महासागरीय धाराएँ
गर्म एवं ठंडी धाराएँ, प्रमुख महासागरीय प्रवाह तथा जलवायु और मत्स्य उद्योग पर प्रभाव
महासागरीय धारा क्या है?
महासागरों में एक निश्चित दिशा में लंबे समय तक प्रवाहित होने वाले विशाल जल प्रवाह को महासागरीय धारा कहा जाता है। इसे महासागर के भीतर बहने वाली विशाल जलधारा के रूप में समझा जा सकता है।
महासागरीय धाराओं की उत्पत्ति में स्थायी पवनें, पृथ्वी का घूर्णन, कोरिओलिस प्रभाव, तापमान और लवणता के कारण जल के घनत्व में अंतर, गुरुत्वाकर्षण तथा महाद्वीपीय तटों की आकृति महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ये धाराएँ पृथ्वी पर ऊष्मा के पुनर्वितरण में सहायता करती हैं और इसलिए जलवायु, वर्षा, कोहरा, समुद्री पारिस्थितिकी, मत्स्य उद्योग तथा समुद्री परिवहन पर गहरा प्रभाव डालती हैं।
महासागरीय धाराओं के निर्माण के कारण
जल को गति देने वाली प्रमुख शक्तियाँ
स्थायी और मौसमी पवनें समुद्र की सतह के जल को धकेलती हैं और सतही महासागरीय धाराओं के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।
पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न कोरिओलिस प्रभाव गतिशील जल की दिशा को प्रभावित करता है। उत्तरी गोलार्ध में प्रवाह दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विचलित होने की प्रवृत्ति रखता है।
समुद्री जल के तापमान और लवणता में अंतर से उसके घनत्व में अंतर पैदा होता है। अधिक घनत्व वाला जल नीचे डूब सकता है और कम घनत्व वाला जल ऊपर रह सकता है। इससे गहरे महासागरीय परिसंचरण का निर्माण होता है।
महाद्वीपों की स्थिति और तटों की आकृति महासागरीय धाराओं के सीधे प्रवाह को रोककर उनकी दिशा बदल सकती है।
इस प्रकार महासागरीय धाराएँ केवल तापमान या वायुदाब के कारण नहीं बनतीं, बल्कि कई भौतिक प्रक्रियाओं के संयुक्त प्रभाव से बनती हैं।
गर्म और ठंडी धाराएँ
तापीय प्रकृति के आधार पर वर्गीकरण
तापीय प्रकृति के आधार पर महासागरीय धाराओं को सामान्यतः गर्म और ठंडी धाराओं में बाँटा जाता है।
गर्म धाराएँ सामान्यतः निम्न अक्षांशों के गर्म जल को उच्च अक्षांशों की ओर ले जाती हैं। ये जिस तटीय क्षेत्र के निकट बहती हैं वहाँ तापमान को अपेक्षाकृत बढ़ा सकती हैं।
ठंडी धाराएँ सामान्यतः उच्च अक्षांशों या ठंडे जल क्षेत्रों से अपेक्षाकृत निम्न अक्षांशों की ओर ठंडा जल ले जाती हैं। ये तटीय तापमान को कम कर सकती हैं।
“गर्म धारा हमेशा विषुवत रेखा से ध्रुव तक और ठंडी धारा हमेशा ध्रुव से विषुवत रेखा तक ही बहती है” को कठोर सार्वभौमिक नियम नहीं मानना चाहिए। यह उनकी सामान्य प्रवृत्ति को समझाने वाला सरल नियम है।
🎯 सरल नियम
गर्म धारा — निम्न अक्षांश से उच्च अक्षांश की ओर गर्म जल का परिवहन।
ठंडी धारा — उच्च अक्षांश अथवा ठंडे क्षेत्र से निम्न अक्षांश की ओर ठंडे जल का परिवहन।
प्रशांत महासागर की प्रमुख धाराएँ
कुरोशियो, कैलिफोर्निया और हम्बोल्ट
प्रशांत महासागर में कई महत्वपूर्ण गर्म और ठंडी महासागरीय धाराएँ प्रवाहित होती हैं। इनमें कुरोशियो, ओयाशियो, कैलिफोर्निया और हम्बोल्ट विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
कुरोशियो धारा उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर की एक शक्तिशाली गर्म धारा है। यह जापान के दक्षिण और पूर्वी तट के समीप गर्म जल को उत्तर की ओर ले जाती है।
