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VidyaGlobe

CIRCLE RULES & FORMULA

01
वृत्त का महत्वपूर्ण नियम

एक ही जीवा द्वारा एक ही खंड में बने कोण

किसी वृत्त में एक ही जीवा द्वारा एक ही खंड में परिधि पर बनाए गए सभी कोण बराबर होते हैं।

नीचे दिए गए चित्र में AC एक ही जीवा है तथा B और D जीवा AC के एक ही ओर स्थित हैं। इसलिए जीवा AC द्वारा बनाए गए दोनों परिधीय कोण बराबर होंगे।

DIAGRAM

सही चित्र

A C D B ∠ADC ∠ABC AC = समान जीवा
जीवा AC
पहला कोण ∠ADC
दूसरा कोण ∠ABC
परिणाम दोनों बराबर
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

एक ही जीवा होनी चाहिए

दोनों कोण जिस जीवा पर आधारित हों, वह एक ही जीवा होनी चाहिए। यहाँ दोनों कोणों के लिए जीवा AC है।

02

एक ही खंड में होने चाहिए

दोनों कोणों के शीर्ष जीवा के एक ही ओर स्थित होने चाहिए। यहाँ B और D जीवा AC के एक ही ओर हैं।

03

परिधीय कोण बराबर होंगे

जब दोनों कोण एक ही जीवा द्वारा एक ही खंड में बनाए जाते हैं, तो उनके माप समान होंगे।

04

इस चित्र में

समान जीवा AC द्वारा बने कोण हैं: ∠ADC तथा ∠ABC

MOST IMPORTANT RULE

एक ही जीवा द्वारा एक ही खंड में बने कोण

∠ADC = ∠ABC
एक ही जीवा + एक ही खंड समान परिधीय कोण

याद रखने की ट्रिक: वृत्त में यदि दो कोण एक ही जीवा को देखें और दोनों जीवा के एक ही ओर स्थित हों, तो दोनों कोण बराबर होंगे।

CONCEPT

यह नियम क्यों सही है?

i

किसी वृत्त में एक ही चाप द्वारा बनाया गया परिधीय कोण उस चाप द्वारा केंद्र पर बने कोण का आधा होता है।

चरण 01

दोनों कोण समान जीवा AC को देखते हैं

∠ADC तथा ∠ABC दोनों की भुजाएँ बिंदु A और C पर समाप्त होती हैं।

चरण 02

दोनों समान चाप AC पर आधारित हैं

इसलिए दोनों कोण वृत्त के समान चाप AC से संबंधित हैं।

चरण 03

दोनों का मान समान होगा

∠ADC = समान केंद्रीय कोण का ½
∠ABC = समान केंद्रीय कोण का ½
अतः
∠ADC = ∠ABC
EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

एक ही जीवा द्वारा एक ही खंड में बनाए गए सभी परिधीय कोण बराबर होते हैं।

∠ADC = ∠ABC
02
वृत्त का महत्वपूर्ण नियम

केंद्र पर बना कोण और परिधि पर बना कोण

किसी वृत्त में एक ही चाप द्वारा केंद्र पर बना कोण, उसी चाप द्वारा परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है।

नीचे दिए गए चित्र में D वृत्त का केंद्र है। कोण ∠ADC केंद्र पर तथा ∠ABC परिधि पर बना है। दोनों कोण समान चाप AC पर आधारित हैं।

DIAGRAM

सही चित्र

B A C D ∠ADC ∠ABC चाप AC
D वृत्त का केंद्र
∠ADC केंद्रीय कोण
∠ABC परिधीय कोण
चाप AC
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

केंद्र की पहचान

चित्र में D वृत्त का केंद्र है। इसलिए DA और DC वृत्त की त्रिज्याएँ हैं।

02

केंद्रीय कोण

केंद्र D पर बना ∠ADC केंद्रीय कोण है।

03

परिधीय कोण

वृत्त की परिधि पर बिंदु B पर बना ∠ABC परिधीय कोण है।

04

समान चाप आवश्यक

∠ADC और ∠ABC दोनों समान चाप AC पर आधारित हैं।

05

केंद्रीय कोण दोगुना

समान चाप पर बना केंद्रीय कोण, परिधीय कोण का 2 गुना होता है।

MOST IMPORTANT RULE

केंद्रीय कोण और परिधीय कोण का संबंध

∠ADC = 2 × ∠ABC
केंद्र पर बना कोण = 2 × परिधि पर बना कोण
उल्टा पूछे तो
∠ABC = ∠ADC 2

याद रखने की ट्रिक: एक ही चाप के लिए Center = Double और Circle Boundary = Half

CONCEPT

नियम को समझें

i

समान चाप द्वारा केंद्र पर बनाया गया कोण उसी चाप द्वारा परिधि पर बनाए गए कोण का दोगुना होता है।

चरण 01

समान चाप पहचानें

दोनों कोणों के सिरों पर A और C हैं। इसलिए दोनों कोण समान चाप AC से संबंधित हैं।

चरण 02

केंद्रीय कोण पहचानें

D केंद्र है, इसलिए ∠ADC केंद्र पर बना कोण है।

चरण 03

परिधीय कोण पहचानें

बिंदु B वृत्त की परिधि पर स्थित है, इसलिए ∠ABC परिधि पर बना कोण है।

चरण 04

नियम लागू करें

केंद्रीय कोण = 2 × परिधीय कोण
∠ADC = 2 × ∠ABC
अतः
∠ADC = 2 × ∠ABC
EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

यदि ∠ABC = 40° है, तो उसी चाप पर केंद्र में बना कोण:

∠ADC = 2 × 40° = 80°
EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

समान चाप पर केंद्र का कोण = परिधि के कोण का दोगुना

∠ADC = 2 × ∠ABC
03
वृत्त का महत्वपूर्ण नियम

व्यास द्वारा परिधि पर बना कोण

किसी वृत्त में यदि व्यास के दोनों सिरों को परिधि पर स्थित किसी अन्य बिंदु से मिलाया जाए, तो उस बिंदु पर बनने वाला कोण हमेशा 90° का होता है।

नीचे दिए गए चित्र में AC वृत्त का व्यास है तथा B वृत्त की परिधि पर स्थित है। इसलिए ∠ABC = 90° होगा।

DIAGRAM

सही चित्र

O A B C AC = व्यास 90°
AC व्यास
O वृत्त का केंद्र
B परिधि पर बिंदु
∠ABC = 90°
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

