भारत के उच्च न्यायालय एवं स्थापना वर्ष
स्थापना, मुख्य पीठ, क्षेत्राधिकार और महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य
भारत में उच्च न्यायालय
उच्च न्यायालय किसी राज्य की न्यायिक व्यवस्था का सर्वोच्च न्यायालय होता है। संविधान के अनुच्छेद 214 में प्रत्येक राज्य के लिए उच्च न्यायालय का प्रावधान है, जबकि संसद दो या अधिक राज्यों अथवा राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के लिए एक साझा उच्च न्यायालय की व्यवस्था कर सकती है। भारत में वर्तमान में कुल 25 उच्च न्यायालय हैं।
भारत के सभी उच्च न्यायालय
| उच्च न्यायालय | स्थापना / वर्तमान स्वरूप का वर्ष | मुख्य स्थान |
|---|---|---|
| इलाहाबाद उच्च न्यायालय | 1866 | प्रयागराज, उत्तर प्रदेश |
| आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय | 2019 | अमरावती |
| दिल्ली उच्च न्यायालय | 1966 | नई दिल्ली |
| बॉम्बे उच्च न्यायालय | 1862 | मुंबई |
| कलकत्ता उच्च न्यायालय | 1862 | कोलकाता |
| कर्नाटक उच्च न्यायालय | 1884 से ऐतिहासिक मूल; वर्तमान राज्य उच्च न्यायालय का विकास बाद में | बेंगलुरु |
| केरल उच्च न्यायालय | 1956 | एर्नाकुलम, कोच्चि |
| मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय | 1956 | जबलपुर |
| मद्रास उच्च न्यायालय | 1862 | चेन्नई |
| पटना उच्च न्यायालय | 1916 | पटना |
| पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय | 1966 — वर्तमान साझा स्वरूप | चंडीगढ़ |
| राजस्थान उच्च न्यायालय | 1949 | जोधपुर |
| सिक्किम उच्च न्यायालय | 1975 | गंगटोक |
| तेलंगाना उच्च न्यायालय | 2019 | हैदराबाद |
| त्रिपुरा उच्च न्यायालय | 2013 | अगरतला |
| उत्तराखंड उच्च न्यायालय | 2000 | नैनीताल |
| गुजरात उच्च न्यायालय | 1960 | अहमदाबाद |
| हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय | 1971 | शिमला |
| झारखंड उच्च न्यायालय | 2000 | रांची |
| गुवाहाटी उच्च न्यायालय | 1948 | गुवाहाटी |
| छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय | 2000 | बिलासपुर |
| ओडिशा उच्च न्यायालय | 1948 | कटक |
| मणिपुर उच्च न्यायालय | 2013 | इम्फाल |
| मेघालय उच्च न्यायालय | 2013 | शिलांग |
| जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय | 1928 से ऐतिहासिक मूल | जम्मू एवं श्रीनगर |
भारत के सबसे पुराने उच्च न्यायालय
कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास उच्च न्यायालय की स्थापना 1862 में भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861 के बाद की गई थी। ये भारत के सबसे पुराने आधुनिक उच्च न्यायालयों में हैं।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय — 1866। इसकी स्थापना आगरा में उत्तर-पश्चिमी प्रांतों के उच्च न्यायालय के रूप में हुई थी और बाद में इसे इलाहाबाद स्थानांतरित किया गया।
🎯 याद रखने योग्य क्रम
कलकत्ता + बॉम्बे + मद्रास — 1862 → इलाहाबाद — 1866
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय
पुरानी सूची में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय — 1956 मिलता है। यह संयुक्त आंध्र प्रदेश के पुराने न्यायिक इतिहास से संबंधित है।
आंध्र राज्य के लिए अलग उच्च न्यायालय का इतिहास 1954 से शुरू होता है। 1956 में तेलंगाना क्षेत्र के साथ नया संयुक्त आंध्र प्रदेश बनने के बाद उच्च न्यायालय हैदराबाद से कार्य करने लगा।
2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद कुछ समय तक आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का साझा उच्च न्यायालय हैदराबाद में रहा।
वर्तमान आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय 1 जनवरी 2019 से अमरावती में अलग उच्च न्यायालय के रूप में कार्यरत है।
⚠️ परीक्षा में वर्ष देखकर उत्तर दें
ऐतिहासिक आंध्र उच्च न्यायालय — 1954
संयुक्त आंध्र प्रदेश का उच्च न्यायालय — 1956
वर्तमान पृथक आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय — 2019
तेलंगाना उच्च न्यायालय
तेलंगाना उच्च न्यायालय — 2019 — हैदराबाद। 1 जनवरी 2019 को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए अलग-अलग उच्च न्यायालय कार्यरत हुए।
तेलंगाना उच्च न्यायालय का मुख्यालय हैदराबाद में है, जबकि आंध्र प्रदेश का पृथक उच्च न्यायालय अमरावती में है।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय
