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भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य
NATIONAL PARKS & WILDLIFE SANCTUARIES

भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य

राज्यवार राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य, टाइगर रिजर्व और उनकी विशेष पहचान

राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य

राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीव और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए अत्यधिक संरक्षित क्षेत्र होता है। वन्यजीव अभयारण्य भी वन्यजीव संरक्षण के लिए घोषित संरक्षित क्षेत्र है, लेकिन दोनों की कानूनी सुरक्षा और अनुमत गतिविधियों में अंतर होता है।

टाइगर रिजर्व राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से संबंधित विशेष बाघ संरक्षण क्षेत्र होता है। कोई टाइगर रिजर्व अपने भीतर राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य दोनों प्रकार के क्षेत्र समाहित कर सकता है।

इसलिए किसी स्थान के साथ केवल “बाघ संरक्षण” लिखे होने से वह अपने-आप राष्ट्रीय उद्यान नहीं बन जाता।

01

जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख

हंगुल, हिम तेंदुआ और हिमालयी जैवविविधता

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान: हेमिस वर्तमान में लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश में है, जम्मू और कश्मीर में नहीं। यह विशाल उच्च हिमालयी राष्ट्रीय उद्यान है और विशेष रूप से हिम तेंदुए के लिए प्रसिद्ध है।

दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान: श्रीनगर के निकट स्थित है और दुर्लभ कश्मीरी हंगुल के संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सलीम अली राष्ट्रीय उद्यान: श्रीनगर का पुराना सिटी फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान सलीम अली के नाम से जाना जाता था। इसे वर्तमान राष्ट्रीय उद्यानों की सामान्य सूची में नहीं रखा जाता; यह पुराना ऐतिहासिक संदर्भ है।

किश्तवाड़ राष्ट्रीय उद्यान: जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ क्षेत्र में स्थित महत्वपूर्ण हिमालयी राष्ट्रीय उद्यान है। यहाँ हिम तेंदुआ, हिमालयी भालू और अन्य पर्वतीय जीव पाए जाते हैं।

🎯 परीक्षा तथ्य

दाचीगाम — हंगुल | हेमिस — हिम तेंदुआ | हेमिस वर्तमान में लद्दाख में।

02

हिमाचल प्रदेश

महान हिमालय, पिन घाटी और उच्च पर्वतीय वन्यजीव

ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है। यह पश्चिमी हिमालय की जैवविविधता के लिए महत्वपूर्ण है और विश्व धरोहर स्थल भी है।

कुगती वन्यजीव अभयारण्य: चंबा क्षेत्र का महत्वपूर्ण अभयारण्य है। इसे राष्ट्रीय उद्यान नहीं समझना चाहिए।

पिन घाटी राष्ट्रीय उद्यान: लाहौल-स्पीति क्षेत्र में स्थित शीत मरुस्थलीय राष्ट्रीय उद्यान है। यह विशेष रूप से हिम तेंदुए और आइबेक्स जैसे उच्च पर्वतीय जीवों के लिए प्रसिद्ध है।

03

उत्तराखंड

भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान और हिमालयी विश्व धरोहर

जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान: भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है। इसकी स्थापना 1936 में हैली राष्ट्रीय उद्यान के रूप में हुई थी। यह बाघ और हाथियों के लिए प्रसिद्ध है तथा कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का प्रमुख भाग है।

राजाजी राष्ट्रीय उद्यान: शिवालिक क्षेत्र का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यान है और एशियाई हाथियों के लिए प्रसिद्ध है।

फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान: अपनी अत्यंत समृद्ध अल्पाइन पुष्प-विविधता के लिए विश्वप्रसिद्ध है। यहाँ कस्तूरी मृग सहित कई हिमालयी जीव भी पाए जाते हैं, लेकिन इसकी सबसे प्रमुख पहचान फूलों की विविधता है।

नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान: नंदा देवी पर्वत क्षेत्र की उच्च हिमालयी जैवविविधता का संरक्षण करता है और फूलों की घाटी के साथ विश्व धरोहर परिसर का हिस्सा है।

गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान: उत्तरकाशी क्षेत्र में स्थित विशाल उच्च हिमालयी राष्ट्रीय उद्यान है और गंगा के उद्गम क्षेत्र की पारिस्थितिकी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

04

हरियाणा

सुल्तानपुर और कलेसर

वंसदा राष्ट्रीय उद्यान: वंसदा हरियाणा में नहीं, बल्कि गुजरात में स्थित है। इसे गुजरात के अंतर्गत याद रखें।

सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान: गुरुग्राम के निकट स्थित प्रसिद्ध पक्षी क्षेत्र है। यहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय और प्रवासी पक्षी पाए जाते हैं।

कलेसर राष्ट्रीय उद्यान: यमुनानगर जिले के शिवालिक क्षेत्र में स्थित है। इसके आसपास कलेसर वन्यजीव अभयारण्य भी है। यह हाथी, तेंदुआ और विविध वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण है; इसे केवल पक्षी संरक्षण क्षेत्र तक सीमित न करें।

05

राजस्थान

केवलादेव, रणथंभौर और सरिस्का

घाना पक्षी विहार और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान: ये दो अलग स्थान नहीं हैं। भरतपुर का प्रसिद्ध केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान पहले भरतपुर पक्षी अभयारण्य के रूप में प्रसिद्ध था। यह प्रवासी और जलपक्षियों के लिए विश्वप्रसिद्ध है।

रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान: सवाई माधोपुर में स्थित प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व है। इसे “रणथंभौर पक्षी विहार” कहना सही नहीं है। इसकी मुख्य पहचान बाघ संरक्षण से है।

सरिस्का: अलवर क्षेत्र का प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व है। यहाँ बाघों के पुनर्स्थापन का महत्वपूर्ण संरक्षण कार्यक्रम चलाया गया।

06

गुजरात

एशियाई शेर, काला हिरण और जंगली गधा

गिर राष्ट्रीय उद्यान: गुजरात का विश्वप्रसिद्ध संरक्षित क्षेत्र है और एशियाई शेर की प्राकृतिक जंगली आबादी के लिए विशेष रूप से जाना जाता है।

कच्छ मरुस्थल वन्यजीव अभयारण्य: कच्छ के विशाल लवणीय मरुस्थलीय क्षेत्र की विशिष्ट जैवविविधता के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।

ब्लैकबक राष्ट्रीय उद्यान, वेलावदर: मुख्य रूप से काला हिरण के लिए प्रसिद्ध है। भारतीय जंगली गधे के लिए प्रसिद्ध क्षेत्र यह नहीं है।

भारतीय जंगली गधा अभयारण्य: कच्छ के छोटे रण में स्थित है और भारतीय जंगली गधे के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।

मरीन राष्ट्रीय उद्यान, कच्छ की खाड़ी: भारत के प्रमुख समुद्री राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। यह प्रवाल भित्तियों, मैंग्रोव, समुद्री कछुओं और विविध समुद्री जीवों के लिए प्रसिद्ध है।

वंसदा राष्ट्रीय उद्यान: दक्षिण गुजरात में स्थित घने वन क्षेत्र का राष्ट्रीय उद्यान है। इसे हरियाणा के अंतर्गत न रखें।

🎯 भ्रम से बचें

वेलावदर — काला हिरण | छोटा रण कच्छ — भारतीय जंगली गधा | गिर — एशियाई शेर।

07

महाराष्ट्र

टाइगर रिजर्व और पश्चिमी घाट

पेंच राष्ट्रीय उद्यान: पेंच संरक्षित परिदृश्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश दोनों में फैला है। महाराष्ट्र का भाग भी टाइगर रिजर्व का हिस्सा है।

सह्याद्रि टाइगर रिजर्व: महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में स्थित टाइगर रिजर्व है। इसे स्वयं अलग राष्ट्रीय उद्यान न समझें; इसके अंतर्गत चांदोली राष्ट्रीय उद्यान और कोयना वन्यजीव अभयारण्य जैसे क्षेत्र आते हैं।

