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1800 ईस्वी – 1900 ईस्वी
MODERN INDIA CHRONOLOGY

1800 ईस्वी – 1900 ईस्वी

आधुनिक भारत की प्रमुख घटनाएँ

19वीं शताब्दी का भारत

1800 से 1900 ईस्वी का काल आधुनिक भारतीय इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी अवधि में ब्रिटिश शासन का विस्तार हुआ, सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन शुरू हुए, आधुनिक शिक्षा और रेलवे का विकास हुआ, 1857 का महान विद्रोह हुआ और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के माध्यम से संगठित राष्ट्रीय आंदोलन की शुरुआत हुई।

1800

फोर्ट विलियम कॉलेज

फोर्ट विलियम कॉलेज — 1800। लॉर्ड वेलेजली ने कलकत्ता में इसकी स्थापना की। इसका उद्देश्य ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारियों को भारतीय भाषाओं और प्रशासन का प्रशिक्षण देना था।

1802

बसीन की संधि

बसीन की संधि — 1802। पेशवा बाजीराव द्वितीय ने अंग्रेजों के साथ यह संधि की। यह द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध की प्रमुख पृष्ठभूमि बनी।

1803

द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध

द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध — 1803 से 1805। इसके बाद भारत में अंग्रेजी सत्ता का प्रभाव और मजबूत हुआ।

1813

चार्टर अधिनियम

चार्टर अधिनियम — 1813। भारत के साथ व्यापार पर ईस्ट इंडिया कंपनी का एकाधिकार काफी हद तक समाप्त किया गया, हालांकि चाय और चीन के व्यापार में उसका एकाधिकार बना रहा।

इसी अधिनियम के बाद ईसाई मिशनरियों को भारत में कार्य करने की अधिक अनुमति मिली तथा शिक्षा के लिए वार्षिक एक लाख रुपये की व्यवस्था का प्रावधान किया गया।

1815

आत्मीय सभा

आत्मीय सभा — 1815 — राजा राममोहन राय। धार्मिक और सामाजिक सुधार संबंधी विचार-विमर्श के लिए इसकी स्थापना की गई।

1817

हिंदू कॉलेज

हिंदू कॉलेज — 1817 — कलकत्ता। आधुनिक पाश्चात्य शिक्षा के प्रसार में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आगे चलकर यह प्रेसीडेंसी कॉलेज के रूप में विकसित हुआ।

1828

ब्रह्म समाज

ब्रह्म समाज — 1828 — राजा राममोहन राय। इसने एकेश्वरवाद, सामाजिक सुधार और धार्मिक रूढ़ियों के विरोध पर बल दिया।

1829

सती प्रथा का उन्मूलन

सती प्रथा प्रतिबंध — 1829। लॉर्ड विलियम बेंटिक ने सती प्रथा को अवैध और दंडनीय घोषित किया।

राजा राममोहन राय ने सती प्रथा के विरोध में महत्वपूर्ण सामाजिक अभियान चलाया था।

1833

चार्टर अधिनियम

चार्टर अधिनियम — 1833। बंगाल के गवर्नर जनरल को भारत का गवर्नर जनरल बनाया गया।

लॉर्ड विलियम बेंटिक भारत के प्रथम गवर्नर जनरल बने।

ईस्ट इंडिया कंपनी की व्यापारिक गतिविधियाँ समाप्त हो गईं और वह मुख्य रूप से प्रशासनिक संस्था बन गई।

1835

अंग्रेजी शिक्षा नीति

1835 — अंग्रेजी शिक्षा नीति। मैकाले के प्रसिद्ध शिक्षा मिनट तथा लॉर्ड विलियम बेंटिक की नीति के बाद उच्च शिक्षा में अंग्रेजी भाषा को बढ़ावा मिला।

1839

तत्त्वबोधिनी सभा

तत्त्वबोधिनी सभा — 1839 — देवेन्द्रनाथ ठाकुर। इसने धार्मिक और दार्शनिक अध्ययन को बढ़ावा दिया तथा ब्रह्म समाज के पुनरुत्थान में योगदान दिया।

1843

भारतीय दासता अधिनियम

भारतीय दासता अधिनियम — 1843 — लॉर्ड एलनबरो के समय। इसने दासता की कानूनी मान्यता समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।

