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TRIANGLE RULES & FORMULA

01
समकोण त्रिभुज

कर्ण पर डाले गए लंब की लंबाई

किसी समकोण त्रिभुज में समकोण वाले शीर्ष से कर्ण पर खींची गई लंबवत रेखा को कर्ण पर डाला गया लंब कहते हैं।

DIAGRAM

सही चित्र

A B C D AB AC BC = कर्ण AD
∠A = 90°
BC = कर्ण
AD ⊥ BC
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

समकोण की पहचान

मान लें △ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें ∠A = 90° है।

02

कर्ण की पहचान

समकोण के ठीक सामने स्थित भुजा BC इस त्रिभुज की कर्ण होगी।

03

कर्ण पर लंब

यदि बिंदु A से कर्ण BC पर लंब AD खींचा जाए, तो AD ⟂ BC होगा।

04

बिंदु D पर समकोण

क्योंकि AD ⟂ BC है, इसलिए ∠ADB = 90° तथा ∠ADC = 90° होंगे।

MOST IMPORTANT FORMULA

कर्ण पर डाले गए लंब का मुख्य सूत्र

AD = AB × AC BC
कर्ण पर डाला गया लंब = आधार × लंबवत भुजा कर्ण

एक लाइन में याद रखें: दोनों लंबवत भुजाओं का गुणनफल करके कर्ण से भाग दें।

DERIVATION

सूत्र की उत्पत्ति

i

△ABC का क्षेत्रफल दो अलग-अलग आधार और ऊँचाई लेकर निकाला जा सकता है।

चरण 01

AB और AC से क्षेत्रफल

क्योंकि AB ⟂ AC है, इसलिए AB और AC त्रिभुज की दो लंबवत भुजाएँ हैं।

क्षेत्रफल = ½ × AB × AC
चरण 02

BC को आधार मानने पर

अब BC को आधार तथा उस पर डाले गए लंब AD को ऊँचाई मानें।

क्षेत्रफल = ½ × BC × AD
चरण 03

दोनों क्षेत्रफल बराबर करें

½ × AB × AC = ½ × BC × AD
चरण 04

दोनों ओर से ½ हटाने पर

AB × AC = BC × AD
अतः
AD = AB × AC BC
EXAM REVISION

परीक्षा के लिए ध्यान रखें

यदि ∠A = 90° है, तो BC कर्ण होगा। A से BC पर डाला गया लंब AD है तथा AD ⟂ BC होगा।

AD = AB × AC BC
02
समकोण त्रिभुज

अंतःवृत्त की त्रिज्या

किसी समकोण त्रिभुज के अंदर बना वह वृत्त, जो उसकी तीनों भुजाओं को स्पर्श करता है, उस त्रिभुज का अंतःवृत्त कहलाता है।

नीचे दिए गए चित्र में ∠B = 90° है, इसलिए AC कर्ण होगा। यदि अंतःवृत्त की त्रिज्या R है, तो:

DIAGRAM

सही चित्र

A B C AB BC AC = कर्ण R
∠B = 90°
AC = कर्ण
AB = लंब
BC = आधार
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

समकोण की पहचान

चित्र में ∠B = 90° है। इसलिए B समकोण वाला शीर्ष है।

02

कर्ण की पहचान

समकोण के सामने स्थित भुजा AC त्रिभुज की कर्ण होगी।

03

अंतःवृत्त की पहचान

अंतःवृत्त त्रिभुज की AB, BC और AC तीनों भुजाओं को स्पर्श करता है।

04

अंतःत्रिज्या

अंतःवृत्त के केंद्र से किसी भुजा पर खींची गई लंब दूरी ही उसकी त्रिज्या R होती है।