मेलघाट टाइगर रिजर्व: महाराष्ट्र का महत्वपूर्ण और प्रारंभिक टाइगर रिजर्व है। इसमें गुगामल राष्ट्रीय उद्यान सहित संरक्षित क्षेत्र शामिल हैं।

बोरीवली राष्ट्रीय उद्यान: यह वर्तमान संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान का पुराना नाम है। दोनों अलग उद्यान नहीं हैं।

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान: मुंबई महानगर के भीतर स्थित विश्व के विशिष्ट शहरी राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। यह विशेष रूप से तेंदुओं, वन क्षेत्र और कन्हेरी गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है। इसे मुख्यतः “बाघ संरक्षण” उद्यान कहना सही नहीं है।

08

उत्तर प्रदेश

तराई वन और पक्षी अभयारण्य

दुधवा राष्ट्रीय उद्यान: उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है। यह दुधवा टाइगर रिजर्व का प्रमुख हिस्सा है और बाघ, बारहसिंगा तथा गैंडे के पुनर्स्थापन के लिए जाना जाता है।

चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य: चंदौली जिले में स्थित प्रसिद्ध अभयारण्य है।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व: उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण टाइगर रिजर्व है। इसे राष्ट्रीय उद्यान नहीं समझना चाहिए।

नवाबगंज पक्षी अभयारण्य: उन्नाव का यह प्रसिद्ध पक्षी क्षेत्र अब शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी अभयारण्य नाम से भी जाना जाता है। यह प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण है।

09

बिहार

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और अन्य संरक्षित क्षेत्र

वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान: पश्चिम चंपारण जिले में नेपाल सीमा के निकट स्थित बिहार का प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का भाग है। इसे “वाल्मीकिनगर” क्षेत्र के नाम से भी जोड़ा जाता है।

बक्सर: बिहार में “बक्सर टाइगर रिजर्व” नाम का कोई वर्तमान आधिकारिक टाइगर रिजर्व नहीं है। इसलिए बक्सर — बाघ संरक्षण का मिलान याद करना सही नहीं है।

बिहार में बाघ संरक्षण की प्रमुख पहचान वाल्मीकि टाइगर रिजर्व है।

अतिरिक्त महत्वपूर्ण: विक्रमशिला गंगेटिक डॉल्फिन अभयारण्य भागलपुर में गंगा डॉल्फिन संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।

10

पश्चिम बंगाल

मैंग्रोव बाघ और उत्तर बंगाल के वन

सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान: विश्वप्रसिद्ध मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र और रॉयल बंगाल टाइगर के लिए जाना जाता है। यह सुंदरबन टाइगर रिजर्व का महत्वपूर्ण भाग है।

बक्सा: उत्तर बंगाल में स्थित बक्सा टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र बाघ, हाथी और हिमालयी तराई जैवविविधता के लिए महत्वपूर्ण है।

गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान: उत्तर बंगाल के डुआर्स क्षेत्र में स्थित है और विशेष रूप से भारतीय एक सींग वाले गैंडे, गौर और अन्य वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है।

11

सिक्किम

कंचनजंघा और उच्च हिमालयी पारिस्थितिकी

कंचनजंघा राष्ट्रीय उद्यान: सिक्किम का विशाल उच्च हिमालयी संरक्षित क्षेत्र है। इसे खांगचेंदजोंगा राष्ट्रीय उद्यान भी लिखा जाता है।

यह क्षेत्र खांगचेंदजोंगा जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र से भी जुड़ा है और विश्व धरोहर स्थल है।

यह हिम तेंदुआ, लाल पांडा और उच्च हिमालयी जैवविविधता के लिए महत्वपूर्ण है।

12

असम

गैंडा, बाघ, हाथी और ब्रह्मपुत्र की जैवविविधता

मानस राष्ट्रीय उद्यान: बाघ, हाथी, गोल्डन लंगूर और विविध वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। यह टाइगर रिजर्व और विश्व धरोहर स्थल भी है।

