैलिफोर्निया में है” कहने की अपेक्षा यह याद रखना अधिक स्पष्ट है कि कैलिफोर्निया–नेवादा क्षेत्र में व्हाइट माउंटेन्स नाम की एक प्रमुख पर्वत श्रेणी स्थित है।

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विश्व की लंबी पर्वत श्रृंखलाएँ

एंडीज, रॉकी और हिमालय

एंडीज पर्वतमाला दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी किनारे पर फैली हुई है और इसे विश्व की सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वत श्रृंखला माना जाता है।

विभिन्न स्रोत पर्वत श्रेणियों की सीमा अलग-अलग प्रकार से निर्धारित करते हैं, इसलिए उनकी कुल लंबाई में अंतर मिल सकता है।

एंडीज की लंबाई सामान्य परीक्षा पुस्तकों में लगभग 7,000 किलोमीटर दी जाती है, जबकि व्यापक भूगोल स्रोत इसे लगभग 8,900 किलोमीटर तक बताते हैं।

रॉकी पर्वत उत्तर अमेरिका की विशाल पर्वत प्रणाली है। इसकी लंबाई लगभग 4,800 किलोमीटर के आसपास मानी जाती है।

हिमालय की लंबाई लगभग 2,400 से 2,500 किलोमीटर मानी जाती है।

🎯 परीक्षा में याद रखें

सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वत श्रृंखला — एंडीज।

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मौना की और पर्वत की ऊँचाई

आधार से शिखर तक विशेष तथ्य

हवाई द्वीप का मौना की एक विशाल ज्वालामुखीय पर्वत है।

यदि किसी पर्वत की ऊँचाई को समुद्र तल से नहीं बल्कि उसके समुद्र के भीतर स्थित आधार से शिखर तक मापा जाए, तो मौना की की कुल ऊँचाई 10 किलोमीटर से अधिक हो जाती है।

इसी कारण इसे आधार से शिखर तक मापने पर विश्व के सबसे ऊँचे पर्वतों में सबसे प्रमुख माना जाता है।

लेकिन समुद्र तल से ऊँचाई के आधार पर विश्व का सर्वोच्च पर्वत माउंट एवरेस्ट है।

📗 अंतर जरूर याद रखें

समुद्र तल से सर्वोच्च — माउंट एवरेस्ट

समुद्री आधार से शिखर तक — मौना की

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आल्प्स पर्वत का विस्तार

यूरोप की प्रमुख पर्वत प्रणाली

आल्प्स पर्वत मध्य और दक्षिण-मध्य यूरोप की प्रमुख पर्वत प्रणाली है।

इसका विस्तार फ्रांस, इटली, स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया सहित यूरोप के कई देशों में है।

इसके अतिरिक्त आल्प्स का विस्तार जर्मनी, स्लोवेनिया और लिकटेंस्टाइन जैसे क्षेत्रों तक भी माना जाता है।

आल्प्स का सर्वोच्च शिखर मॉण्ट ब्लांक है।

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एटलस पर्वत

उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका

एटलस पर्वत उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका की प्रमुख पर्वत प्रणाली है।

इसका विस्तार मुख्यतः मोरक्को, अल्जीरिया और ट्यूनीशिया में है।

एटलस पर्वत भूमध्य सागर और अटलांटिक तटीय क्षेत्रों को सहारा मरुस्थल के आंतरिक भाग से अलग करने वाली महत्वपूर्ण भौगोलिक प्रणाली है।

एटलस पर्वत का सर्वोच्च शिखर मोरक्को में स्थित जेबेल तूबकल है।

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स्ट्रॉम्बोली

भूमध्य सागर का प्रकाश स्तंभ

स्ट्रॉम्बोली इटली के निकट भूमध्य सागर क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध सक्रिय ज्वालामुखीय द्वीप है।

इसमें लंबे समय से बार-बार ज्वालामुखीय विस्फोट और चमक दिखाई देती रही है।

रात्रि में समुद्र से इसकी ज्वालामुखीय चमक दिखाई देने के कारण स्ट्रॉम्बोली को परंपरागत रूप से “भूमध्य सागर का प्रकाश स्तंभ” कहा जाता है।

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महत्वपूर्ण पर्वत और उनकी पहचान