1848

लॉर्ड डलहौजी और विलय नीति

लॉर्ड डलहौजी — 1848 से 1856। उसके समय व्यपगत सिद्धांत के माध्यम से अनेक भारतीय राज्यों को अंग्रेजी साम्राज्य में मिलाया गया।

उसके शासनकाल में रेलवे, टेलीग्राफ और डाक व्यवस्था के आधुनिक विकास को भी गति मिली।

1853

भारत की प्रथम यात्री रेलगाड़ी

16 अप्रैल 1853 को मुंबई के बोरी बंदर से ठाणे के बीच भारत की पहली यात्री रेलगाड़ी चली।

यह लगभग 34 किलोमीटर की यात्रा थी। यही भारतीय रेलवे के नियमित यात्री इतिहास की शुरुआत मानी जाती है।

1853 का बोरी बंदर स्टेशन वर्तमान छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस का भव्य भवन नहीं था। वर्तमान ऐतिहासिक भवन बाद में बनाया गया।

परीक्षा में याद रखें

पहली यात्री रेल — 16 अप्रैल 1853 — बोरी बंदर से ठाणे।

1854

वुड का शिक्षा प्रेषण

वुड का शिक्षा प्रेषण — 1854। इसे भारत में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के विकास का महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है।

इसमें शिक्षा विभाग, विश्वविद्यालयों और शिक्षक प्रशिक्षण के विकास की दिशा सुझाई गई।

1856

हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम

हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम — 1856 — लॉर्ड कैनिंग के समय।

ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने विधवा पुनर्विवाह के समर्थन में महत्वपूर्ण आंदोलन चलाया।

1857

1857 का महान विद्रोह

10 मई 1857 — मेरठ से विद्रोह प्रारंभ। सैनिक विद्रोह शीघ्र ही उत्तर और मध्य भारत के कई क्षेत्रों में फैल गया।

दिल्ली — बहादुर शाह जफर।

कानपुर — नाना साहेब।

झाँसी — रानी लक्ष्मीबाई।

बिहार — वीर कुंवर सिंह।

लखनऊ — बेगम हजरत महल।

1858

कंपनी शासन का अंत

भारत शासन अधिनियम — 1858। ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हुआ और भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन चला गया।

लॉर्ड कैनिंग भारत के प्रथम वायसराय बने।

वीर कुंवर सिंह का निधन — 26 अप्रैल 1858।

रानी लक्ष्मीबाई जून 1858 में युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं।

1861

भारतीय परिषद अधिनियम

भारतीय परिषद अधिनियम — 1861। वायसराय की विस्तारित विधायी परिषद में भारतीयों को नामित करने का मार्ग खोला गया।

भारतीय पुलिस अधिनियम — 1861 भी इसी काल में बनाया गया।

1862

प्रथम उच्च न्यायालय

कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास उच्च न्यायालय — 1862। ये भारत के सबसे पुराने आधुनिक उच्च न्यायालयों में हैं।

1866

ईस्ट इंडिया एसोसिएशन

ईस्ट इंडिया एसोसिएशन — 1866 — दादाभाई नौरोजी। इसकी स्थापना लंदन में भारतीय हितों को ब्रिटिश जनता के सामने रखने के उद्देश्य से की गई।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय — 1866।

1867

प्रार्थना समाज

प्रार्थना समाज — 1867 — आत्माराम पांडुरंग। एम. जी. रानाडे इसके प्रमुख नेताओं में रहे।

इसने जातिगत सुधार, महिला शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा दिया।

1870

पूना सार्वजनिक सभा

पूना सार्वजनिक सभा — 1870। एम. जी. रानाडे और गणेश वासुदेव जोशी जैसे नेताओं से यह संस्था जुड़ी थी।

1872

जनगणना और विवाह सुधार

1872 में भारत में प्रथम व्यापक जनगणना प्रयास किया गया। यह सभी क्षेत्रों में एक ही समय पर आयोजित नहीं हुआ था।

विशेष विवाह संबंधी अधिनियम — 1872। नागरिक विवाह की दिशा में यह महत्वपूर्ण कानूनी कदम था।

1873

सत्यशोधक समाज

सत्यशोधक समाज — 1873 — ज्योतिराव फुले। इसका उद्देश्य जातिगत शोषण के विरुद्ध सामाजिक समानता और शिक्षा को बढ़ावा देना था।