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान: विश्व में भारतीय एक सींग वाले गैंडे की सबसे महत्वपूर्ण आबादियों में से एक के लिए प्रसिद्ध है। यह टाइगर रिजर्व भी है।

नामेरी राष्ट्रीय उद्यान: हाथी, बाघ और विविध पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है तथा नामेरी टाइगर रिजर्व से जुड़ा है।

ओरांग राष्ट्रीय उद्यान: ब्रह्मपुत्र के उत्तरी तट पर स्थित है और एक सींग वाले गैंडे, बाघ तथा हाथियों के लिए प्रसिद्ध है।

डिब्रू-सैखोवा राष्ट्रीय उद्यान: ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के बाढ़ मैदानों की समृद्ध जैवविविधता के लिए प्रसिद्ध है।

13

मेघालय

नोकरेक और बालपाक्रम

नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान: गारो पहाड़ियों में स्थित है और नोकरेक जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र का महत्वपूर्ण भाग है। यह समृद्ध वनस्पति, जंगली साइट्रस प्रजातियों और दुर्लभ वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। इसे केवल “बाघ और हिरण संरक्षण” तक सीमित करना उचित नहीं है।

बालपाक्रम राष्ट्रीय उद्यान: दक्षिण गारो पहाड़ियों का प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है। यहाँ गहरी घाटियाँ, पठारी भू-आकृतियाँ और विविध वन्यजीव पाए जाते हैं।

14

अरुणाचल प्रदेश

नामदाफा — पूर्वी हिमालय की असाधारण जैवविविधता

नामदाफा राष्ट्रीय उद्यान: अरुणाचल प्रदेश का विशाल राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व है।

यह अत्यंत विस्तृत ऊँचाई-परास और पूर्वी हिमालयी जैवविविधता के लिए प्रसिद्ध है। बाघ के साथ तेंदुआ, हिम तेंदुआ और क्लाउडेड लेपर्ड जैसे बड़े बिल्ली वर्ग के जीवों के लिए भी इसका विशेष महत्व है।

15

मिजोरम

डम्पा, मुरलेन और फावंगपुई

डम्पा टाइगर रिजर्व: मिजोरम का महत्वपूर्ण बाघ संरक्षण क्षेत्र है। इसे राष्ट्रीय उद्यान नहीं समझना चाहिए।

मुरलेन राष्ट्रीय उद्यान: घने उपोष्णकटिबंधीय वनों और पूर्वोत्तर की जैवविविधता के लिए महत्वपूर्ण है।

फावंगपुई ब्लू माउंटेन राष्ट्रीय उद्यान: मिजोरम के प्रसिद्ध ब्लू माउंटेन क्षेत्र में स्थित राष्ट्रीय उद्यान है।

16

मध्य प्रदेश

भारत के प्रमुख बाघ परिदृश्यों में से एक

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान: कान्हा टाइगर रिजर्व का प्रमुख भाग है। बाघ के साथ कठोर भूमि के बारहसिंगा के संरक्षण के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

पचमढ़ी: पचमढ़ी स्वयं राष्ट्रीय उद्यान नहीं है। यह पचमढ़ी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र है, जिसमें सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान, बोरी अभयारण्य और पचमढ़ी अभयारण्य जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

पेंच राष्ट्रीय उद्यान: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सीमा क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध बाघ परिदृश्य है। मध्य प्रदेश का पेंच भी टाइगर रिजर्व है।

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान: पन्ना टाइगर रिजर्व का प्रमुख भाग है और बाघों के सफल पुनर्स्थापन के लिए प्रसिद्ध है।

सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का महत्वपूर्ण भाग है और मध्य भारत की विविध वन्यजीव संपदा का संरक्षण करता है।

संजय राष्ट्रीय उद्यान: सीधी क्षेत्र का राष्ट्रीय उद्यान है और संजय-दुबरी टाइगर रिजर्व से जुड़ा है।

बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान: बाघों की प्रसिद्ध आबादी और बांधवगढ़ किले के लिए जाना जाता है तथा टाइगर रिजर्व है।