पुरानी पुस्तकों में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय — 1919 लिखा मिल सकता है। 1919 का संबंध लाहौर उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक पूर्ववर्ती स्वरूप से है।
भारत विभाजन के बाद पूर्वी पंजाब के लिए अलग न्यायिक व्यवस्था विकसित हुई। बाद में 1966 में हरियाणा राज्य बनने पर वर्तमान पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय पंजाब और हरियाणा दोनों का साझा उच्च न्यायालय बना।
इसका मुख्यालय चंडीगढ़ में है और यह पंजाब, हरियाणा तथा केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ पर अधिकारिता रखता है।
⚠️ महत्वपूर्ण सुधार
1919 = ऐतिहासिक लाहौर उच्च न्यायालय से संबंध
1966 = वर्तमान पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का साझा स्वरूप
कर्नाटक उच्च न्यायालय
कर्नाटक उच्च न्यायालय का न्यायिक इतिहास मैसूर की न्यायिक संस्थाओं तक जाता है। 1884 में मैसूर में मुख्य न्यायालय स्थापित हुआ था, इसलिए कई सामान्य ज्ञान पुस्तकों में कर्नाटक उच्च न्यायालय के साथ 1884 लिखा मिलता है।
राज्यों के पुनर्गठन के बाद 1956 में इसका व्यापक राज्य उच्च न्यायालय स्वरूप विकसित हुआ। बाद में 1973 में मैसूर राज्य का नाम कर्नाटक होने के साथ इसका वर्तमान नाम कर्नाटक उच्च न्यायालय हुआ।
इसकी मुख्य पीठ बेंगलुरु में है।
⚠️ वर्ष का अर्थ
1884 = मैसूर मुख्य न्यायालय की ऐतिहासिक जड़। इसे बिना संदर्भ के वर्तमान “कर्नाटक उच्च न्यायालय की स्थापना” कहना अधूरा हो सकता है।
पटना उच्च न्यायालय
पटना उच्च न्यायालय — 1916 — पटना, बिहार। इसका उद्घाटन 3 फरवरी 1916 को हुआ।
झारखंड राज्य बनने से पहले वर्तमान झारखंड क्षेत्र भी पटना उच्च न्यायालय की अधिकारिता में था। 2000 में झारखंड के गठन के बाद रांची में अलग झारखंड उच्च न्यायालय स्थापित हुआ।
1948 में स्थापित उच्च न्यायालय
गुवाहाटी उच्च न्यायालय — 1948। इसकी स्थापना मूलतः असम उच्च न्यायालय के रूप में हुई थी। वर्तमान में इसकी मुख्य पीठ गुवाहाटी में है।
ओडिशा उच्च न्यायालय — 1948 — कटक। इसकी स्थापना 1948 में हुई और इसकी मुख्य पीठ कटक में स्थित है।
राजस्थान उच्च न्यायालय
राजस्थान उच्च न्यायालय — 1949 — जोधपुर। राजस्थान के एकीकरण के बाद 1949 में इसकी स्थापना हुई।
इसकी मुख्य पीठ जोधपुर में है और जयपुर में इसकी खंडपीठ है।
1956 में स्थापित प्रमुख उच्च न्यायालय
केरल उच्च न्यायालय — 1956 — एर्नाकुलम। केरल राज्य के गठन के साथ इसकी स्थापना हुई।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय — 1956 — जबलपुर। राज्यों के पुनर्गठन के बाद वर्तमान मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का स्वरूप सामने आया।
आंध्र प्रदेश के साथ 1956 का वर्ष ऐतिहासिक संयुक्त राज्य के उच्च न्यायालय से जुड़ता है, लेकिन वर्तमान पृथक आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय का वर्ष 2019 है।
गुजरात और दिल्ली उच्च न्यायालय
गुजरात उच्च न्यायालय — 1960 — अहमदाबाद। 1 मई 1960 को बम्बई राज्य के विभाजन से गुजरात राज्य बनने के बाद अलग उच्च न्यायालय स्थापित हुआ।
दिल्ली उच्च न्यायालय — 1966 — नई दिल्ली। इससे पहले दिल्ली के न्यायिक मामलों पर पंजाब उच्च न्यायालय की अधिकारिता थी।
हिमाचल प्रदेश और सिक्किम
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय — 1971 — शिमला। हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्य बनने के साथ उच्च न्यायालय अस्तित्व में आया।
सिक्किम उच्च न्यायालय — 1975 — गंगटोक। सिक्किम के भारत का राज्य बनने के बाद इसका उच्च न्यायालय संवैधानिक भारतीय उच्च न्यायालय व्यवस्था का भाग बना।
वर्ष 2000 में बने तीन उच्च न्यायालय
वर्ष 2000 में तीन नए राज्य बनने के साथ तीन नए उच्च न्यायालय भी स्थापित हुए।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय — बिलासपुर — 2000।
झारखंड उच्च न्यायालय — रांची — 2000।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय — नैनीताल — 2000। उत्तराखंड राज्य 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग बना और उसी पुनर्गठन अधिनियम में उच्च न्यायालय की स्थापना का प्रावधान किया गया था।
🎯 एक साथ याद रखें
2000 — छत्तीसगढ़ : बिलासपुर | झारखंड : रांची | उत्तराखंड : नैनीताल
2013 में बने तीन उच्च न्यायालय
मणिपुर उच्च न्यायालय — 2013 — इम्फाल।
मेघालय उच्च न्यायालय — 2013 — शिलांग।
त्रिपुरा उच्च न्यायालय — 2013 — अगरतला।