कुरोशियो को परंपरागत रूप से जापान धारा भी कहा जाता है।
इसलिए “कुरोशियो धारा” और “जापान धारा” को दो अलग महासागरीय धाराएँ नहीं समझना चाहिए। दोनों नाम सामान्यतः उसी गर्म धारा के लिए प्रयुक्त होते हैं।
कैलिफोर्निया धारा उत्तर अमेरिका के पश्चिमी तट के साथ दक्षिण की ओर बहने वाली ठंडी धारा है।
हम्बोल्ट धारा दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के साथ बहने वाली ठंडी धारा है। इसे पेरू धारा भी कहा जाता है।
⚠️ नाम की शुद्धता
सही नाम कुरोशियो धारा है। “कुशीरो” इसके लिए सही नाम नहीं है।
कुरोशियो = जापान धारा
हम्बोल्ट = पेरू धारा
ओयाशियो धारा
जापान के उत्तर-पूर्व में बहने वाली ठंडी धारा
ओयाशियो धारा उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर की एक ठंडी धारा है।
यह बेरिंग सागर और उप-आर्कटिक उत्तर प्रशांत क्षेत्र से ठंडे जल को दक्षिण की ओर लाते हुए कामचटका, कुरील द्वीपों और जापान के उत्तर-पूर्वी तट की ओर प्रवाहित होती है।
जापान के निकट गर्म कुरोशियो और ठंडी ओयाशियो जल राशियों के मिलने वाले क्षेत्र में समुद्री जैविक उत्पादकता बहुत अधिक होती है।
यह क्षेत्र विश्व के महत्वपूर्ण मत्स्य क्षेत्रों में शामिल है।
⚠️ महासागर याद रखें
ओयाशियो का संबंध उत्तर प्रशांत महासागर से है। इसे “आर्कटिक महासागर की मुख्य धारा” के रूप में वर्गीकृत करना उचित नहीं है।
अटलांटिक महासागर की प्रमुख धाराएँ
गल्फ स्ट्रीम से बेंगुएला तक
अटलांटिक महासागर की प्रमुख धाराओं में गल्फ स्ट्रीम, उत्तरी अटलांटिक प्रवाह, लैब्राडोर, कैनरी, ब्राजील और बेंगुएला विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
इन धाराओं का उत्तर अमेरिका, यूरोप, दक्षिण अमेरिका तथा अफ्रीका की जलवायु और समुद्री पारिस्थितिकी पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।
गल्फ स्ट्रीम
उत्तरी अटलांटिक की शक्तिशाली गर्म धारा
गल्फ स्ट्रीम उत्तरी अटलांटिक महासागर की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शक्तिशाली गर्म महासागरीय धारा है।
यह फ्लोरिडा जलडमरूमध्य से निकलकर संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वी तट के साथ उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बहती है।
आगे उत्तर अटलांटिक में इसका प्रवाह विस्तृत होकर पूर्व और उत्तर-पूर्व की ओर जारी रहता है तथा उत्तरी अटलांटिक परिसंचरण के माध्यम से पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी यूरोप तक ऊष्मा पहुँचाने में योगदान देता है।
इस महासागरीय ऊष्मा परिवहन का यूरोप की जलवायु पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।
📗 परीक्षा तथ्य
गल्फ स्ट्रीम — उत्तरी अटलांटिक — गर्म धारा।
उत्तरी अटलांटिक प्रवाह
गल्फ स्ट्रीम प्रणाली का पूर्वोत्तर विस्तार
उत्तरी अटलांटिक प्रवाह उत्तर अटलांटिक में गल्फ स्ट्रीम प्रणाली के पूर्वोत्तर विस्तार से संबंधित गर्म महासागरीय प्रवाह है।
यह गर्म जल और ऊष्मा को उत्तर-पूर्वी अटलांटिक तथा यूरोप की दिशा में ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस कारण पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी यूरोप की समुद्री जलवायु अपेक्षाकृत नरम बनी रहने में महासागरीय ऊष्मा परिवहन का योगदान रहता है।
⚠️ गल्फ स्ट्रीम और उत्तरी अटलांटिक प्रवाह