05

समकोण त्रिभुज का शॉर्ट सूत्र

समकोण त्रिभुज में अंतःवृत्त की त्रिज्या: R = (लंब + आधार − कर्ण) ÷ 2

MOST IMPORTANT FORMULA

समकोण त्रिभुज के अंतःवृत्त की त्रिज्या

R = (AB + BC) − AC 2
अंतःवृत्त की त्रिज्या = (लंब + आधार) − कर्ण 2

याद रखने की ट्रिक: पहले लंब + आधार जोड़ें, फिर उसमें से कर्ण घटाएँ, और प्राप्त मान को 2 से भाग दें।

CONCEPT

सूत्र की उत्पत्ति

चरण 01

समकोण त्रिभुज की भुजाएँ

यहाँ AB और BC समकोण बनाने वाली भुजाएँ हैं तथा AC कर्ण है।

चरण 02

अर्धपरिमाप

s = AB + BC + AC 2
चरण 03

समकोण त्रिभुज के लिए अंतःत्रिज्या

समकोण त्रिभुज में अंतःत्रिज्या को भुजाओं के आधार पर सीधे इस रूप में लिखा जा सकता है:

R = AB + BC − AC 2
चरण 04

शब्दों में सूत्र

R = लंब + आधार − कर्ण 2
अतः
R = (AB + BC) − AC 2
QUICK EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

यदि AB = 6 सेमी, BC = 8 सेमी और AC = 10 सेमी है, तो:

R = (6 + 8 − 10) ÷ 2 = 2 सेमी
EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

समकोण त्रिभुज में अंतःवृत्त की त्रिज्या निकालने के लिए लंब + आधार − कर्ण करें और परिणाम को 2 से भाग दें।

R = (AB + BC) − AC 2
03
समकोण त्रिभुज

बाह्यवृत्त की त्रिज्या

किसी समकोण त्रिभुज के तीनों शीर्षों से होकर गुजरने वाले वृत्त को उस त्रिभुज का बाह्यवृत्त या परिवृत्त कहते हैं।

समकोण त्रिभुज में कर्ण बाह्यवृत्त का व्यास होता है। इसलिए बाह्यवृत्त की त्रिज्या कर्ण की आधी होती है।

DIAGRAM

सही चित्र

O R A B C AB BC AC = कर्ण
∠B = 90°
AC = कर्ण
AC = वृत्त का व्यास
O = बाह्यवृत्त का केंद्र
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

समकोण की पहचान

यदि ∠B = 90° है, तो B समकोण वाला शीर्ष है।

02

कर्ण की पहचान

समकोण के सामने स्थित भुजा AC त्रिभुज की कर्ण होगी।

03

कर्ण ही बाह्यवृत्त का व्यास

किसी भी समकोण त्रिभुज में कर्ण बाह्यवृत्त का व्यास होता है।

04

बाह्यवृत्त का केंद्र

समकोण त्रिभुज के बाह्यवृत्त का केंद्र कर्ण के मध्यबिंदु पर स्थित होता है।

05

बाह्यत्रिज्या

क्योंकि त्रिज्या व्यास की आधी होती है, इसलिए समकोण त्रिभुज में R = कर्ण ÷ 2 होगा।

MOST IMPORTANT FORMULA

समकोण त्रिभुज के बाह्यवृत्त की त्रिज्या

R = AC 2
बाह्यवृत्त की त्रिज्या = कर्ण 2

याद रखने की ट्रिक: समकोण त्रिभुज में कर्ण को केवल 2 से भाग कर दीजिए। प्राप्त मान ही बाह्यवृत्त की त्रिज्या होगी।

CONCEPT

सूत्र की उत्पत्ति

चरण 01

कर्ण बाह्यवृत्त का व्यास है

समकोण त्रिभुज में कर्ण AC बाह्यवृत्त का व्यास होता है।

व्यास = AC
चरण 02

व्यास और त्रिज्या का संबंध

व्यास = 2 × त्रिज्या
चरण 03

AC को व्यास रखने पर

AC = 2R
चरण 04

दोनों ओर 2 से भाग देने पर

R = AC 2
अतः
R = AC 2 = कर्ण 2
EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