एक नज़र में

पर्वत या पर्वत श्रेणी स्थान विशेषता
हिमालय एशिया युवा वलित पर्वत
आल्प्स यूरोप युवा वलित पर्वत
एंडीज दक्षिण अमेरिका सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वत श्रृंखला
रॉकी उत्तर अमेरिका विशाल पर्वतीय प्रणाली
अरावली भारत अत्यंत प्राचीन एवं अत्यधिक अपरदित पर्वत
माउंट फूजी जापान ज्वालामुखीय पर्वत
किलिमंजारो तंजानिया अफ्रीका का सर्वोच्च पर्वत
माउंट एटना इटली प्रसिद्ध सक्रिय ज्वालामुखी
कोटोपैक्सी इक्वाडोर ज्वालामुखीय पर्वत
एकांकागुआ अर्जेंटीना दक्षिण अमेरिका का सर्वोच्च पर्वत
ब्लैक हिल्स संयुक्त राज्य अमेरिका गुम्बदाकार उत्थान
हेनरी पर्वत संयुक्त राज्य अमेरिका गुम्बदाकार पर्वत का प्रमुख उदाहरण
एटलस मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका की पर्वत प्रणाली
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परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

त्वरित पुनरावृत्ति

⚡ जल्दी याद करें

पर्वतन — पर्वत निर्माण से संबंधित प्रक्रियाओं का समूह।

हिमालय — युवा वलित पर्वत।

आल्प्स — यूरोप की प्रमुख युवा वलित पर्वत प्रणाली।

एंडीज — विश्व की सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वत श्रृंखला।

अरावली — भारत की अत्यंत प्राचीन और अत्यधिक अपरदित पर्वत प्रणाली।

शिवालिक — हिमालय की सबसे बाहरी और सबसे युवा श्रेणी।

किलिमंजारो — अफ्रीका का सर्वोच्च पर्वत।

मॉण्ट ब्लांक — आल्प्स का सर्वोच्च शिखर।

एकांकागुआ — अर्जेंटीना में स्थित; दक्षिण अमेरिका का सर्वोच्च पर्वत।

माउंट फूजी — जापान का प्रसिद्ध ज्वालामुखीय पर्वत।

माउंट एटना — इटली का प्रसिद्ध सक्रिय ज्वालामुखी।

कोटोपैक्सी — इक्वाडोर का प्रसिद्ध ज्वालामुखीय पर्वत।

ब्लैक हिल्स और हेनरी पर्वत — गुम्बदाकार पर्वतीय संरचना के महत्वपूर्ण उदाहरण।

मौना की — समुद्री आधार से शिखर तक मापने पर अत्यंत ऊँचा पर्वत।

माउंट एवरेस्ट — समुद्र तल से विश्व का सर्वोच्च पर्वत।

एटलस पर्वत — मोरक्को, अल्जीरिया और ट्यूनीशिया में विस्तृत।

स्ट्रॉम्बोली — भूमध्य सागर का प्रकाश स्तंभ।

⚡ अंतिम पुनरावृत्ति

पर्वत पृथ्वी के द्वितीय श्रेणी के उच्चावचों में शामिल प्रमुख स्थलरूप हैं।

पर्वत निर्माण से संबंधित प्रक्रियाओं के समूह को पर्वतन कहा जाता है।

निर्माण के आधार पर पर्वतों को अध्ययन की सुविधा के लिए भ्रंश, वलित, ज्वालामुखीय, अवशिष्ट और गुम्बदाकार पर्वतों में समझा जा सकता है।

भ्रंशन में ऊपर उठे भू-खंड को हॉर्स्ट तथा नीचे धँसे भू-खंड को ग्राबेन कहा जाता है।

हिमालय, आल्प्स, एंडीज और रॉकी विश्व की महत्वपूर्ण पर्वत प्रणालियाँ हैं।

अरावली अत्यंत प्राचीन और लंबे अपरदन से प्रभावित पर्वत प्रणाली है।

शिवालिक हिमालयी वलित पर्वत प्रणाली का हिस्सा है; इसे अवशिष्ट पर्वत नहीं माना जाना चाहिए।

फूजी, किलिमंजारो, सेंट हेलेंस, एटना और कोटोपैक्सी प्रसिद्ध ज्वालामुखीय पर्वत हैं।

एकांकागुआ अर्जेंटीना में स्थित दक्षिण अमेरिका का सर्वोच्च पर्वत है।

ब्लैक हिल्स तथा हेनरी पर्वत गुम्बदाकार पर्वतीय संरचनाओं के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं।

किलिमंजारो अफ्रीका का सर्वोच्च पर्वत तथा मॉण्ट ब्लांक आल्प्स का सर्वोच्च शिखर है।

एंडीज विश्व की सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वत श्रृंखला है।

समुद्र तल से विश्व का सर्वोच्च पर्वत माउंट एवरेस्ट है, जबकि समुद्री आधार से शिखर तक मापने पर मौना की विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

एटलस पर्वत मुख्यतः मोरक्को, अल्जीरिया और ट्यूनीशिया में विस्तृत है।

स्ट्रॉम्बोली को परंपरागत रूप से भूमध्य सागर का प्रकाश स्तंभ कहा जाता है।

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