AC का व्यास होना आवश्यक

इस नियम को लागू करने के लिए AC वृत्त का व्यास होना चाहिए।

02

B परिधि पर होना चाहिए

तीसरा बिंदु B वृत्त की परिधि पर स्थित होना चाहिए।

03

व्यास को देखने वाला कोण समकोण

परिधि पर बना जो कोण पूरे व्यास AC को देखता है, उसका मान 90° होता है।

04

चित्र में परिणाम

क्योंकि AC व्यास है, इसलिए ∠ABC = 90°

MOST IMPORTANT RULE

व्यास द्वारा परिधि पर बना कोण

∠ABC = 90°
व्यास परिधि पर बना कोण = 90°

याद रखने की ट्रिक: यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा वृत्त का व्यास है और तीसरा शीर्ष परिधि पर है, तो तीसरे शीर्ष का कोण सीधे 90° होगा।

CONCEPT

यह कोण 90° क्यों होता है?

i

पिछले नियम के अनुसार केंद्र पर बना कोण समान चाप पर बने परिधीय कोण का दोगुना होता है।

चरण 01

AC व्यास है

क्योंकि AC वृत्त का व्यास है, इसलिए केंद्र O पर A से C तक बनने वाला सीधा कोण 180° होगा।

चरण 02

केंद्रीय कोण

∠AOC = 180°
चरण 03

परिधीय कोण केंद्रीय कोण का आधा

∠ABC = ∠AOC 2
चरण 04

मान रखने पर

∠ABC = 180° 2 = 90°
अतः
∠ABC = 90°
EXAM SHORTCUT

चित्र देखते ही पहचानें

यदि circle के अंदर बने triangle की कोई एक side diameter दिखाई दे, तो diameter के सामने वाला angle तुरंत 90° मान सकते हैं।

EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

वृत्त के व्यास द्वारा परिधि पर बनाया गया कोण हमेशा 90° होता है।

AC = व्यास ⇒ ∠ABC = 90°
04
वृत्त का महत्वपूर्ण नियम

चक्रीय चतुर्भुज

वृत्त के अंदर बना ऐसा चतुर्भुज, जिसके चारों शीर्ष वृत्त की परिधि पर स्थित हों, उसे चक्रीय चतुर्भुज कहते हैं।

नीचे दिए गए चित्र में A, B, C और D चारों बिंदु वृत्त की परिधि पर हैं। इसलिए ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।

DIAGRAM

सही चित्र

A B C D O
A, B, C, D परिधि पर
ABCD चक्रीय चतुर्भुज
∠A + ∠C = 180°
∠B + ∠D = 180°
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

चारों शीर्ष परिधि पर हों

किसी चतुर्भुज के चारों शीर्ष वृत्त की परिधि पर स्थित हों, तभी वह चक्रीय चतुर्भुज कहलाता है।

02

विपरीत कोणों का योग 180°

चक्रीय चतुर्भुज के दोनों जोड़े विपरीत कोण पूरक होते हैं।

03

पहला विपरीत कोण संबंध

∠A + ∠C = 180°

04

दूसरा विपरीत कोण संबंध

∠B + ∠D = 180°

05

चक्रीय होने की पहचान

यदि किसी चतुर्भुज के किसी एक जोड़े विपरीत कोणों का योग 180° हो, तो वह चतुर्भुज चक्रीय होगा।

MOST IMPORTANT RULE

चक्रीय चतुर्भुज के विपरीत कोण

∠A + ∠C = 180°
तथा
∠B + ∠D = 180°
चक्रीय चतुर्भुज विपरीत कोणों का योग = 180°

याद रखने की ट्रिक: चक्रीय चतुर्भुज देखते ही Opposite Angles = 180° याद रखें।

CONCEPT

नियम को समझें

i

चक्रीय चतुर्भुज के प्रत्येक कोण का संबंध वृत्त की किसी चाप से होता है। विपरीत कोणों द्वारा देखी गई दोनों चापों का कुल माप 360° होता है।

चरण 01

परिधीय कोण का नियम

किसी चाप पर बना परिधीय कोण उस चाप के माप का आधा होता है।

चरण 02

विपरीत कोणों की चापें

चतुर्भुज के दो विपरीत कोण जिन दो चापों को देखते हैं, उन चापों का कुल माप 360° होता है।

चरण 03

आधा करने पर

विपरीत कोणों का योग = 360° 2
चरण 04

परिणाम

विपरीत कोणों का योग = 180°
अतः
∠A + ∠C = 180°
∠B + ∠D = 180°
EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

यदि किसी चक्रीय चतुर्भुज में ∠A = 110° है, तो उसके विपरीत कोण ∠C का मान होगा:

∠C = 180° − 110° = 70°
EXAM SHORTCUT

चित्र देखते ही पहचानें

यदि किसी quadrilateral के चारों vertices circle की boundary पर हों, तो उसे चक्रीय चतुर्भुज मानकर opposite angles का sum 180° लगा सकते हैं।

EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

चक्रीय चतुर्भुज के विपरीत कोणों का योग 180° होता है।

∠A + ∠C = ∠B + ∠D = 180°
05
चक्रीय चतुर्भुज का महत्वपूर्ण नियम

सम्मुख कोणों का योग 180°

किसी चक्रीय चतुर्भुज के दोनों जोड़े सम्मुख अथवा विपरीत कोणों का योग हमेशा 180° होता है।

नीचे दिए गए चक्रीय चतुर्भुज ABCD में A, B, C और D चारों शीर्ष वृत्त की परिधि पर स्थित हैं।

इसलिए ∠A + ∠C = 180° तथा ∠B + ∠D = 180°

DIAGRAM

सही चित्र

A B C D ∠A + ∠C ∠B + ∠D
पहला जोड़ा ∠A और ∠C
दूसरा जोड़ा ∠B और ∠D
∠A + ∠C = 180°
∠B + ∠D = 180°
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

पहले चक्रीय चतुर्भुज पहचानें

चतुर्भुज के चारों शीर्ष एक ही वृत्त की परिधि पर स्थित होने चाहिए।

02

A और C सम्मुख कोण हैं

चक्रीय चतुर्भुज में ∠A और ∠C एक-दूसरे के विपरीत स्थित होते हैं।

03

B और D सम्मुख कोण हैं

इसी प्रकार ∠B और ∠D दूसरा विपरीत कोण-युग्म है।

04

दोनों जोड़ों का योग 180°

∠A + ∠C = 180° तथा ∠B + ∠D = 180°

05

एक कोण से विपरीत कोण निकालें

यदि एक कोण दिया हो, तो उसका विपरीत कोण 180° में से दिए गए कोण को घटाकर प्राप्त किया जाता है।

MOST IMPORTANT FORMULA

सम्मुख कोणों का योग

∠A + ∠C = 180°
तथा
∠B + ∠D = 180°
चक्रीय चतुर्भुज सम्मुख कोण योग = 180°

याद रखने की ट्रिक: चक्रीय चतुर्भुज में सामने-सामने वाले कोण = 180°

QUICK FORMULA

अज्ञात कोण कैसे निकालें?