दोनों को पूरी तरह असंबंधित अलग धाराएँ भी न समझें और दोनों नामों को हर स्थिति में बिल्कुल समान भी न मानें।
सरल रूप में याद रखें — गल्फ स्ट्रीम का उत्तर-पूर्व की ओर विस्तृत प्रवाह उत्तरी अटलांटिक प्रवाह प्रणाली से जुड़ता है।
लैब्राडोर धारा
कनाडा के पूर्वी तट की ठंडी धारा
लैब्राडोर धारा उत्तर-पश्चिमी अटलांटिक महासागर की ठंडी धारा है।
यह आर्कटिक और उप-आर्कटिक क्षेत्र से ठंडा जल कनाडा के लैब्राडोर और न्यूफाउंडलैंड तट की ओर दक्षिण दिशा में लाती है।
न्यूफाउंडलैंड के निकट ठंडी लैब्राडोर धारा और गर्म गल्फ स्ट्रीम प्रणाली के जल के मिलने से क्षेत्र में घना कोहरा बनने की अनुकूल परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं।
इन जल राशियों के संपर्क और पोषक तत्वों की उपलब्धता के कारण यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण मत्स्य क्षेत्र रहा है।
कैनरी धारा
उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका की ठंडी धारा
कैनरी धारा उत्तर अटलांटिक महासागर की एक ठंडी धारा है।
यह उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका और आइबेरियाई क्षेत्र के समीप अपेक्षाकृत ठंडे जल को दक्षिण की ओर ले जाती है।
यह उत्तर अटलांटिक महासागरीय चक्र की पूर्वी सीमा से संबंधित प्रमुख धारा है।
ठंडा समुद्री जल तटीय क्षेत्रों में वाष्पीकरण और वायुमंडलीय स्थिरता को प्रभावित कर सकता है तथा उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका की शुष्क परिस्थितियों में योगदान देने वाले कारकों में शामिल है।
ब्राजील धारा
दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट की गर्म धारा
ब्राजील धारा दक्षिण अटलांटिक महासागर की गर्म धारा है।
यह दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट, विशेष रूप से ब्राजील के तट के साथ दक्षिण दिशा की ओर गर्म जल ले जाती है।
दक्षिण अटलांटिक के दक्षिणी भाग में इसका संपर्क ठंडे उप-अंटार्कटिक जल से संबंधित धाराओं से होता है।
बेंगुएला धारा
दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका की ठंडी धारा
बेंगुएला धारा दक्षिण अटलांटिक महासागर की ठंडी धारा है, जो दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका के तट के साथ सामान्यतः उत्तर दिशा में प्रवाहित होती है।
इस क्षेत्र में ठंडे और पोषक तत्वों से भरपूर गहरे जल का ऊपर उठना अर्थात अपवेलिंग समुद्री उत्पादकता को बढ़ाता है।
बेंगुएला की ठंडी समुद्री परिस्थितियाँ दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका के तटीय भाग में वाष्पीकरण और वर्षा को सीमित करने में योगदान देती हैं।
इसका प्रभाव नामीब मरुस्थल की अत्यंत शुष्क तटीय जलवायु से संबंधित महत्वपूर्ण कारकों में से एक है।
🎯 जोड़ी याद रखें
बेंगुएला धारा — ठंडी — दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका — नामीब मरुस्थल।
हिन्द महासागर की प्रमुख धाराएँ
अगुलहास, सोमालिया और मोजाम्बिक
हिन्द महासागर में महासागरीय धाराओं पर मानसूनी पवनों का विशेष प्रभाव दिखाई देता है, विशेषकर इसके उत्तरी भाग में।
इस महासागर की महत्वपूर्ण धाराओं में अगुलहास धारा, सोमालिया धारा और मोजाम्बिक क्षेत्र का गर्म प्रवाह प्रमुख हैं।
अगुलहास धारा
दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका की शक्तिशाली गर्म धारा