समकोण त्रिभुज में कर्ण बाह्यवृत्त का व्यास होता है, इसलिए बाह्यवृत्त की त्रिज्या = कर्ण ÷ 2

R = AC 2
04
समबाहु त्रिभुज

अंतःवृत्त की त्रिज्या

किसी समबाहु त्रिभुज के अंदर ऐसा वृत्त, जो त्रिभुज की तीनों भुजाओं को स्पर्श करता है, उसे अंतःवृत्त कहते हैं।

इस वृत्त की त्रिज्या को अंतःत्रिज्या (r) कहते हैं।

DIAGRAM

सही चित्र

O r A B C a a a
भुजाएँ AB = BC = CA = a
कोण 60° प्रत्येक
r अंतःत्रिज्या
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

तीनों भुजाएँ बराबर

समबाहु त्रिभुज में AB = BC = CA = a होता है।

02

तीनों कोण 60°

समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक आंतरिक कोण 60° का होता है।

03

अंतःवृत्त

अंतःवृत्त त्रिभुज की तीनों भुजाओं को स्पर्श करता है।

04

सभी प्रमुख केंद्र एक ही बिंदु पर

समबाहु त्रिभुज में अंतःकेंद्र, बाह्यकेंद्र, केंद्रक और लंबकेंद्र एक ही बिंदु पर स्थित होते हैं।

MOST IMPORTANT FORMULA

समबाहु त्रिभुज के अंतःवृत्त की त्रिज्या

r = a 2√3
या
r = a√3 6
अंतःवृत्त की त्रिज्या = भुजा 2√3

याद रखने की ट्रिक: समबाहु त्रिभुज की भुजा को 2√3 से भाग देने पर अंतःवृत्त की त्रिज्या प्राप्त होती है।

DERIVATION

सूत्र की उत्पत्ति

चरण 01

समबाहु त्रिभुज की ऊँचाई

यदि समबाहु त्रिभुज की भुजा a है, तो उसकी ऊँचाई:

h = a√3 2
चरण 02

केंद्र ऊँचाई को 2 : 1 में बाँटता है

समबाहु त्रिभुज में केंद्रक और अंतःकेंद्र एक ही बिंदु पर होते हैं। केंद्रक माध्यिका को शीर्ष की ओर से 2 : 1 के अनुपात में विभाजित करता है।

इसलिए आधार से केंद्र तक की दूरी, अर्थात अंतःत्रिज्या:

r = h 3
चरण 03

h का मान रखने पर

r = a√3 6
चरण 04

समान रूप

a√3 6 = a 2√3
अतः
r = a 2√3 = a√3 6
EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

समबाहु त्रिभुज की अंतःवृत्त की त्रिज्या = भुजा ÷ 2√3

r = a 2√3
05
समबाहु त्रिभुज

बाह्यवृत्त की त्रिज्या

किसी समबाहु त्रिभुज के तीनों शीर्षों से होकर गुजरने वाले वृत्त को उसका बाह्यवृत्त या परिवृत्त कहते हैं।

इस बाह्यवृत्त की त्रिज्या को बाह्यत्रिज्या (R) कहते हैं।

DIAGRAM

सही चित्र

O R A B C a a a
भुजाएँ AB = BC = CA = a
O बाह्यकेंद्र
R बाह्यत्रिज्या
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

तीनों शीर्ष वृत्त पर होते हैं

समबाहु त्रिभुज के तीनों शीर्ष A, B और C बाह्यवृत्त की परिधि पर स्थित होते हैं।

02

बाह्यकेंद्र त्रिभुज के अंदर होता है

समबाहु त्रिभुज का बाह्यकेंद्र O त्रिभुज के अंदर स्थित होता है।

03

तीनों त्रिज्याएँ बराबर

बाह्यकेंद्र से तीनों शीर्षों की दूरी बराबर होती है: OA = OB = OC = R

04

सभी प्रमुख केंद्र एक ही बिंदु पर

समबाहु त्रिभुज में बाह्यकेंद्र, अंतःकेंद्र, केंद्रक और लंबकेंद्र एक ही बिंदु पर स्थित होते हैं।