यदि ∠A दिया हो
∠C = 180° − ∠A
यदि ∠C दिया हो
∠A = 180° − ∠C
यदि ∠B दिया हो
∠D = 180° − ∠B
यदि ∠D दिया हो
∠B = 180° − ∠D
EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

यदि चक्रीय चतुर्भुज में ∠A = 115° है, तो ∠C का मान:

∠C = 180° − 115° = 65°
!
COMMON MISTAKE

कौन-से कोण जोड़ने हैं?

केवल विपरीत कोण जोड़ने हैं। इसलिए सही जोड़ियाँ हैं: A + C तथा B + D। पास-पास वाले कोणों पर यह नियम सीधे लागू नहीं होता।

EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।

∠A + ∠C = 180° ∠B + ∠D = 180°
06
वृत्त का महत्वपूर्ण नियम

केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब

किसी वृत्त के केंद्र से किसी जीवा पर खींचा गया लंब, उस जीवा को दो बराबर भागों में विभाजित करता है।

नीचे दिए गए चित्र में O वृत्त का केंद्र है, AB एक जीवा है तथा OD ⟂ AB है। इसलिए बिंदु D, जीवा AB का मध्यबिंदु होगा।

अतः AD = DB

DIAGRAM

सही चित्र

O A B D OD AD DB
O वृत्त का केंद्र
AB जीवा
OD AB पर लंब
परिणाम AD = DB
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

O वृत्त का केंद्र होना चाहिए

यह नियम तभी सीधे लागू होगा जब O वृत्त का केंद्र हो।

02

AB एक जीवा है

रेखाखंड AB के दोनों सिरे वृत्त की परिधि पर स्थित हैं, इसलिए AB एक जीवा है।

03

OD जीवा पर लंब है

केंद्र O से जीवा AB पर खींची गई रेखा OD ⟂ AB है।

04

D जीवा का मध्यबिंदु होगा

क्योंकि केंद्र से जीवा पर लंब डाला गया है, इसलिए D, AB का मध्यबिंदु होगा।

05

जीवा दो बराबर भागों में बँटेगी

इसलिए AD = DB

MOST IMPORTANT RULE

केंद्र से जीवा पर लंब

OD ⟂ AB AD = DB
केंद्र से जीवा पर लंब जीवा के दो बराबर भाग
यदि पूरी जीवा AB दी हो AD = AB ÷ 2
इसी प्रकार DB = AB ÷ 2

याद रखने की ट्रिक: Circle का Center + Chord पर 90° दिखते ही जीवा को आधा-आधा कर दीजिए।

PROOF

यह नियम क्यों सही है?

चरण 01

OA और OB त्रिज्याएँ हैं

A और B वृत्त की परिधि पर स्थित हैं तथा O केंद्र है। इसलिए OA = OB

चरण 02

OD दोनों त्रिभुजों में समान है

त्रिभुज △OAD और △OBD में OD एक समान भुजा है।

चरण 03

दोनों कोण 90° हैं

∠ODA = ∠ODB = 90°
चरण 04

RHS सर्वांगसमता

दोनों समकोण त्रिभुजों में OA = OB (कर्ण) तथा OD समान है। इसलिए △OAD ≅ △OBD

अतः
AD = DB
REVERSE RULE

इसका विलोम भी महत्वपूर्ण है

यदि वृत्त के केंद्र से होकर जाने वाली रेखा किसी जीवा को दो बराबर भागों में बाँटती है, तो वह रेखा उस जीवा पर लंब होती है

AD = DB ⇒ OD ⟂ AB
EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

यदि जीवा AB = 18 सेमी है और केंद्र से AB पर लंब OD डाला गया है, तो:

AD = DB = 18 ÷ 2 = 9 सेमी
EXAM SHORTCUT

चित्र देखते ही क्या करें?

यदि केंद्र से chord पर 90° का निशान दिखे, तो तुरंत उस chord के दोनों हिस्सों को बराबर मान लें

EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को दो बराबर भागों में बाँटता है।

OD ⟂ AB ⇒ AD = DB
07
वृत्त का महत्वपूर्ण नियम

बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाएँ

किसी वृत्त के बाहर स्थित एक ही बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है।

नीचे दिए गए चित्र में B वृत्त के बाहर स्थित बिंदु है। B से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ BA तथा BC खींची गई हैं।

अतः BA = BC

DIAGRAM

सही चित्र

O A C B BA BC OA OC
O वृत्त का केंद्र
B बाह्य बिंदु
BA, BC स्पर्श रेखाएँ
परिणाम BA = BC
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

B वृत्त के बाहर होना चाहिए

यह नियम उस स्थिति में लागू होता है जब B वृत्त के बाहर स्थित एक बाह्य बिंदु हो।

02

BA और BC स्पर्श रेखाएँ हैं

बाह्य बिंदु B से वृत्त को A और C बिंदुओं पर स्पर्श करने वाली रेखाएँ BA तथा BC हैं।

03

A और C स्पर्श बिंदु हैं

जहाँ स्पर्श रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती है, वह बिंदु स्पर्श बिंदु कहलाता है।

04

त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है

स्पर्श बिंदु पर खींची गई त्रिज्या, स्पर्श रेखा पर लंब होती है। इसलिए: OA ⟂ BA तथा OC ⟂ BC

05

दोनों स्पर्श रेखाएँ बराबर होंगी

क्योंकि BA और BC एक ही बाह्य बिंदु B से खींची गई हैं, इसलिए: BA = BC

MOST IMPORTANT RULE

बाह्य बिंदु से स्पर्श रेखाएँ

BA और BC स्पर्श रेखाएँ BA = BC
एक ही बाह्य बिंदु से दो स्पर्श रेखाएँ दोनों की लंबाई बराबर
यदि BA ज्ञात हो BC = BA
यदि BC ज्ञात हो BA = BC

याद रखने की ट्रिक: एक ही बाहरी बिंदु से Circle को छूने वाली दो Tangent दिखें, तो दोनों की लंबाई सीधे बराबर मान लें।

PROOF

यह नियम क्यों सही है?