अगुलहास धारा दक्षिण-पश्चिमी हिन्द महासागर की एक शक्तिशाली गर्म महासागरीय धारा है।
यह अफ्रीका के दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी तट के साथ दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है।
इसे हिन्द महासागर की प्रमुख गर्म पश्चिमी सीमा धाराओं में गिना जाता है।
दक्षिण अफ्रीका के समीप इसके प्रवाह का बड़ा भाग मुड़कर वापस हिन्द महासागर की ओर लौटता है, जबकि कुछ गर्म जल अटलांटिक महासागर की दिशा में भी पहुँच सकता है।
सोमालिया धारा
मानसून के साथ दिशा बदलने वाली विशेष धारा
सोमालिया धारा अफ्रीका के हॉर्न अर्थात सोमालिया के तट के समीप पश्चिमी हिन्द महासागर में बहती है।
इस धारा की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसका प्रवाह मानसूनी पवनों के साथ मौसमी रूप से दिशा बदलता है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय, विशेषकर जून से सितंबर के दौरान, सोमालिया तट के पास अत्यंत शक्तिशाली अपवेलिंग विकसित हो सकती है।
अपवेलिंग के कारण समुद्र की गहराई से ठंडा और पोषक तत्वों से भरपूर जल सतह पर आता है। इसलिए इस मौसम में सोमालिया तट के सतही जल में उल्लेखनीय ठंडक और उच्च जैविक उत्पादकता देखी जा सकती है।
मानसून बदलने पर धारा की दिशा और प्रकृति में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन आता है।
⚠️ सबसे महत्वपूर्ण सुधार
“सोमालिया धारा एक ठंडी धारा है” इसे सालभर लागू होने वाला सरल तथ्य न मानें।
यह मानसून के साथ दिशा बदलने वाली मौसमी धारा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान शक्तिशाली अपवेलिंग के कारण तटीय जल ठंडा हो जाता है।
मोजाम्बिक धारा
मोजाम्बिक चैनल का गर्म जल प्रवाह
मोजाम्बिक चैनल अफ्रीकी मुख्य भूमि के मोजाम्बिक तट और मेडागास्कर द्वीप के बीच स्थित है।
इस क्षेत्र में सामान्यतः गर्म जल दक्षिण दिशा की ओर प्रवाहित होता है और आगे अगुलहास धारा प्रणाली को जल प्रदान करने में योगदान करता है।
परंपरागत भूगोल में इसे मोजाम्बिक गर्म धारा के रूप में पढ़ाया जाता है।
वास्तविक महासागरीय परिसंचरण में मोजाम्बिक चैनल का प्रवाह सरल, लगातार एक समान धारा न होकर कई बड़े भँवरों और जटिल जल प्रवाहों से भी जुड़ा होता है।
पश्चिमी पवन धारा
अंटार्कटिका के चारों ओर बहने वाली विशाल धारा
पश्चिमी पवन धारा दक्षिणी महासागर में अंटार्कटिका के चारों ओर बहने वाली विशाल ठंडी महासागरीय धारा है।
इसे अंटार्कटिक परिध्रुवीय धारा भी कहा जाता है।
यह शक्तिशाली पश्चिमी पवनों से प्रभावित होकर सामान्यतः पश्चिम से पूर्व दिशा में पूरे अंटार्कटिका के चारों ओर प्रवाहित होती है।
इसकी विशेषता यह है कि यह पृथ्वी की एकमात्र बड़ी महासागरीय धारा है जो किसी महाद्वीपीय अवरोध से पूरी तरह रुके बिना पृथ्वी के चारों ओर प्रवाहित कर सकती है।
यह अटलांटिक, प्रशांत और हिन्द महासागरों के दक्षिणी भागों को परस्पर जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
📗 याद रखें
पश्चिमी पवन धारा = अंटार्कटिक परिध्रुवीय धारा = अंटार्कटिका के चारों ओर पश्चिम से पूर्व।
जलवायु पर प्रभाव
तापमान, आर्द्रता और वर्षा में भूमिका
महासागरीय धाराएँ एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक ऊष्मा पहुँचाकर पृथ्वी के तापीय संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