इन तीनों राज्यों के लिए अलग उच्च न्यायालय बनने से पहले इन पर मुख्यतः गुवाहाटी उच्च न्यायालय की अधिकारिता थी।
🎯 2013 की तिकड़ी
मणिपुर — इम्फाल | मेघालय — शिलांग | त्रिपुरा — अगरतला
जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय
जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की ऐतिहासिक स्थापना — 1928। तत्कालीन जम्मू-कश्मीर रियासत में 26 मार्च 1928 के आदेश से उच्च न्यायालय स्थापित किया गया था।
2019 में जम्मू-कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के बाद यह जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख केंद्रशासित प्रदेशों का साझा उच्च न्यायालय बना।
वर्तमान नाम जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय है। इसकी कार्य व्यवस्था जम्मू और श्रीनगर दोनों स्थानों से जुड़ी है।
⚠️ नाम अपडेट रखें
केवल “जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय” लिखने के बजाय वर्तमान परीक्षा में “जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय” लिखना अधिक उचित है।
साझा उच्च न्यायालय
भारत के सभी राज्यों के लिए अलग-अलग उच्च न्यायालय होना आवश्यक नहीं है। संविधान और संसदीय कानून के अंतर्गत एक उच्च न्यायालय एक से अधिक राज्यों अथवा केंद्रशासित प्रदेशों पर अधिकारिता रख सकता है।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए साझा न्यायालय है।
बॉम्बे उच्च न्यायालय महाराष्ट्र के साथ गोवा तथा संबंधित केंद्रशासित क्षेत्रों पर भी अधिकारिता रखता है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय पश्चिम बंगाल के साथ अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह पर भी अधिकारिता रखता है।
जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय दो केंद्रशासित प्रदेशों—जम्मू-कश्मीर और लद्दाख—का साझा उच्च न्यायालय है।
संवैधानिक तथ्य
अनुच्छेद 214 — राज्यों के लिए उच्च न्यायालय का प्रावधान करता है।
अनुच्छेद 216 — उच्च न्यायालय में एक मुख्य न्यायाधीश तथा राष्ट्रपति द्वारा आवश्यक समझे जाने वाले अन्य न्यायाधीश होते हैं।
अनुच्छेद 217 — उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति और पद की शर्तों से संबंधित है।
अनुच्छेद 226 — उच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के साथ-साथ अन्य कानूनी अधिकारों के लिए भी रिट जारी करने की शक्ति देता है।
अनुच्छेद 231 — संसद को दो या अधिक राज्यों अथवा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए साझा उच्च न्यायालय स्थापित करने की अनुमति देता है।
अक्सर भ्रमित करने वाले स्थापना वर्ष
| उच्च न्यायालय | भ्रम | सही समझ |
|---|---|---|
| आंध्र प्रदेश | 1956 | वर्तमान पृथक उच्च न्यायालय — 2019; पुराने न्यायिक इतिहास में 1954/1956 महत्वपूर्ण |
| पंजाब एवं हरियाणा | 1919 | 1919 ऐतिहासिक लाहौर उच्च न्यायालय से; वर्तमान साझा न्यायालय — 1966 |
| कर्नाटक | 1884 | 1884 मैसूर मुख्य न्यायालय की ऐतिहासिक जड़; वर्तमान नाम बाद का |
| जम्मू-कश्मीर | केवल जम्मू-कश्मीर | ऐतिहासिक स्थापना 1928; वर्तमान नाम जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय |
| तेलंगाना | पुराने आंध्र उच्च न्यायालय से भ्रम | अलग तेलंगाना उच्च न्यायालय — 2019 |
⚡ अंतिम त्वरित पुनरावृत्ति
भारत में वर्तमान में कुल 25 उच्च न्यायालय हैं।
कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास उच्च न्यायालय — 1862।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय — 1866।
पटना उच्च न्यायालय — 1916।
जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की ऐतिहासिक स्थापना — 1928; वर्तमान नाम जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय।
गुवाहाटी और ओडिशा उच्च न्यायालय — 1948।
राजस्थान उच्च न्यायालय — 1949।
केरल और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय — 1956।
गुजरात उच्च न्यायालय — 1960।
दिल्ली तथा वर्तमान पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय — 1966।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय — 1971; सिक्किम — 1975।
छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड — 2000।
मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा — 2013।
वर्तमान पृथक आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना उच्च न्यायालय — 2019।
अनुच्छेद 214 — उच्च न्यायालय; अनुच्छेद 226 — रिट क्षेत्राधिकार; अनुच्छेद 231 — साझा उच्च न्यायालय।