चरण 01

OA और OC त्रिज्याएँ हैं

A तथा C वृत्त की परिधि पर स्थित हैं तथा O वृत्त का केंद्र है। इसलिए: OA = OC

चरण 02

स्पर्श बिंदुओं पर समकोण बनेंगे

स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है।

∠OAB = ∠OCB = 90°
चरण 03

OB दोनों त्रिभुजों में समान है

त्रिभुज △OAB और △OCB में OB समान भुजा है।

चरण 04

RHS सर्वांगसमता

दोनों समकोण त्रिभुजों में OB समान कर्ण है तथा OA = OC। इसलिए: △OAB ≅ △OCB

अतः
BA = BC
90°
IMPORTANT CONNECTION

स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या का नियम

यदि A तथा C स्पर्श बिंदु हैं, तो वृत्त के केंद्र O से स्पर्श बिंदुओं तक खींची गई त्रिज्याएँ, संबंधित स्पर्श रेखाओं पर 90° का कोण बनाती हैं।

OA ⟂ BA    तथा    OC ⟂ BC
EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

किसी बाह्य बिंदु B से वृत्त पर BA तथा BC दो स्पर्श रेखाएँ खींची गई हैं। यदि BA = 12 सेमी, तो BC की लंबाई ज्ञात कीजिए।

BA = BC

BC = 12 सेमी
EXAM SHORTCUT

चित्र देखते ही क्या करें?

यदि किसी एक बाहरी बिंदु से वृत्त को छूती हुई दो रेखाएँ दिखाई दें, तो बिना किसी calculation के दोनों Tangent की लंबाई बराबर मान लें।

EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

किसी एक बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है।

BA = BC
08
वृत्त का महत्वपूर्ण नियम

स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या और स्पर्श रेखा

किसी वृत्त के केंद्र से स्पर्श बिंदु तक खींची गई त्रिज्या, उस बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा पर लंब होती है।

नीचे दिए गए चित्र में A वृत्त का केंद्र है, B स्पर्श बिंदु है तथा BC वृत्त की स्पर्श रेखा है।

इसलिए AB ⟂ BC तथा ∠ABC = 90°

DIAGRAM

सही चित्र

A B C AB BC
A वृत्त का केंद्र
B स्पर्श बिंदु
AB त्रिज्या
BC स्पर्श रेखा
परिणाम ∠ABC = 90°
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

A वृत्त का केंद्र है

इस नियम में A वृत्त का केंद्र है। केंद्र से वृत्त की परिधि तक खींचा गया रेखाखंड त्रिज्या कहलाता है।

02

B स्पर्श बिंदु है

स्पर्श रेखा वृत्त को जिस एक बिंदु पर छूती है, उस बिंदु को स्पर्श बिंदु कहते हैं। यहाँ वह बिंदु B है।

03

BC स्पर्श रेखा है

रेखा BC वृत्त को केवल B बिंदु पर स्पर्श करती है, इसलिए BC एक स्पर्श रेखा है।

04

AB त्रिज्या है

क्योंकि A केंद्र है और B वृत्त की परिधि पर स्थित है, इसलिए AB वृत्त की त्रिज्या है।

05

त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होगी

स्पर्श बिंदु B पर त्रिज्या AB, स्पर्श रेखा BC पर लंब होती है।

06

स्पर्श बिंदु पर 90° का कोण बनेगा

क्योंकि AB ⟂ BC, इसलिए: ∠ABC = 90°

MOST IMPORTANT RULE

त्रिज्या और स्पर्श रेखा

AB त्रिज्या + BC स्पर्श रेखा
AB ⟂ BC
स्पर्श बिंदु पर बनने वाला कोण ∠ABC = 90°
स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब

याद रखने की ट्रिक: Circle में जहाँ Tangent वृत्त को छुए, उस Touch Point तक Center से Radius मिलाते ही 90° का कोण बन जाएगा।

WHY THIS RULE WORKS

यह नियम क्यों सही है?

चरण 01

B स्पर्श बिंदु है

स्पर्श रेखा BC वृत्त को केवल B बिंदु पर छूती है।

चरण 02

AB केंद्र से स्पर्श बिंदु तक त्रिज्या है

A वृत्त का केंद्र तथा B वृत्त की परिधि पर स्थित है, इसलिए AB त्रिज्या है।

चरण 03

केंद्र से स्पर्श रेखा की न्यूनतम दूरी

किसी बिंदु से किसी रेखा की सबसे कम दूरी उस रेखा पर खींचे गए लंब से प्राप्त होती है।

चरण 04

इसलिए AB और BC परस्पर लंब हैं

AB BC
अतः
∠ABC = 90°
90°
QUICK IDENTIFICATION

स्पर्श रेखा को पहचानने का आसान तरीका

यदि किसी वृत्त की परिधि के बिंदु B पर खींची गई रेखा, केंद्र A से B तक खींची गई त्रिज्या के साथ 90° का कोण बनाती है, तो वह रेखा उस बिंदु पर वृत्त की स्पर्श रेखा होती है।

AB ⟂ BC ⇒ BC स्पर्श रेखा
EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

किसी वृत्त में A केंद्र है और B स्पर्श बिंदु है। यदि BC वृत्त की स्पर्श रेखा है, तो ∠ABC का मान ज्ञात कीजिए।

AB ⟂ BC

∴ ∠ABC = 90°
EXAM SHORTCUT

चित्र देखते ही क्या करें?

यदि केंद्र से किसी ऐसे बिंदु तक त्रिज्या खींची हुई हो जहाँ कोई रेखा वृत्त को सिर्फ छू रही हो, तो उस बिंदु पर तुरंत 90° मान लें।

EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

स्पर्श बिंदु पर खींची गई त्रिज्या, स्पर्श रेखा पर लंब होती है।

AB ⟂ BC ⇒ ∠ABC = 90°
09
वृत्त का महत्वपूर्ण नियम

वृत्त के अंदर प्रतिच्छेद करती दो जीवाएँ

यदि किसी वृत्त की दो जीवाएँ वृत्त के अंदर किसी बिंदु पर एक-दूसरे को काटती हैं, तो पहली जीवा के दोनों खंडों का गुणनफल, दूसरी जीवा के दोनों खंडों के गुणनफल के बराबर होता है।

नीचे दिए गए चित्र में AC और BD दो जीवाएँ हैं तथा वे O बिंदु पर एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं।

इसलिए: AO × CO = BO × DO

DIAGRAM

सही चित्र

A B C D O AO CO BO DO
AC पहली जीवा
BD दूसरी जीवा
O प्रतिच्छेद बिंदु
परिणाम AO × CO = BO × DO
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

AC और BD दोनों जीवाएँ हैं

दोनों रेखाखंडों के सिरे वृत्त की परिधि पर स्थित हैं। इसलिए AC और BD वृत्त की जीवाएँ हैं।

02

दोनों जीवाएँ वृत्त के अंदर कटनी चाहिए

यह नियम तब लागू होता है जब दोनों जीवाएँ वृत्त के अंदर किसी बिंदु पर प्रतिच्छेद करें।

03

O प्रतिच्छेद बिंदु है

चित्र में AC तथा BD, O बिंदु पर एक-दूसरे को काटती हैं।

04

पहली जीवा के खंड

जीवा AC के प्रतिच्छेद बिंदु O से बने दो खंड हैं: AO और CO

05

दूसरी जीवा के खंड

जीवा BD के प्रतिच्छेद बिंदु O से बने दो खंड हैं: BO और DO

06

खंडों के गुणनफल बराबर होंगे

इसलिए पहली जीवा के खंडों का गुणनफल, दूसरी जीवा के खंडों के गुणनफल के बराबर होगा: AO × CO = BO × DO