गर्म धाराएँ अपने आसपास के वायुमंडल को ऊष्मा प्रदान कर सकती हैं और तटीय क्षेत्रों का तापमान अपेक्षाकृत बढ़ाने में योगदान देती हैं।
उत्तरी अटलांटिक में गल्फ स्ट्रीम और उससे जुड़ी धाराओं द्वारा ले जाई गई ऊष्मा पश्चिमी तथा उत्तर-पश्चिमी यूरोप की समुद्री जलवायु को प्रभावित करती है।
ठंडी धाराएँ तटीय वातावरण को ठंडा कर सकती हैं। इनसे वाष्पीकरण कम हो सकता है तथा वातावरण अधिक स्थिर हो सकता है, जिससे कुछ पश्चिमी महाद्वीपीय तटों पर शुष्क परिस्थितियाँ विकसित होने में सहायता मिलती है।
बेंगुएला धारा का प्रभाव दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका के नामीब मरुस्थल की शुष्क तटीय जलवायु से जुड़ा है।
⚠️ कारण को अकेला न समझें
किसी मरुस्थल का निर्माण केवल ठंडी महासागरीय धारा से नहीं होता। वायुमंडलीय परिसंचरण, अक्षांश, स्थलाकृति और अन्य कारक भी महत्वपूर्ण होते हैं। ठंडी धारा इनमें से एक प्रमुख सहायक कारक हो सकती है।
मत्स्य उद्योग पर प्रभाव
अपवेलिंग और पोषक तत्वों की भूमिका
कई ठंडी धाराओं वाले तटीय क्षेत्रों में अपवेलिंग होती है। इसमें समुद्र की गहराई से ठंडा और पोषक तत्वों से भरपूर जल सतह पर आता है।
पोषक तत्वों की अधिकता से सूक्ष्म समुद्री वनस्पतियों अर्थात प्लवकों की वृद्धि होती है, जिन पर समुद्री खाद्य श्रृंखला निर्भर करती है।
इसी कारण अपवेलिंग वाले कई क्षेत्रों में मछलियों की संख्या अत्यधिक होती है और वहाँ मत्स्य उद्योग विकसित होता है।
दक्षिण अमेरिका के पेरू तट पर हम्बोल्ट या पेरू धारा से संबंधित अपवेलिंग विश्व के अत्यंत उत्पादक मत्स्य क्षेत्रों में से एक को सहारा देती है।
गर्म और ठंडी जल राशियों के मिलने वाले कुछ क्षेत्रों में भी समुद्री उत्पादकता अधिक हो सकती है। जापान के निकट कुरोशियो और ओयाशियो क्षेत्र इसका महत्वपूर्ण उदाहरण है।
🎯 परीक्षा संबंध
हम्बोल्ट धारा → पेरू तट → अपवेलिंग → पोषक तत्व → समृद्ध मत्स्य क्षेत्र।
कोहरा और धाराओं का मिलन
गर्म और ठंडे जल के संपर्क का प्रभाव
जब गर्म और ठंडी समुद्री जल राशियाँ पास-पास आती हैं, तो ऊपर की वायु में तापमान और नमी की परिस्थितियाँ तेजी से बदल सकती हैं।
ऐसे क्षेत्रों में घना समुद्री कोहरा बनने की संभावना बढ़ सकती है।
न्यूफाउंडलैंड के आसपास गर्म गल्फ स्ट्रीम प्रणाली और ठंडी लैब्राडोर धारा का संपर्क कोहरे के लिए प्रसिद्ध है।
यह क्षेत्र समुद्री नौवहन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ ऐतिहासिक रूप से समृद्ध मत्स्य क्षेत्र भी रहा है।
समुद्री मार्गों पर प्रभाव
जहाजों की गति और ईंधन की खपत
महासागरीय धाराएँ समुद्री जहाजों की वास्तविक गति और यात्रा के समय को प्रभावित कर सकती हैं।
यदि जहाज के मार्ग की दिशा और महासागरीय धारा की दिशा एक समान हो, तो धारा जहाज की गति बढ़ाने में सहायता कर सकती है।
इसके विपरीत विपरीत दिशा की शक्तिशाली धारा यात्रा को धीमा कर सकती है और अधिक ईंधन की आवश्यकता पड़ सकती है।
आधुनिक जहाज मार्ग निर्धारित करते समय महासागरीय धाराओं, हवाओं, लहरों और मौसम की जानकारी का उपयोग करते हैं।
इसलिए यह कहना कि जहाज केवल गर्म धाराओं का उपयोग करते हैं, पूरी तरह सही नहीं है। जहाजों के लिए मुख्य बात धारा का गर्म या ठंडा होना नहीं बल्कि उसकी दिशा और गति का मार्ग के अनुकूल होना है।
प्रमुख गर्म धाराएँ
एक नज़र में
| धारा | महासागर/क्षेत्र | मुख्य स्थिति |