माधव राष्ट्रीय उद्यान: शिवपुरी में स्थित ऐतिहासिक राष्ट्रीय उद्यान है। वर्तमान संरक्षण व्यवस्था में यह बाघ संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण हो गया है।

ताडोबा: ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व महाराष्ट्र में है, मध्य प्रदेश में नहीं।

फॉसिल राष्ट्रीय उद्यान: मध्य प्रदेश के डिंडोरी क्षेत्र में घुघुआ जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान जीवाश्म वनस्पतियों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान: भोपाल में स्थित राष्ट्रीय उद्यान है और शहरी क्षेत्र के निकट वन्यजीव संरक्षण का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

🎯 विशेष सावधानी

पचमढ़ी — जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र | ताडोबा — महाराष्ट्र | घुघुआ — जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान।

17

छत्तीसगढ़

बस्तर के वन और टाइगर रिजर्व

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान: बस्तर क्षेत्र में स्थित है और घने वन, गुफाएँ, झरने तथा समृद्ध जैवविविधता के लिए प्रसिद्ध है। इसे केवल हिरण संरक्षण क्षेत्र कहना अधूरा है।

इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान: बस्तर क्षेत्र का प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व है।

अचानकमार: अचानकमार वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर रिजर्व है, राष्ट्रीय उद्यान नहीं।

18

ओडिशा

बाघ, खारे पानी के मगरमच्छ और समुद्री कछुए

सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान: मयूरभंज जिले का प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व है। यह विशाल वन, जलप्रपात और समृद्ध जैवविविधता के लिए जाना जाता है।

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान: मैंग्रोव पारिस्थितिकी और विशेष रूप से खारे पानी के मगरमच्छ के लिए प्रसिद्ध है।

गहिरमाथा समुद्री वन्यजीव अभयारण्य: विश्वप्रसिद्ध ऑलिव रिडले समुद्री कछुओं के सामूहिक अंडे देने के लिए प्रसिद्ध है। इसे “हरा कछुआ संरक्षण” के रूप में याद करना सही नहीं है।

सतकोसिया: महानदी की प्रसिद्ध सतकोसिया घाटी से जुड़ा टाइगर रिजर्व और संरक्षित परिदृश्य है। इसे केवल राष्ट्रीय उद्यान की श्रेणी में रखना उचित नहीं है।

19

आंध्र प्रदेश

श्री वेंकटेश्वर, कोल्लेरू और नागार्जुनसागर–श्रीशैलम

नागार्जुनसागर–श्रीशैलम टाइगर रिजर्व: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के नल्लमाला वन क्षेत्र में फैला विशाल टाइगर रिजर्व है। यह स्वयं एक राष्ट्रीय उद्यान नहीं है।

कोल्लेरू पक्षी अभयारण्य: कोल्लेरू झील क्षेत्र का प्रसिद्ध पक्षी अभयारण्य है। यहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय और प्रवासी जलपक्षी पाए जाते हैं।

श्री वेंकटेश्वर राष्ट्रीय उद्यान: तिरुपति क्षेत्र में स्थित राष्ट्रीय उद्यान है। इसे अलग टाइगर रिजर्व के रूप में याद करना सही नहीं है।

महावीर हरिण वनस्थली राष्ट्रीय उद्यान: वर्तमान में तेलंगाना के हैदराबाद में स्थित है, आंध्र प्रदेश में नहीं। यह काले हिरण के लिए प्रसिद्ध है।

20

तमिलनाडु

समुद्री जैवविविधता, पश्चिमी घाट और नीलगिरि

मन्नार की खाड़ी समुद्री राष्ट्रीय उद्यान: प्रवाल भित्तियों, समुद्री घास, डुगोंग, समुद्री कछुओं और अनेक समुद्री जीवों के लिए प्रसिद्ध है।

मुदुमलाई राष्ट्रीय उद्यान: नीलगिरि क्षेत्र का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व है।

कलक्कड़–मुंडनथुराई टाइगर रिजर्व: दक्षिणी पश्चिमी घाट का महत्वपूर्ण बाघ संरक्षण क्षेत्र है। इसे केवल “मुंडनथुराई राष्ट्रीय उद्यान” समझना सही नहीं है।