MOST IMPORTANT FORMULA

प्रतिच्छेद करती जीवाओं का सूत्र

AO × CO = BO × DO
पहली जीवा के दोनों भागों का गुणनफल = दूसरी जीवा के दोनों भागों का गुणनफल
यदि AO ज्ञात करना हो AO = (BO × DO) ÷ CO
यदि CO ज्ञात करना हो CO = (BO × DO) ÷ AO
यदि BO ज्ञात करना हो BO = (AO × CO) ÷ DO
यदि DO ज्ञात करना हो DO = (AO × CO) ÷ BO

याद रखने की ट्रिक: वृत्त के अंदर दो Chord आपस में कटें, तो हर Chord के दोनों हिस्सों को आपस में गुणा करें। दोनों गुणनफल बराबर होंगे।

CONCEPT

सूत्र को कैसे समझें?

चरण 01

पहली जीवा को पहचानें

पहली जीवा AC है। O बिंदु इसे दो भागों AO और CO में बाँटता है।

चरण 02

दूसरी जीवा को पहचानें

दूसरी जीवा BD है। O बिंदु इसे दो भागों BO और DO में बाँटता है।

चरण 03

एक ही जीवा के दोनों भागों को गुणा करें

AO × CO और BO × DO
चरण 04

दोनों गुणनफल बराबर रखें

प्रतिच्छेद करती जीवाओं के प्रमेय के अनुसार, दोनों जीवाओं के खंडों के गुणनफल बराबर होते हैं

अतः
AO × CO = BO × DO
!
IMPORTANT

गुणा करते समय यह गलती न करें

हमेशा एक ही जीवा के दोनों खंडों को आपस में गुणा करना है। अर्थात AC के लिए AO × CO और BD के लिए BO × DO

AO × CO = BO × DO
EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

दो जीवाएँ AC और BD वृत्त के अंदर O बिंदु पर काटती हैं। यदि AO = 4 सेमी, CO = 6 सेमी तथा BO = 3 सेमी, तो DO का मान ज्ञात कीजिए।

AO × CO = BO × DO

4 × 6 = 3 × DO

24 = 3 × DO

DO = 24 ÷ 3

DO = 8 सेमी
EXAM SHORTCUT

चित्र देखते ही क्या करें?

यदि वृत्त के अंदर दो जीवाएँ X की तरह एक-दूसरे को काटती हुई दिखाई दें, तो तुरंत लिखें: एक जीवा के दोनों भागों का गुणनफल = दूसरी जीवा के दोनों भागों का गुणनफल।

EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

वृत्त के अंदर प्रतिच्छेद करती दो जीवाओं के खंडों का गुणनफल बराबर होता है।

AO × CO = BO × DO
10
वृत्त का महत्वपूर्ण नियम

वृत्त के बाहर मिलने वाली दो छेदक रेखाएँ

यदि किसी वृत्त के बाहर स्थित एक ही बिंदु से दो छेदक रेखाएँ खींची जाएँ, तो प्रत्येक छेदक के बाहरी भाग × पूरी छेदक का गुणनफल बराबर होता है।

नीचे दिए गए चित्र में O बाह्य बिंदु है। पहली छेदक O से C होते हुए A तक तथा दूसरी छेदक O से D होते हुए B तक जाती है।

इसलिए: CO × AO = DO × BO

DIAGRAM

सही चित्र

A C B D O CO DO
O बाह्य बिंदु
O-C-A पहली छेदक
O-D-B दूसरी छेदक
CO, DO बाहरी भाग
AO, BO पूरी छेदक
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

O वृत्त के बाहर स्थित है

इस नियम में दोनों छेदक रेखाएँ एक ही बाह्य बिंदु O से निकलती हैं।

02

पहली छेदक O-C-A है

O से चलने पर पहली छेदक वृत्त को पहले C तथा बाद में A बिंदु पर काटती है।

03

दूसरी छेदक O-D-B है

दूसरी छेदक वृत्त को पहले D तथा बाद में B बिंदु पर काटती है।

04

CO और DO बाहरी भाग हैं

बाह्य बिंदु O से वृत्त के निकटतम बिंदु तक की लंबाई छेदक का बाहरी भाग होती है। इसलिए यहाँ CO तथा DO बाहरी भाग हैं।

05

AO और BO पूरी छेदक की लंबाई हैं

बाह्य बिंदु O से छेदक के सबसे दूर वाले बिंदु तक की पूरी लंबाई क्रमशः AO तथा BO है।

06

बाहरी भाग × पूरी छेदक

दोनों छेदकों के लिए बाहरी भाग × पूरी छेदक बराबर होगा।

MOST IMPORTANT FORMULA

दो बाहरी छेदकों का सूत्र

AO × CO = BO × DO
पहली छेदक की पूरी लंबाई × बाहरी भाग = दूसरी छेदक की पूरी लंबाई × बाहरी भाग
यदि AO ज्ञात करना हो AO = (BO × DO) ÷ CO
यदि CO ज्ञात करना हो CO = (BO × DO) ÷ AO
यदि BO ज्ञात करना हो BO = (AO × CO) ÷ DO
यदि DO ज्ञात करना हो DO = (AO × CO) ÷ BO

याद रखने की ट्रिक: Circle के बाहर एक Point से दो Secant निकलें तो हर Secant में बाहर वाला भाग × पूरी लंबाई करें।

HOW TO APPLY

सूत्र लगाने का सही तरीका

चरण 01

बाह्य बिंदु पहचानें

सबसे पहले वृत्त के बाहर स्थित समान बिंदु O को पहचानें।

चरण 02

पहली छेदक का बाहरी भाग पहचानें

पहली छेदक में O से वृत्त तक का बाहरी भाग OC है।

चरण 03

पहली छेदक की पूरी लंबाई लें

O से पहली छेदक के सबसे दूर वाले बिंदु A तक पूरी लंबाई OA है।

चरण 04

दूसरी छेदक पर भी यही करें

दूसरी छेदक का बाहरी भाग OD और पूरी लंबाई OB है।

चरण 05

दोनों गुणनफल बराबर रखें

OA × OC = OB × OD
अंतिम सूत्र
AO × CO = BO × DO
!
VERY IMPORTANT

Rule 09 और Rule 10 में अंतर

Rule 09 में दोनों जीवाएँ वृत्त के अंदर एक-दूसरे को काटती हैं। लेकिन इस Rule में दोनों छेदक रेखाएँ वृत्त के बाहर एक ही बिंदु O पर मिलती हैं।

Rule 09 Intersection अंदर
Rule 10 Intersection बाहर
EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

बाह्य बिंदु O से दो छेदक रेखाएँ खींची गई हैं। यदि CO = 4 सेमी, AO = 12 सेमी तथा DO = 6 सेमी, तो BO का मान ज्ञात कीजिए।

AO × CO = BO × DO

12 × 4 = BO × 6

48 = 6BO

BO = 48 ÷ 6

BO = 8 सेमी
EXAM SHORTCUT

चित्र देखते ही क्या करें?