|---|---|---|
| कुरोशियो | प्रशांत महासागर | जापान के दक्षिण एवं पूर्व में गर्म धारा |
| गल्फ स्ट्रीम | अटलांटिक महासागर | उत्तरी अमेरिका के पूर्वी तट से उत्तर-पूर्व की ओर |
| उत्तरी अटलांटिक प्रवाह | उत्तरी अटलांटिक | यूरोप की दिशा में गर्म जल और ऊष्मा का परिवहन |
| ब्राजील धारा | दक्षिण अटलांटिक | दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के साथ |
| अगुलहास धारा | हिन्द महासागर | दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका के तट के साथ दक्षिण की ओर |
| मोजाम्बिक क्षेत्र का प्रवाह | हिन्द महासागर | मोजाम्बिक और मेडागास्कर के बीच गर्म जल |
प्रमुख ठंडी धाराएँ
एक नज़र में
| धारा | महासागर/क्षेत्र | मुख्य स्थिति |
|---|---|---|
| कैलिफोर्निया धारा | प्रशांत महासागर | उत्तर अमेरिका का पश्चिमी तट |
| हम्बोल्ट या पेरू धारा | प्रशांत महासागर | दक्षिण अमेरिका का पश्चिमी तट |
| ओयाशियो धारा | उत्तर प्रशांत | जापान के उत्तर-पूर्व की ओर ठंडा जल |
| लैब्राडोर धारा | उत्तर अटलांटिक | कनाडा के पूर्वी तट के साथ दक्षिण की ओर |
| कैनरी धारा | उत्तर अटलांटिक | उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के तट के साथ |
| बेंगुएला धारा | दक्षिण अटलांटिक | दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका के तट के साथ |
| पश्चिमी पवन धारा | दक्षिणी महासागर | अंटार्कटिका के चारों ओर पश्चिम से पूर्व |
⚠️ सोमालिया धारा को इस सूची में स्थायी रूप से न रखें
सोमालिया धारा मानसूनी पवनों के साथ दिशा और प्रकृति बदलती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून में इससे संबंधित अपवेलिंग के कारण तटीय जल अत्यधिक ठंडा हो सकता है।
महत्वपूर्ण धाराएँ और उनकी पहचान
परीक्षा के लिए सारणी
| धारा | प्रकृति | महत्वपूर्ण पहचान |
|---|---|---|
| कुरोशियो | गर्म | जापान धारा के नाम से भी प्रसिद्ध |
| ओयाशियो | ठंडी | जापान के उत्तर-पूर्व में |
| कैलिफोर्निया | ठंडी | उत्तर अमेरिका का पश्चिमी तट |
| हम्बोल्ट | ठंडी | पेरू धारा; समृद्ध मत्स्य क्षेत्र |
| गल्फ स्ट्रीम | गर्म | उत्तर अटलांटिक की शक्तिशाली गर्म धारा |
| लैब्राडोर | ठंडी | कनाडा का पूर्वी तट |
| कैनरी | ठंडी | उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका |
| ब्राजील | गर्म | दक्षिण अमेरिका का पूर्वी तट |
| बेंगुएला | ठंडी | दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका; नामीब से संबंध |
| अगुलहास | गर्म | दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका |
| सोमालिया | मौसमी परिवर्तनशील | मानसून के साथ दिशा बदलती है |
| पश्चिमी पवन धारा | ठंडी | अंटार्कटिका के चारों ओर |
परीक्षा में भ्रम पैदा करने वाली जोड़ियाँ
सही पहचान एक साथ याद रखें
🧠 याद रखने की जोड़ियाँ
कुरोशियो = जापान धारा = गर्म
ओयाशियो = जापान के उत्तर-पूर्व की ठंडी धारा
हम्बोल्ट = पेरू धारा = ठंडी
गल्फ स्ट्रीम = गर्म
लैब्राडोर = ठंडी
ब्राजील = गर्म
बेंगुएला = ठंडी
अगुलहास = गर्म
सोमालिया = मानसून के साथ दिशा बदलने वाली धारा
पश्चिमी पवन धारा = अंटार्कटिक परिध्रुवीय धारा
त्वरित पुनरावृत्ति
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
⚡ जल्दी याद करें
महासागरीय धाराएँ समुद्र में निश्चित दिशा में प्रवाहित होने वाले विशाल जल प्रवाह हैं।