MOST IMPORTANT FORMULA

समबाहु त्रिभुज के बाह्यवृत्त की त्रिज्या

R = a √3
या
R = a√3 3
बाह्यवृत्त की त्रिज्या = भुजा √3

याद रखने की ट्रिक: समबाहु त्रिभुज की भुजा को √3 से भाग करने पर बाह्यवृत्त की त्रिज्या प्राप्त होती है।

DERIVATION

सूत्र की उत्पत्ति

चरण 01

समबाहु त्रिभुज की ऊँचाई

यदि समबाहु त्रिभुज की भुजा a है, तो उसकी ऊँचाई:

h = a√3 2
चरण 02

केंद्रक ऊँचाई को 2 : 1 में बाँटता है

समबाहु त्रिभुज में बाह्यकेंद्र और केंद्रक एक ही बिंदु पर होते हैं। केंद्रक शीर्ष से माध्यिका की 2/3 दूरी पर स्थित होता है।

R = 2h 3
चरण 03

h का मान रखने पर

R = 2 3 × a√3 2
चरण 04

सरल करने पर

R = a√3 3 = a √3
अतः
R = a √3 = a√3 3
EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

समबाहु त्रिभुज की बाह्यवृत्त की त्रिज्या = भुजा ÷ √3

R = a √3
06
समबाहु त्रिभुज

बाह्यत्रिज्या और अंतःत्रिज्या का अनुपात

समबाहु त्रिभुज में बाह्यत्रिज्या (R) और अंतःत्रिज्या (r) के बीच एक निश्चित संबंध होता है।

समबाहु त्रिभुज की बाह्यत्रिज्या, अंतःत्रिज्या की ठीक दोगुनी होती है।

COMPARISON

बाह्यवृत्त और अंतःवृत्त

O R r A B C a
O साझा केंद्र
R बाह्यत्रिज्या
r अंतःत्रिज्या
संबंध R = 2r
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

अंतःत्रिज्या का सूत्र

समबाहु त्रिभुज की अंतःत्रिज्या: r = a / 2√3

02

बाह्यत्रिज्या का सूत्र

समबाहु त्रिभुज की बाह्यत्रिज्या: R = a / √3

03

बाह्यत्रिज्या दोगुनी

दोनों सूत्रों की तुलना करने पर R = 2r प्राप्त होता है।

04

दोनों वृत्तों का केंद्र समान

समबाहु त्रिभुज में अंतःकेंद्र और बाह्यकेंद्र एक ही बिंदु O पर होते हैं।

MOST IMPORTANT RATIO

बाह्यत्रिज्या : अंतःत्रिज्या

बाह्यत्रिज्या
R = a √3
अंतःत्रिज्या
r = a 2√3
a √3 : a 2√3
R : r = 2 : 1
R = 2r
r = R / 2

याद रखने की ट्रिक: समबाहु त्रिभुज में बड़ा वृत्त = 2 भाग और छोटा वृत्त = 1 भाग। इसलिए R : r = 2 : 1

DERIVATION

अनुपात की उत्पत्ति

चरण 01

बाह्यत्रिज्या लिखें

R = a √3
चरण 02

अंतःत्रिज्या लिखें

r = a 2√3
चरण 03

दोनों का अनुपात लें

R : r = a √3 : a 2√3
चरण 04

समान पद काटने पर

दोनों पदों में a और √3 समान हैं। इन्हें सरल करने पर अनुपात प्राप्त होता है।

R : r = 2 : 1
अतः
R : r = 2 : 1
EXAM REVISION

तीन बातें एक साथ याद रखें

अंतःत्रिज्या: r = a / 2√3

बाह्यत्रिज्या: R = a / √3

अनुपात: R : r = 2 : 1

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