यदि Circle के बाहर एक Point से दो रेखाएँ वृत्त को काटते हुए अंदर जाएँ, तो तुरंत याद करें: Outside × Whole = Outside × Whole

EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

एक ही बाह्य बिंदु से खींची गई दो छेदक रेखाओं में बाहरी भाग और पूरी छेदक का गुणनफल बराबर होता है।

AO × CO = BO × DO
11
वृत्त का महत्वपूर्ण नियम

एक छेदक और एक स्पर्श रेखा

यदि वृत्त के बाहर स्थित किसी एक बिंदु से एक छेदक रेखा और एक स्पर्श रेखा खींची जाए, तो छेदक के बाहरी भाग × पूरी छेदक का गुणनफल, स्पर्श रेखा की लंबाई के वर्ग के बराबर होता है।

नीचे दिए गए चित्र में O बाह्य बिंदु है, O-C-A एक छेदक रेखा है तथा OB स्पर्श रेखा है।

इसलिए: AO × CO = OB²

DIAGRAM

सही चित्र

A C B O CO OB
O बाह्य बिंदु
O-C-A छेदक रेखा
OB स्पर्श रेखा
CO बाहरी भाग
AO पूरी छेदक
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

O वृत्त के बाहर होना चाहिए

छेदक और स्पर्श रेखा दोनों एक ही बाह्य बिंदु O से खींची गई हैं।

02

O-C-A छेदक रेखा है

O से चलने पर यह रेखा वृत्त को पहले C और फिर A बिंदु पर काटती है।

03

OB स्पर्श रेखा है

OB वृत्त को केवल B बिंदु पर स्पर्श करती है। इसलिए OB स्पर्श रेखा है।

04

CO छेदक का बाहरी भाग है

बाह्य बिंदु O से वृत्त के पहले प्रतिच्छेद बिंदु C तक की लंबाई CO है।

05

AO पूरी छेदक है

बाह्य बिंदु O से छेदक के सबसे दूर वाले बिंदु A तक की पूरी लंबाई AO है।

06

स्पर्श रेखा का वर्ग

छेदक के बाहरी भाग और पूरी लंबाई का गुणनफल, स्पर्श रेखा के वर्ग के बराबर होगा: AO × CO = OB²

MOST IMPORTANT FORMULA

छेदक और स्पर्श रेखा का सूत्र

AO × CO = OB²
पूरी छेदक × बाहरी भाग = स्पर्श रेखा²
यदि OB ज्ञात करना हो OB = √(AO × CO)
यदि AO ज्ञात करना हो AO = OB² ÷ CO
यदि CO ज्ञात करना हो CO = OB² ÷ AO

याद रखने की ट्रिक: बाहर एक Point से एक Secant + एक Tangent दिखे तो याद करें: Outside × Whole = Tangent²

HOW TO APPLY

सूत्र लगाने का सही तरीका

चरण 01

बाह्य बिंदु पहचानें

सबसे पहले वृत्त के बाहर स्थित O बिंदु को पहचानें।

चरण 02

स्पर्श रेखा पहचानें

जो रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु B पर छूती है, वह OB स्पर्श रेखा है।

चरण 03

छेदक का बाहरी भाग लें

O से वृत्त के निकटतम प्रतिच्छेद बिंदु C तक की लंबाई OC है।

चरण 04

पूरी छेदक की लंबाई लें

O से छेदक के सबसे दूर वाले बिंदु A तक पूरी लंबाई OA है।

चरण 05

मुख्य सूत्र लगाएँ

OA × OC = OB²
अंतिम सूत्र
AO × CO = OB²
!
VERY IMPORTANT

Rule 10 और Rule 11 में अंतर

Rule 10 में बाह्य बिंदु से दो छेदक रेखाएँ निकलती हैं। लेकिन इस Rule में एक छेदक और एक स्पर्श रेखा होती है।

Rule 10 Secant + Secant
Rule 11 Secant + Tangent
EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

बाह्य बिंदु O से एक छेदक O-C-A तथा एक स्पर्श रेखा OB खींची गई है। यदि CO = 3 सेमी तथा AO = 12 सेमी, तो OB की लंबाई ज्ञात कीजिए।

AO × CO = OB²

12 × 3 = OB²

OB² = 36

OB = √36

OB = 6 सेमी
EXAM SHORTCUT

चित्र देखते ही क्या करें?

यदि बाहर एक ही बिंदु से एक रेखा वृत्त को काट रही हो और दूसरी रेखा केवल छू रही हो, तो तुरंत लिखें: Outside × Whole = Tangent²

EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

बाह्य बिंदु से खींची गई छेदक के बाहरी भाग और पूरी लंबाई का गुणनफल, उसी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखा के वर्ग के बराबर होता है।

AO × CO = OB²
12
वृत्त की महत्वपूर्ण ट्रिक

दो समांतर जीवाओं के बीच की दूरी

यदि किसी वृत्त में दो समांतर जीवाएँ दी हों, तो उनके बीच की दूरी निकालने के लिए पहले केंद्र से प्रत्येक जीवा की लंब दूरी ज्ञात की जाती है।

यदि वृत्त की त्रिज्या r तथा किसी जीवा की लंबाई L हो, तो केंद्र से उस जीवा की दूरी:

d = √(r² − (L/2)²)
CASE 01

केंद्र के विपरीत ओर जीवाएँ

A B C D M N O OM = d₁ ON = d₂
AB ∥ CD दो समांतर जीवाएँ
O वृत्त का केंद्र
स्थिति केंद्र के विपरीत ओर
OPPOSITE SIDE FORMULA

जब जीवाएँ केंद्र के विपरीत ओर हों

केंद्र से AB की दूरी OM = √(r² − (AB/2)²)
केंद्र से CD की दूरी ON = √(r² − (CD/2)²)
MN = OM + ON
MN = √(r² − (AB/2)²) + √(r² − (CD/2)²)

याद रखें: दोनों जीवाएँ यदि केंद्र के अलग-अलग ओर हों, तो दोनों दूरियों को जोड़ना (+) है।

CASE 02

केंद्र की एक ही ओर जीवाएँ

A B C D M N O
AB ∥ CD दो समांतर जीवाएँ
स्थिति केंद्र की एक ही ओर
SAME SIDE FORMULA