गिंडी राष्ट्रीय उद्यान: चेन्नई महानगर के भीतर स्थित भारत के छोटे और विशिष्ट शहरी राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है।

मुकुर्थी राष्ट्रीय उद्यान: नीलगिरि की उच्च पर्वतीय घासभूमि और नीलगिरि तहर के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

इंदिरा गांधी वन्यजीव अभयारण्य एवं राष्ट्रीय उद्यान: अनामलाई क्षेत्र से संबंधित है और वर्तमान व्यापक संरक्षण परिदृश्य अनामलाई टाइगर रिजर्व के रूप में जाना जाता है।

21

केरल

हाथी, नीलगिरि तहर और सदाबहार वन

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व: केरल का प्रसिद्ध संरक्षित क्षेत्र है। यह विशेष रूप से एशियाई हाथी, बाघ और पेरियार झील के लिए जाना जाता है।

साइलेंट वैली राष्ट्रीय उद्यान: पश्चिमी घाट के अत्यंत महत्वपूर्ण सदाबहार वर्षावनों में से एक है। इसकी मुख्य पहचान दुर्लभ उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन और सिंहपूंछ मकाक सहित जैवविविधता से है; इसे केवल बाघ संरक्षण के लिए प्रसिद्ध कहना अधूरा है।

एराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान: नीलगिरि तहर की महत्वपूर्ण आबादी और नीलकुरिंजी पुष्पन के लिए विश्वप्रसिद्ध है।

माथिकेतन शोला राष्ट्रीय उद्यान: पश्चिमी घाट की शोला वन पारिस्थितिकी का महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र है।

22

कर्नाटक

नीलगिरि जैवक्षेत्र और टाइगर रिजर्व

बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान: कर्नाटक का प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व है। यह नीलगिरि जैवक्षेत्र का महत्वपूर्ण भाग है।

नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान: इसे राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान भी कहा जाता है। यह टाइगर रिजर्व और हाथी परिदृश्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

भद्रा: भद्रा मुख्यतः वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर रिजर्व है, राष्ट्रीय उद्यान नहीं।

कुद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान: पश्चिमी घाट की पर्वतीय जैवविविधता और घासभूमि के लिए प्रसिद्ध है।

बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान: बेंगलुरु के निकट स्थित प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है।

23

गोवा

पश्चिमी घाट के वन

मोल्लेम राष्ट्रीय उद्यान: गोवा के पूर्वी भाग में पश्चिमी घाट क्षेत्र में स्थित राष्ट्रीय उद्यान है।

भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य: मोल्लेम क्षेत्र से जुड़ा विशाल वन्यजीव अभयारण्य है। मोल्लेम राष्ट्रीय उद्यान इसी व्यापक संरक्षित वन परिदृश्य के भीतर स्थित है।

इसलिए मोल्लेम और भगवान महावीर को बिल्कुल असंबंधित दो स्थान न समझें।

24

झारखंड

पलामू और बेतला

पलामू टाइगर रिजर्व: झारखंड का प्रमुख बाघ संरक्षण क्षेत्र है और भारत के शुरुआती टाइगर रिजर्वों में शामिल रहा है।

बेतला राष्ट्रीय उद्यान: पलामू टाइगर रिजर्व के अंतर्गत स्थित प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है।

इसलिए पलामू = टाइगर रिजर्व और बेतला = राष्ट्रीय उद्यान का अंतर याद रखें।

25

मणिपुर

शिरुई लिली और संगाई हिरण

शिरुई राष्ट्रीय उद्यान: उखरुल क्षेत्र में स्थित राष्ट्रीय उद्यान है। “सिरोही” की जगह शिरुई सही नाम है। यह प्रसिद्ध शिरुई लिली के लिए जाना जाता है।

केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान: लोकटक झील पर स्थित विश्व का प्रसिद्ध तैरता राष्ट्रीय उद्यान है। यह दुर्लभ संगाई हिरण के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