इनके निर्माण में पवन, पृथ्वी का घूर्णन, कोरिओलिस प्रभाव, तापमान, लवणता, घनत्व तथा महाद्वीपीय तटों की आकृति महत्वपूर्ण हैं।
कुरोशियो — गर्म — जापान।
ओयाशियो — ठंडी — उत्तर-पूर्वी जापान।
कैलिफोर्निया — ठंडी — उत्तर अमेरिका का पश्चिमी तट।
हम्बोल्ट या पेरू — ठंडी — दक्षिण अमेरिका का पश्चिमी तट।
गल्फ स्ट्रीम — गर्म — उत्तर अटलांटिक।
लैब्राडोर — ठंडी — कनाडा का पूर्वी तट।
कैनरी — ठंडी — उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका।
ब्राजील — गर्म — दक्षिण अमेरिका का पूर्वी तट।
बेंगुएला — ठंडी — दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका।
अगुलहास — गर्म — दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका।
सोमालिया — मानसून के साथ दिशा बदलने वाली धारा।
पश्चिमी पवन धारा — अंटार्कटिका के चारों ओर।
हम्बोल्ट धारा से संबंधित अपवेलिंग पेरू तट के समृद्ध मत्स्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बेंगुएला धारा दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका की शुष्क तटीय जलवायु और नामीब मरुस्थल से संबंधित है।
महासागरीय धाराएँ जलवायु, मत्स्य उद्योग, कोहरे और समुद्री परिवहन को प्रभावित करती हैं।
⚡ अंतिम पुनरावृत्ति
महासागरीय धाराएँ महासागर के भीतर एक निश्चित दिशा में प्रवाहित होने वाले विशाल जल प्रवाह हैं।
इनके निर्माण में पवनों के साथ पृथ्वी का घूर्णन, कोरिओलिस प्रभाव, तापमान, लवणता, घनत्व तथा महाद्वीपीय तटों की आकृति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
गर्म धाराएँ सामान्यतः निम्न अक्षांशों का गर्म जल उच्च अक्षांशों की ओर और ठंडी धाराएँ ठंडे क्षेत्रों का जल अपेक्षाकृत निम्न अक्षांशों की ओर पहुँचाती हैं।
कुरोशियो और जापान धारा एक ही गर्म धारा के नाम हैं।
कैलिफोर्निया तथा हम्बोल्ट प्रशांत महासागर की महत्वपूर्ण ठंडी धाराएँ हैं।
हम्बोल्ट को पेरू धारा भी कहा जाता है।
गल्फ स्ट्रीम उत्तरी अटलांटिक की महत्वपूर्ण गर्म धारा है और इसका आगे का प्रवाह उत्तरी अटलांटिक परिसंचरण से जुड़ता है।
लैब्राडोर और कैनरी उत्तरी अटलांटिक की प्रमुख ठंडी धाराएँ हैं।
ब्राजील धारा गर्म जबकि बेंगुएला धारा ठंडी है।
अगुलहास दक्षिण-पश्चिमी हिन्द महासागर की शक्तिशाली गर्म धारा है।
सोमालिया धारा मानसून के साथ दिशा बदलती है और दक्षिण-पश्चिम मानसून में सोमालिया तट पर शक्तिशाली अपवेलिंग विकसित होती है।
ओयाशियो उत्तर प्रशांत की ठंडी धारा है; इसे आर्कटिक महासागर की मुख्य धारा नहीं मानना चाहिए।
पश्चिमी पवन धारा को अंटार्कटिक परिध्रुवीय धारा भी कहते हैं और यह अंटार्कटिका के चारों ओर पश्चिम से पूर्व बहती है।
गर्म और ठंडी धाराएँ तटीय तापमान और जलवायु को प्रभावित करती हैं।
ठंडी धाराओं से संबंधित अपवेलिंग समुद्र की गहराई से पोषक तत्व ऊपर लाकर कई क्षेत्रों को समृद्ध मत्स्य क्षेत्र बनाती है।
पेरू तट पर हम्बोल्ट धारा और उससे संबंधित अपवेलिंग के कारण अत्यधिक समुद्री जैविक उत्पादकता पाई जाती है।
बेंगुएला धारा दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका की शुष्क जलवायु और नामीब मरुस्थल से संबंधित महत्वपूर्ण कारक है।
समुद्री मार्गों में जहाज गर्म या ठंडी धारा नहीं, बल्कि अपने मार्ग के अनुकूल दिशा में बहने वाली धारा से लाभ प्राप्त करते हैं।