1875

आर्य समाज और अलीगढ़ आंदोलन

आर्य समाज — 1875 — स्वामी दयानंद सरस्वती।

अलीगढ़ में आधुनिक मुस्लिम शिक्षा के लिए विद्यालय की शुरुआत — 1875 — सर सैयद अहमद खाँ। आगे चलकर 1877 में मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज स्थापित हुआ।

थियोसोफिकल सोसाइटी — 1875 में न्यूयॉर्क में स्थापित हुई। भारत में इसका मुख्यालय बाद में अडयार में स्थापित हुआ।

1876

इंडियन एसोसिएशन

इंडियन एसोसिएशन — 1876 — सुरेन्द्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस। यह कांग्रेस से पहले की महत्वपूर्ण राजनीतिक संस्थाओं में थी।

रॉयल टाइटल्स एक्ट — 1876 के बाद महारानी विक्टोरिया ने भारत की सम्राज्ञी की उपाधि धारण की।

1877

दिल्ली दरबार

दिल्ली दरबार — 1877 — लॉर्ड लिटन के समय। महारानी विक्टोरिया को भारत की सम्राज्ञी घोषित किए जाने के उपलक्ष्य में आयोजन हुआ।

मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज — अलीगढ़ — 1877।

1878

वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट

वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट — 1878 — लॉर्ड लिटन। भारतीय भाषाओं के समाचार-पत्रों पर नियंत्रण बढ़ाने के लिए यह कानून बनाया गया।

आर्म्स एक्ट — 1878 भी लॉर्ड लिटन के समय लागू हुआ।

वर्तमान CSMT के भव्य भवन का निर्माण 1878 में प्रारंभ हुआ।

1881

प्रथम नियमित जनगणना

भारत की प्रथम समकालिक नियमित जनगणना — 1881। इसके बाद प्रत्येक दस वर्ष पर जनगणना की परंपरा विकसित हुई।

प्रथम कारखाना अधिनियम — 1881 ने कारखानों में श्रम की कुछ दशाओं को नियंत्रित करने की शुरुआत की।

1882

स्थानीय स्वशासन और शिक्षा आयोग

लॉर्ड रिपन का स्थानीय स्वशासन प्रस्ताव — 1882। इसी कारण लॉर्ड रिपन को भारत में स्थानीय स्वशासन का जनक कहा जाता है।

हंटर शिक्षा आयोग — 1882। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की स्थिति की समीक्षा के लिए गठित किया गया।

1883

इल्बर्ट बिल विवाद

इल्बर्ट बिल — 1883। भारतीय न्यायाधीशों को यूरोपीय अभियुक्तों की सुनवाई का अधिकार देने के प्रस्ताव पर यूरोपीय समुदाय ने तीव्र विरोध किया।

इस विवाद ने भारतीयों में राजनीतिक चेतना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

1885

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना — 1885। इसके गठन में ए. ओ. ह्यूम की प्रमुख भूमिका थी।

प्रथम अधिवेशन — 28 से 30 दिसंबर 1885 — बम्बई।

प्रथम अध्यक्ष — व्योमेश चंद्र बनर्जी।

प्रथम अधिवेशन में 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

1886

कांग्रेस का कलकत्ता अधिवेशन

द्वितीय कांग्रेस अधिवेशन — कलकत्ता — 1886 — अध्यक्ष दादाभाई नौरोजी।

1887

बदरुद्दीन तैयबजी और विक्टोरिया टर्मिनस

कांग्रेस का मद्रास अधिवेशन — 1887 — अध्यक्ष बदरुद्दीन तैयबजी। वे कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष थे।

1887 में नए रेलवे टर्मिनस को विक्टोरिया टर्मिनस नाम दिया गया। इसका निर्माण 1878 में शुरू हुआ था और लगभग 1888 में पूरा हुआ।

ध्यान रखें

1887 में इसका पुनर्निर्माण नहीं हुआ था। 1887 में विक्टोरिया टर्मिनस नाम दिया गया।

1888

कांग्रेस और रेलवे स्थापत्य

कांग्रेस का इलाहाबाद अधिवेशन — 1888 — अध्यक्ष जॉर्ज यूल। वे कांग्रेस के प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष थे।