🎯 अत्यंत महत्वपूर्ण

केइबुल लामजाओ — मणिपुर — संगाई — तैरता राष्ट्रीय उद्यान।

26

नागालैंड

न्टांगकी राष्ट्रीय उद्यान

इंटांकी राष्ट्रीय उद्यान: इसे न्टांगकी राष्ट्रीय उद्यान भी लिखा जाता है। यह नागालैंड का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यान है और हाथी, हूलॉक गिब्बन तथा अन्य वन्यजीवों के लिए जाना जाता है।

27

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह

द्वीपीय और समुद्री राष्ट्रीय उद्यान

सैडल पीक राष्ट्रीय उद्यान: उत्तर अंडमान में स्थित है। “सैंडल पीक” की जगह सैडल पीक सही नाम है।

कैंपबेल बे राष्ट्रीय उद्यान: ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित राष्ट्रीय उद्यान है और ग्रेट निकोबार जैवमंडल क्षेत्र का भाग है।

गलाथिया राष्ट्रीय उद्यान: ग्रेट निकोबार के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यान है।

महात्मा गांधी समुद्री राष्ट्रीय उद्यान: वंडूर के निकट स्थित है और प्रवाल भित्तियों, समुद्री कछुओं तथा समुद्री जैवविविधता के लिए प्रसिद्ध है।

साउथ बटन द्वीप राष्ट्रीय उद्यान: अंडमान के छोटे समुद्री राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है और प्रवाल तथा समुद्री जीवों के लिए प्रसिद्ध है।

रानी झांसी समुद्री राष्ट्रीय उद्यान: अंडमान द्वीपसमूह का महत्वपूर्ण समुद्री राष्ट्रीय उद्यान है।

28

पंजाब

अबोहर वन्यजीव अभयारण्य

अबोहर वन्यजीव अभयारण्य: पंजाब के फाजिल्का क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य है। यह विशेष रूप से काले हिरण के संरक्षण और स्थानीय बिश्नोई समुदाय की संरक्षण परंपरा के लिए जाना जाता है।

अबोहर राष्ट्रीय उद्यान नहीं बल्कि वन्यजीव अभयारण्य है।

29

एक जैसे नाम और श्रेणियों में भ्रम

परीक्षा में गलती से बचें

हेमिस — लद्दाख; दाचीगाम और किश्तवाड़ — जम्मू और कश्मीर।

वंसदा — गुजरात, हरियाणा नहीं।

घाना पक्षी विहार = केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान; ये दो अलग संरक्षित क्षेत्र नहीं हैं।

बोरीवली राष्ट्रीय उद्यान = संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान का पुराना नाम

ब्लैकबक राष्ट्रीय उद्यान — काला हिरण; भारतीय जंगली गधा — कच्छ का छोटा रण

पीलीभीत — टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान नहीं।

डम्पा — टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान नहीं।

पचमढ़ी — जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र, स्वतंत्र राष्ट्रीय उद्यान नहीं।

ताडोबा — महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश नहीं।

अचानकमार — वन्यजीव अभयारण्य एवं टाइगर रिजर्व

गहिरमाथा — ऑलिव रिडले समुद्री कछुआ, हरा कछुआ नहीं।

महावीर हरिण वनस्थली — तेलंगाना, आंध्र प्रदेश नहीं।

भद्रा — वन्यजीव अभयारण्य एवं टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान नहीं।

पलामू — टाइगर रिजर्व | बेतला — राष्ट्रीय उद्यान।

शिरुई सही नाम है; “सिरोही” नहीं।

सैडल पीक सही नाम है; “सैंडल पीक” नहीं।

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प्रमुख उद्यान और प्रसिद्ध वन्यजीव

