\n\n\n\n\n

संघ व राज्य क्षेत्र

VidyaGlobe
भारतीय संघ, राज्य पुनर्गठन एवं क्षेत्रीय परिषदें
INDIAN UNION, STATE REORGANISATION AND ZONAL COUNCILS

भारतीय संघ, राज्य पुनर्गठन एवं क्षेत्रीय परिषदें

संघ की संरचना, नए राज्यों का गठन, राज्य पुनर्गठन और पाँच क्षेत्रीय परिषदें

भारतीय संघ की संरचना

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 में कहा गया है—“भारत अर्थात् इंडिया, राज्यों का संघ होगा।” संविधान निर्माताओं ने “संघ” शब्द का प्रयोग इस बात को स्पष्ट करने के लिए किया कि भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी साधारण समझौते से निर्मित ऐसा संघ नहीं है जिससे कोई राज्य अपनी इच्छा से अलग हो सके।

संविधान ने संसद को नए राज्यों को संघ में प्रवेश देने, नए राज्यों की स्थापना करने तथा मौजूदा राज्यों के क्षेत्र, सीमा और नाम में परिवर्तन करने की व्यापक शक्ति प्रदान की है।

01

भारत — राज्यों का संघ

अनुच्छेद 1

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 के अनुसार भारत अर्थात् इंडिया राज्यों का संघ है।

भारत के राज्यक्षेत्र में राज्यों के क्षेत्र, संघ राज्यक्षेत्र और भविष्य में भारत द्वारा अर्जित किए जाने वाले अन्य क्षेत्र शामिल हो सकते हैं।

राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों का विवरण संविधान की पहली अनुसूची में दिया गया है।

🎯 परीक्षा तथ्य

अनुच्छेद 1 — भारत अर्थात् इंडिया, राज्यों का संघ।

02

नए राज्य को संघ में सम्मिलित करने की शक्ति

अनुच्छेद 2

भारतीय संघ में किसी नए राज्य को प्रवेश देने अथवा स्थापित करने की शक्ति संसद को प्राप्त है।

इस संबंध में मुख्य संवैधानिक प्रावधान अनुच्छेद 2 में है।

संसद कानून बनाकर उन शर्तों और नियमों पर किसी नए राज्य को भारतीय संघ में प्रवेश दे सकती है अथवा उसकी स्थापना कर सकती है जिन्हें संसद उचित समझे।

03

नए राज्यों का निर्माण

अनुच्छेद 3

भारत के भीतर नए राज्य के गठन, किसी राज्य का क्षेत्र बढ़ाने या घटाने, सीमाओं में परिवर्तन करने अथवा उसका नाम बदलने की शक्ति संसद को प्राप्त है।

यह शक्ति संविधान के अनुच्छेद 3 में दी गई है।

अनुच्छेद 3 से संबंधित विधेयक संसद में केवल राष्ट्रपति की सिफारिश पर प्रस्तुत किया जा सकता है।

यदि प्रस्ताव किसी राज्य के क्षेत्र, सीमा या नाम को प्रभावित करता है तो राष्ट्रपति विधेयक को संबंधित राज्य विधानमंडल के विचार जानने के लिए भेजता है।

राज्य विधानमंडल अपनी राय दे सकता है, लेकिन संसद उसके मत को स्वीकार करने के लिए संवैधानिक रूप से बाध्य नहीं है।

📗 अंतर याद रखें

अनुच्छेद 2 — नए राज्य का संघ में प्रवेश या स्थापना।
अनुच्छेद 3 — भारत के वर्तमान क्षेत्र से नया राज्य बनाना, सीमा/क्षेत्र/नाम बदलना।

04

संघ राज्यक्षेत्रों का लोकसभा में प्रतिनिधित्व

अनुच्छेद 81

लोकसभा में संघ राज्यक्षेत्रों के प्रतिनिधित्व की संवैधानिक व्यवस्था अनुच्छेद 81 से संबंधित है।

संविधान के अनुसार लोकसभा में संघ राज्यक्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों की संख्या 20 से अधिक नहीं हो सकती।