जब जीवाएँ केंद्र की एक ही ओर हों

पहली दूरी d₁ = √(r² − (AB/2)²)
दूसरी दूरी d₂ = √(r² − (CD/2)²)
MN = |d₁ − d₂|
MN = |√(r² − (AB/2)²) − √(r² − (CD/2)²)|

याद रखें: दोनों जीवाएँ केंद्र की एक ही ओर हों, तो दोनों दूरियों का अंतर (−) लेना है।

MASTER TRICK

सिर्फ इतना याद रखें

विपरीत ओर d₁ + d₂
एक ही ओर |d₁ − d₂|
EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

किसी वृत्त की त्रिज्या 13 सेमी है। दो समांतर जीवाओं की लंबाई क्रमशः 10 सेमी और 24 सेमी है तथा दोनों जीवाएँ केंद्र के विपरीत ओर हैं। उनके बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।

d₁ = √(13² − 5²)

= √(169 − 25)

= √144 = 12

d₂ = √(13² − 12²)

= √(169 − 144)

= √25 = 5

MN = 12 + 5

MN = 17 सेमी
!
IMPORTANT

यह गलती बिल्कुल न करें

जीवाओं के बीच की दूरी सीधे (AB + CD) ÷ 2 या (AB − CD) ÷ 2 नहीं होती।

पहले केंद्र से दोनों जीवाओं की लंब दूरी √(r² − (जीवा/2)²) से निकालनी होगी।

EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

समांतर जीवाएँ विपरीत ओर हों तो केंद्र से दूरियाँ जोड़ें, एक ही ओर हों तो उनका अंतर लें।

Opposite ⇒ d₁ + d₂   |   Same Side ⇒ |d₁ − d₂|
13
वृत्त की महत्वपूर्ण ट्रिक

सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा की लंबाई

यदि दो वृत्तों पर एक ऐसी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा खींची जाए जो दोनों वृत्तों को एक ही ओर से स्पर्श करे, तो उसे सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा कहा जाता है।

यदि बड़े वृत्त की त्रिज्या R, छोटे वृत्त की त्रिज्या r तथा दोनों केंद्रों के बीच की दूरी D हो, तो स्पर्श बिंदुओं के बीच की लंबाई:

AB = √[D² − (R − r)²]
DIAGRAM

सही चित्र

A B O₁ O₂ R r D AB
R बड़े वृत्त की त्रिज्या
r छोटे वृत्त की त्रिज्या
D केंद्रों की दूरी
AB सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण बातें

01

यह सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा है

स्पर्श रेखा दोनों वृत्तों को एक ही ओर से स्पर्श कर रही है।

02

D केंद्रों के बीच की दूरी है

यदि दोनों वृत्तों के केंद्र O₁ और O₂ हों, तो D = O₁O₂

03

त्रिज्याओं का अंतर लिया जाता है

सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा में R − r लिया जाता है, न कि R + r।

04

स्पर्श बिंदु पर 90°

स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है। इसलिए दोनों स्थानों पर 90° का कोण बनता है।

MOST IMPORTANT FORMULA

सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा

AB = √[D² − (R − r)²]
केंद्र दूरी² त्रिज्याओं के अंतर² वर्गमूल
स्पर्श रेखा AB = √[D² − (R − r)²]
केंद्रों की दूरी D = √[AB² + (R − r)²]

याद रखने की ट्रिक: सीधी Common Tangent = Minus। यानी त्रिज्याओं का अंतर R − r लेना है।

CONCEPT

यह सूत्र कैसे बनता है?

चरण 01

दोनों केंद्रों को मिलाएँ

दोनों वृत्तों के केंद्रों के बीच की दूरी O₁O₂ = D है।

चरण 02

त्रिज्याओं का अंतर मिलेगा

सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा के मामले में सहायक समकोण त्रिभुज की लंब भुजा R − r होती है।

चरण 03

समकोण त्रिभुज बनेगा

कर्ण = D | एक भुजा = R − r | दूसरी भुजा = AB
चरण 04

पाइथागोरस प्रमेय लगाएँ

D² = AB² + (R − r)²
अतः
AB = √[D² − (R − r)²]
EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

दो वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमशः 8 सेमी तथा 3 सेमी हैं। दोनों केंद्रों के बीच की दूरी 13 सेमी है। सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा की लंबाई ज्ञात कीजिए।

AB = √[D² − (R − r)²]

= √[13² − (8 − 3)²]

= √[169 − 25]

= √144

AB = 12 सेमी
!
VERY IMPORTANT

R − r या R + r कैसे पहचानें?

यदि उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा दोनों वृत्तों को एक ही ओर से स्पर्श करती है, तो R − r लिया जाता है।

सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा ⇒ R − r
EXAM SHORTCUT

एक सेकंड में formula पहचानें

चित्र में दोनों वृत्तों के ऊपर या नीचे एक ही तरफ Common Tangent दिखाई दे, तो सीधे:

√[D² − (R − r)²]
EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा में दोनों त्रिज्याओं का अंतर लिया जाता है।

AB = √[D² − (R − r)²]
14
वृत्त की महत्वपूर्ण ट्रिक

अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा की लंबाई

यदि दो वृत्तों की उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा दोनों केंद्रों को मिलाने वाली रेखा को काटती है, तो उसे अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा (Transverse / Internal Common Tangent) कहते हैं।

यदि बड़े वृत्त की त्रिज्या R, छोटे वृत्त की त्रिज्या r तथा दोनों केंद्रों के बीच की दूरी D हो, तो स्पर्श बिंदुओं A और B के बीच की लंबाई:

AB = √[D² − (R + r)²]
DIAGRAM

सही चित्र

A B O₁ O₂ R r D AB
R बड़े वृत्त की त्रिज्या
r छोटे वृत्त की त्रिज्या
D दोनों केंद्रों की दूरी
AB अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण बातें

01

स्पर्श रेखा दोनों वृत्तों के बीच से गुजरती है

अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा दोनों वृत्तों को विपरीत ओर से स्पर्श करती हुई दोनों केंद्रों की रेखा को काटती है।

02

D दोनों केंद्रों की दूरी है

यदि वृत्तों के केंद्र O₁ और O₂ हों, तो: D = O₁O₂

03

यहाँ त्रिज्याओं को जोड़ा जाता है

अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा में R + r लिया जाता है।

04

स्पर्श बिंदुओं पर 90°

स्पर्श बिंदुओं A तथा B पर संबंधित त्रिज्याएँ, स्पर्श रेखा AB पर लंब होती हैं।

MOST IMPORTANT FORMULA

अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा

AB = √[D² − (R + r)²]
केंद्र दूरी² त्रिज्याओं के योग² वर्गमूल
स्पर्श रेखा की लंबाई AB = √[D² − (R + r)²]
केंद्रों की दूरी D = √[AB² + (R + r)²]

याद रखने की ट्रिक: अनुप्रस्थ Common Tangent में दोनों वृत्त विपरीत तरफ आते हैं, इसलिए त्रिज्याएँ जुड़ती हैं — R + r

CONCEPT

यह सूत्र कैसे बनता है?