सबसे महत्वपूर्ण मिलान

राष्ट्रीय उद्यान / संरक्षित क्षेत्र राज्य मुख्य पहचान
दाचीगाम जम्मू और कश्मीर हंगुल
हेमिस लद्दाख हिम तेंदुआ
जिम कॉर्बेट उत्तराखंड भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान, बाघ
केवलादेव घाना राजस्थान जलपक्षी और प्रवासी पक्षी
रणथंभौर राजस्थान बाघ
गिर गुजरात एशियाई शेर
वेलावदर गुजरात काला हिरण
जंगली गधा अभयारण्य गुजरात भारतीय जंगली गधा
दुधवा उत्तर प्रदेश बाघ, बारहसिंगा
वाल्मीकि बिहार बाघ
सुंदरबन पश्चिम बंगाल मैंग्रोव और रॉयल बंगाल टाइगर
काजीरंगा असम एक सींग वाला गैंडा
कान्हा मध्य प्रदेश बाघ और बारहसिंगा
भितरकनिका ओडिशा खारे पानी का मगरमच्छ
गहिरमाथा ओडिशा ऑलिव रिडले समुद्री कछुआ
मन्नार की खाड़ी तमिलनाडु डुगोंग, प्रवाल और समुद्री जैवविविधता
एराविकुलम केरल नीलगिरि तहर
केइबुल लामजाओ मणिपुर संगाई हिरण, तैरता राष्ट्रीय उद्यान
अबोहर पंजाब काला हिरण
31

त्वरित पुनरावृत्ति

एसएससी और रेलवे के लिए

⚡ एक नज़र में

हेमिस—हिम तेंदुआ दाचीगाम—हंगुल कॉर्बेट—सबसे पुराना केवलादेव—पक्षी गिर—एशियाई शेर वेलावदर—काला हिरण काजीरंगा—गैंडा कान्हा—बारहसिंगा भितरकनिका—मगरमच्छ गहिरमाथा—ऑलिव रिडले एराविकुलम—नीलगिरि तहर केइबुल लामजाओ—संगाई

⚡ अंतिम पुनरावृत्ति बिंदु

हेमिस राष्ट्रीय उद्यान — लद्दाख — हिम तेंदुआ।

दाचीगाम — जम्मू और कश्मीर — हंगुल।

जिम कॉर्बेट — उत्तराखंड — भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान।

केवलादेव घाना — राजस्थान — प्रसिद्ध पक्षी राष्ट्रीय उद्यान।

रणथंभौर — राजस्थान — बाघ।

गिर — गुजरात — एशियाई शेर।

ब्लैकबक राष्ट्रीय उद्यान, वेलावदर — गुजरात — काला हिरण।

जंगली गधा अभयारण्य — कच्छ का छोटा रण, गुजरात।

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान — महाराष्ट्र — पुराना नाम बोरीवली राष्ट्रीय उद्यान।

दुधवा — उत्तर प्रदेश — बाघ और बारहसिंगा।

वाल्मीकि — बिहार का प्रमुख टाइगर रिजर्व।

सुंदरबन — पश्चिम बंगाल — मैंग्रोव और रॉयल बंगाल टाइगर।

काजीरंगा — असम — एक सींग वाला गैंडा।

नामदाफा — अरुणाचल प्रदेश — टाइगर रिजर्व और पूर्वी हिमालयी जैवविविधता।

पचमढ़ी — मध्य प्रदेश — जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र; स्वयं राष्ट्रीय उद्यान नहीं।

कान्हा — मध्य प्रदेश — बाघ और कठोर भूमि का बारहसिंगा।

ताडोबा — महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश नहीं।

सिमिलिपाल — ओडिशा — राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व।

भितरकनिका — ओडिशा — खारे पानी का मगरमच्छ।

गहिरमाथा — ओडिशा — ऑलिव रिडले समुद्री कछुआ।

महावीर हरिण वनस्थली — तेलंगाना — काला हिरण।

मन्नार की खाड़ी — तमिलनाडु — डुगोंग और प्रवाल भित्तियाँ।

एराविकुलम — केरल — नीलगिरि तहर।

बांदीपुर और नागरहोल — कर्नाटक — प्रमुख टाइगर रिजर्व।

पलामू — झारखंड — टाइगर रिजर्व; बेतला — राष्ट्रीय उद्यान।

केइबुल लामजाओ — मणिपुर — संगाई और तैरता राष्ट्रीय उद्यान।

अबोहर — पंजाब — काला हिरण; यह वन्यजीव अभयारण्य है।

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