यह अधिकतम संवैधानिक सीमा है; इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक समय संघ राज्यक्षेत्रों से ठीक 20 सदस्य ही होंगे।

05

जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन

31 अक्टूबर 2019

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के परिणामस्वरूप पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को दो अलग संघ राज्यक्षेत्रों में पुनर्गठित किया गया।

ये दो संघ राज्यक्षेत्र हैं—जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख

नई व्यवस्था 31 अक्टूबर 2019 से प्रभावी हुई।

जम्मू और कश्मीर संघ राज्यक्षेत्र के लिए विधानमंडल की व्यवस्था है, जबकि लद्दाख संघ राज्यक्षेत्र बिना विधानमंडल के बनाया गया।

🎯 परीक्षा तथ्य

31 अक्टूबर 2019 — जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग संघ राज्यक्षेत्र बने।

06

राज्य पुनर्गठन आयोग

फजल अली आयोग, 1953

भारत में राज्यों के व्यापक पुनर्गठन पर विचार करने के लिए 1953 में राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया।

इस आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति फजल अली थे। इसी कारण इसे सामान्यतः फजल अली आयोग कहा जाता है।

आयोग के अन्य दो सदस्य के. एम. पणिक्कर और हृदयनाथ कुंजरू थे।

आयोग ने भाषायी आधार को महत्वपूर्ण माना, लेकिन केवल भाषा को राज्य निर्माण का एकमात्र आधार नहीं माना। राष्ट्रीय एकता, प्रशासनिक सुविधा, आर्थिक व्यवहार्यता और जनहित जैसे अन्य कारकों को भी महत्व दिया गया।

आयोग की सिफारिशों की पृष्ठभूमि में राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 और सातवाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 लागू हुए।

07

भाषा के आधार पर पहला राज्य

आंध्र राज्य और आंध्र प्रदेश का अंतर

स्वतंत्र भारत में भाषायी आधार पर गठित पहला राज्य आंध्र राज्य था, जिसका गठन 1 अक्टूबर 1953 को तत्कालीन मद्रास राज्य के तेलुगु भाषी क्षेत्रों को अलग करके किया गया।

इसलिए परीक्षा में “भाषा के आधार पर गठित पहला राज्य” पूछा जाए तो उत्तर आंध्र राज्य लिखना अधिक सटीक है।

बाद में 1 नवंबर 1956 को आंध्र राज्य और तत्कालीन हैदराबाद राज्य के तेलुगु भाषी क्षेत्रों को मिलाकर आंध्र प्रदेश का गठन हुआ।

⚠️ बड़ा भ्रम

1953 — आंध्र राज्य।
1956 — आंध्र प्रदेश।

08

सिक्किम का भारत में पूर्ण राज्य के रूप में प्रवेश

36वाँ संविधान संशोधन, 1975

36वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1975 द्वारा सिक्किम को भारत का पूर्ण राज्य बनाया गया।

सिक्किम भारत का 22वाँ राज्य बना।

सिक्किम के लिए संविधान में विशेष प्रावधान के रूप में अनुच्छेद 371-च जोड़ा गया।

09

क्षेत्रीय परिषदें

राज्यों के बीच सहयोग का वैधानिक मंच

भारत में पाँच क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के अंतर्गत की गई।

इनका उद्देश्य राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाना, अंतरराज्यीय समस्याओं पर विचार करना, क्षेत्रीय विवादों को बातचीत से सुलझाना तथा संतुलित सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

प्रत्येक क्षेत्रीय परिषद एक परामर्शदात्री संस्था है।

केंद्रीय गृह मंत्री पाँचों क्षेत्रीय परिषदों के अध्यक्ष होते हैं।

संबंधित क्षेत्र के मुख्यमंत्रियों में से एक मुख्यमंत्री बारी-बारी से एक वर्ष के लिए उपाध्यक्ष का कार्य करता है।

पाँचों क्षेत्रीय परिषदों के कार्यों के लिए एक साझा क्षेत्रीय परिषद सचिवालय नई दिल्ली में कार्य करता है।