विक्टोरिया टर्मिनस का भव्य भवन लगभग 1888 में पूर्ण हुआ।

1889

कांग्रेस का बम्बई अधिवेशन

कांग्रेस अधिवेशन — बम्बई — 1889 — अध्यक्ष विलियम वेडरबर्न।

1890

कांग्रेस का कलकत्ता अधिवेशन

कांग्रेस अधिवेशन — कलकत्ता — 1890 — अध्यक्ष फिरोजशाह मेहता।

1891

आयु-सहमति अधिनियम

आयु-सहमति अधिनियम — 1891 — लॉर्ड लैंसडाउन। लड़कियों के लिए यौन सहमति की कानूनी आयु 10 से बढ़ाकर 12 वर्ष की गई।

इसे विवाह की न्यूनतम आयु तय करने वाला कानून नहीं समझना चाहिए।

1892

भारतीय परिषद अधिनियम और दादाभाई नौरोजी

भारतीय परिषद अधिनियम — 1892। विधायी परिषदों का विस्तार किया गया तथा बजट पर सीमित चर्चा की अनुमति मिली।

दादाभाई नौरोजी — 1892 में ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के सदस्य निर्वाचित हुए। वे ब्रिटिश संसद के लिए चुने जाने वाले प्रथम भारतीय बने।

1893

स्वामी विवेकानंद का शिकागो भाषण

11 सितंबर 1893 को स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की विश्व धर्म संसद में ऐतिहासिक भाषण दिया।

कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन — 1893 — अध्यक्ष दादाभाई नौरोजी।

1897

रामकृष्ण मिशन

रामकृष्ण मिशन — 1897 — स्वामी विवेकानंद।

इसी वर्ष प्लेग की गंभीर समस्या ने विशेषकर बम्बई क्षेत्र को प्रभावित किया।

1899

लॉर्ड कर्जन

लॉर्ड कर्जन 1899 में भारत का वायसराय बना। उसका कार्यकाल विश्वविद्यालय सुधार, प्रशासनिक केंद्रीकरण और आगे चलकर बंगाल विभाजन से जुड़ा रहा।

कांग्रेस का लखनऊ अधिवेशन — 1899 — अध्यक्ष रोमेश चंद्र दत्त।

1900

लाहौर कांग्रेस अधिवेशन

कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन — 1900 — अध्यक्ष एन. जी. चंदावरकर।

इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन धीरे-धीरे उस चरण में पहुँचा जहाँ स्वदेशी, बहिष्कार, स्वराज और जन-आंदोलन की राजनीति अधिक प्रमुख होने लगी।

⚡ अंतिम त्वरित पुनरावृत्ति

1800 — फोर्ट विलियम कॉलेज।

1813 — चार्टर अधिनियम।

1815 — आत्मीय सभा।

1828 — ब्रह्म समाज।

1829 — सती प्रथा प्रतिबंध।

1833 — चार्टर अधिनियम; विलियम बेंटिक प्रथम गवर्नर जनरल।

1835 — अंग्रेजी शिक्षा नीति।

1843 — भारतीय दासता अधिनियम।

1853 — बोरी बंदर से ठाणे प्रथम यात्री रेल।

1854 — वुड का शिक्षा प्रेषण।

1856 — हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम।

1857 — महान विद्रोह।

1858 — कंपनी शासन समाप्त; क्राउन शासन शुरू।

1861 — भारतीय परिषद अधिनियम।

1873 — सत्यशोधक समाज।

1875 — आर्य समाज।

1878 — वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट; विक्टोरिया टर्मिनस निर्माण प्रारंभ।

1881 — प्रथम नियमित समकालिक जनगणना।

1882 — स्थानीय स्वशासन और हंटर आयोग।

1885 — भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना।

1887 — बदरुद्दीन तैयबजी प्रथम मुस्लिम कांग्रेस अध्यक्ष; विक्टोरिया टर्मिनस नाम।

1888 — जॉर्ज यूल प्रथम अंग्रेज कांग्रेस अध्यक्ष।

1891 — आयु-सहमति अधिनियम।

1892 — दादाभाई नौरोजी ब्रिटिश संसद पहुँचे।

1893 — विवेकानंद का शिकागो भाषण।

1897 — रामकृष्ण मिशन।

1899 — लॉर्ड कर्जन वायसराय।

1900 — लाहौर कांग्रेस अधिवेशन।

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