⚠️ मुख्यालय संबंधी सावधानी

उत्तरी—नई दिल्ली, केंद्रीय—प्रयागराज, पूर्वी—कोलकाता, पश्चिमी—मुंबई और दक्षिणी—चेन्नई को स्थायी अलग-अलग संवैधानिक मुख्यालय मानना सुरक्षित नहीं है। पाँचों परिषदों के लिए साझा क्षेत्रीय परिषद सचिवालय नई दिल्ली में है।

10

उत्तरी क्षेत्रीय परिषद

उत्तर भारत के सदस्य राज्य एवं संघ राज्यक्षेत्र

उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में वर्तमान व्यवस्था के अनुसार हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान राज्य शामिल हैं।

इसके साथ दिल्ली, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ संघ राज्यक्षेत्र भी इस परिषद से जुड़े हैं।

📗 उत्तरी परिषद

हरियाणा + हिमाचल प्रदेश + पंजाब + राजस्थान + दिल्ली + जम्मू-कश्मीर + लद्दाख + चंडीगढ़

11

केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद

मध्य भारत का क्षेत्रीय समूह

केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।

📗 केंद्रीय परिषद

उत्तर प्रदेश + उत्तराखंड + मध्य प्रदेश + छत्तीसगढ़

12

पूर्वी क्षेत्रीय परिषद

पूर्वी भारत के सदस्य

पूर्वी क्षेत्रीय परिषद में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा शामिल हैं।

पुरानी और आधिकारिक क्षेत्रीय परिषद सूचियों में सिक्किम को भी पूर्वी क्षेत्रीय परिषद में दिखाया जाता है। बाद में सिक्किम को उत्तर-पूर्वी परिषद में भी शामिल किया गया और उसे पूर्वी क्षेत्रीय परिषद से अलग करने की प्रक्रिया का उल्लेख गृह मंत्रालय ने किया है।

इसलिए सिक्किम को लेकर परीक्षा में स्रोत और प्रश्न की भाषा पर ध्यान देना आवश्यक है।

🎯 परीक्षा-सावधानी

पुरानी मानक सूची में बिहार + झारखंड + ओडिशा + पश्चिम बंगाल + सिक्किम दिया जाता है।

13

पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद

पश्चिम भारत का क्षेत्रीय समूह

पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद में गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा राज्य शामिल हैं।

इसके साथ वर्तमान संयुक्त संघ राज्यक्षेत्र दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव भी शामिल है।

पहले दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव दो अलग संघ राज्यक्षेत्र थे। दोनों को 26 जनवरी 2020 से एक संयुक्त संघ राज्यक्षेत्र में मिला दिया गया।

📗 पश्चिमी परिषद

गुजरात + महाराष्ट्र + गोवा + दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

14

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद

दक्षिण भारत के राज्य और पुडुचेरी

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं।

इसके साथ संघ राज्यक्षेत्र पुडुचेरी भी दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद का सदस्य है।

📗 दक्षिणी परिषद

आंध्र प्रदेश + कर्नाटक + केरल + तमिलनाडु + तेलंगाना + पुडुचेरी

15

उत्तर-पूर्वी राज्यों की अलग व्यवस्था

उत्तर-पूर्वी परिषद

उत्तर-पूर्व के अधिकांश राज्य पाँच वैधानिक क्षेत्रीय परिषदों में शामिल नहीं किए गए थे।

उनकी विशेष क्षेत्रीय समस्याओं और विकास के लिए अलग उत्तर-पूर्वी परिषद की स्थापना उत्तर-पूर्वी परिषद अधिनियम, 1971 के आधार पर की गई और इसका संस्थागत ढाँचा 1972 से कार्यरत हुआ।

उत्तर-पूर्वी परिषद में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम शामिल हैं।

16

राज्यों को पूर्ण राज्य का दर्जा

महत्वपूर्ण राज्य और सही वर्ष

राज्य पूर्ण राज्य बनने का प्रमुख वर्ष महत्वपूर्ण तथ्य
असम 1950 असम कोई 1969 में बना नया राज्य नहीं था; स्वतंत्रता और संविधान के प्रारंभ से ही राज्य व्यवस्था का हिस्सा था।
नागालैंड 1963 1 दिसंबर 1963 को भारत का 16वाँ राज्य बना।
हिमाचल प्रदेश 1971 25 जनवरी 1971 को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
मेघालय 1972 21 जनवरी 1972 को पूर्ण राज्य बना; इससे पहले 1970 में असम के भीतर स्वायत्त राज्य था।
मणिपुर 1972 21 जनवरी 1972 को पूर्ण राज्य बना।
त्रिपुरा 1972 21 जनवरी 1972 को पूर्ण राज्य बना।
सिक्किम 1975 36वें संविधान संशोधन द्वारा भारत का 22वाँ राज्य।
अरुणाचल प्रदेश 1987 20 फरवरी 1987 को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
मिजोरम 1987 20 फरवरी 1987 को भारत का 23वाँ राज्य बना।
17

वर्षों में होने वाले प्रमुख भ्रम

परीक्षा में गलती से बचें

गलत: असम को 1969 में राज्य का दर्जा मिला।
सही: असम स्वतंत्र भारत के प्रारंभिक राज्यों में था; 1969 इसकी राज्य स्थापना की तिथि नहीं है।

गलत: नागालैंड 1969 में राज्य बना।
सही: नागालैंड 1 दिसंबर 1963 को पूर्ण राज्य बना।

अधूरा: भाषा के आधार पर पहला राज्य आंध्र प्रदेश था।
सही: आंध्र राज्य 1953 पहला भाषायी राज्य; आंध्र प्रदेश 1956 में बना।

गलत: सिक्किम 1975-76 में राज्य बना।
सही: सिक्किम 1975 में 36वें संविधान संशोधन द्वारा पूर्ण राज्य बना।

अस्पष्ट: अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम 1986-87 में राज्य बने।
सही: दोनों ने 20 फरवरी 1987 को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त किया।

गलत: सभी क्षेत्रीय परिषदों के अलग स्थायी मुख्यालय हैं।
सही: पाँचों क्षेत्रीय परिषदों के लिए साझा सचिवालय नई दिल्ली में कार्य करता है।

⚡ अंतिम पुनरावृत्ति

अनुच्छेद 1 — भारत राज्यों का संघ है।

अनुच्छेद 2 — नए राज्यों का संघ में प्रवेश या स्थापना।

अनुच्छेद 3 — नए राज्य का गठन तथा राज्य की सीमा, क्षेत्र या नाम में परिवर्तन।

लोकसभा में संघ राज्यक्षेत्रों के प्रतिनिधियों की संवैधानिक अधिकतम संख्या — 20।

31 अक्टूबर 2019 — जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग संघ राज्यक्षेत्र बने।

राज्य पुनर्गठन आयोग — 1953 — अध्यक्ष फजल अली।

फजल अली आयोग के अन्य सदस्य — के. एम. पणिक्कर और हृदयनाथ कुंजरू।

भाषायी आधार पर पहला राज्य — आंध्र राज्य — 1 अक्टूबर 1953।

आंध्र प्रदेश — 1 नवंबर 1956।

36वाँ संविधान संशोधन, 1975 — सिक्किम भारत का 22वाँ राज्य।

पाँच क्षेत्रीय परिषदें — उत्तरी, केंद्रीय, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी।

क्षेत्रीय परिषदों का साझा सचिवालय — नई दिल्ली।

पाँचों क्षेत्रीय परिषदों के अध्यक्ष — केंद्रीय गृह मंत्री।

उत्तरी परिषद — हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़।

केंद्रीय परिषद — उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़।

पूर्वी परिषद — बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल; पुरानी सूची में सिक्किम भी।

पश्चिमी परिषद — गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा तथा दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव।

दक्षिणी परिषद — आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और पुडुचेरी।

नागालैंड — 1963।

हिमाचल प्रदेश — 1971।

मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा — 1972।

सिक्किम — 1975।

अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम — 1987।

Scroll to Top