चरण 01

दोनों केंद्रों को मिलाएँ

दोनों वृत्तों के केंद्रों के बीच की दूरी D होगी।

चरण 02

दोनों त्रिज्याएँ विपरीत दिशा में हैं

अनुप्रस्थ स्पर्श रेखा में दोनों स्पर्श बिंदुओं तक की त्रिज्याएँ स्पर्श रेखा के विपरीत ओर होती हैं।

चरण 03

इसलिए लंब भुजा R + r होगी

एक भुजा = R + r
चरण 04

समकोण त्रिभुज बनेगा

कर्ण = D | एक भुजा = R + r | दूसरी भुजा = AB
चरण 05

पाइथागोरस प्रमेय

D² = AB² + (R + r)²
अतः
AB = √[D² − (R + r)²]
MOST IMPORTANT DIFFERENCE

सीधी और अनुप्रस्थ स्पर्श रेखा

सीधी

Direct Common Tangent

√[D² − (R − r)²]

त्रिज्याओं का अंतर

अनुप्रस्थ

Transverse Common Tangent

√[D² − (R + r)²]

त्रिज्याओं का योग

EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

दो वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमशः 4 सेमी तथा 3 सेमी हैं। उनके केंद्रों के बीच की दूरी 25 सेमी है। अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा की लंबाई ज्ञात कीजिए।

AB = √[D² − (R + r)²]

= √[25² − (4 + 3)²]

= √[625 − 49]

= √576

AB = 24 सेमी
!
IMPORTANT CONDITION

अनुप्रस्थ स्पर्श रेखा कब बनेगी?

वास्तविक अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा के लिए दोनों वृत्त अलग-अलग होने चाहिए और D > R + r होना चाहिए।

D > R + r
EXAM SHORTCUT

एक सेकंड में formula पहचानें

यदि Common Tangent दोनों वृत्तों के बीच से cross कर रही हो, तो तुरंत R + r लें।

AB = √[D² − (R + r)²]
★ MASTER MEMORY TRICK
Direct / सीधी Difference R − r
Transverse / अनुप्रस्थ Sum R + r
EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा में दोनों त्रिज्याओं का योग लिया जाता है।

AB = √[D² − (R + r)²]
15
वृत्त की महत्वपूर्ण ट्रिक

एकांतर वृत्तखंड के कोण समान होते हैं

किसी वृत्त में स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बना कोण, उसी जीवा द्वारा वृत्त के विपरीत वृत्तखंड में बनाए गए कोण के बराबर होता है।

इसे Alternate Segment Theorem या एकांतर वृत्तखंड प्रमेय कहा जाता है।

नीचे दिए गए चित्र में A पर स्पर्श रेखा खींची गई है। इसलिए: ∠X = ∠Y तथा ∠A = ∠B

DIAGRAM

सही चित्र

Y B A X ∠A ∠B
A स्पर्श बिंदु
रेखा A पर स्पर्श रेखा
X, Y एक जोड़ी समान कोण
A, B दूसरी जोड़ी समान कोण
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण बातें

01

एक स्पर्श रेखा होना जरूरी है

यह नियम तभी लागू होगा जब वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा खींची गई हो।

02

स्पर्श बिंदु से जीवा भी होनी चाहिए

जिस बिंदु पर स्पर्श रेखा वृत्त को छू रही है, उसी बिंदु से वृत्त के किसी अन्य बिंदु तक जीवा खींची होती है।

03

स्पर्श रेखा और जीवा का कोण पहचानें

स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बनने वाला कोण वृत्त के विपरीत भाग में उसी जीवा से बने कोण के बराबर होगा।

04

एकांतर वृत्तखंड के कोण बराबर

इसलिए चित्र में: ∠X = ∠Y और ∠A = ∠B

MOST IMPORTANT RULE

एकांतर वृत्तखंड प्रमेय

∠X = ∠Y
∠A = ∠B
स्पर्श रेखा + जीवा का कोण = विपरीत वृत्तखंड का कोण

याद रखने की ट्रिक: Tangent और Chord के बीच जो Angle बने, वही Angle उस Chord के दूसरी तरफ Circle में भी मिलेगा।

HOW TO IDENTIFY

प्रश्न में नियम कैसे पहचानें?

चरण 01

स्पर्श रेखा खोजें

पहले उस रेखा को पहचानें जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर स्पर्श कर रही है।

चरण 02

उस स्पर्श बिंदु से जीवा देखें

स्पर्श बिंदु से वृत्त के अंदर जाने वाली जीवा को पहचानें।

चरण 03

Tangent-Chord angle पहचानें

स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बना कोण पहली तरफ का आवश्यक कोण होगा।

चरण 04

विपरीत वृत्तखंड का कोण बराबर करें

Tangent-Chord Angle = Alternate Segment Angle
EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

किसी वृत्त में A पर स्पर्श रेखा खींची गई है। स्पर्श रेखा और एक जीवा के बीच बना कोण 42° है। उसी जीवा द्वारा विपरीत वृत्तखंड में बने कोण का मान ज्ञात कीजिए।

Tangent-Chord Angle

= Alternate Segment Angle

∴ Required Angle = 42°
!
IMPORTANT

कौन-सा कोण बराबर करना है?

Tangent के साथ जिस जीवा का कोण लिया गया है, उसी जीवा द्वारा वृत्त के विपरीत वृत्तखंड में बना कोण बराबर होगा।

किसी भी दूसरे कोण को केवल चित्र देखकर बराबर न मानें

EXAM SHORTCUT

चित्र देखते ही क्या करें?

यदि Circle पर Tangent + Chord एक ही Point पर मिलते दिखें, तो उस Angle को तुरंत Opposite Segment वाले Angle के बराबर खोजें।

★ MASTER MEMORY TRICK
Tangent + Chord Opposite Circle Angle Equal
EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बना कोण, एकांतर वृत्तखंड में बने कोण के बराबर होता है।

∠X = ∠Y    तथा    ∠A = ∠B
15
वृत्त की महत्वपूर्ण ट्रिक

एकांतर वृत्तखंड के कोण समान होते हैं

किसी वृत्त में स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बना कोण, उसी जीवा द्वारा वृत्त के विपरीत वृत्तखंड में बनाए गए कोण के बराबर होता है।

इस नियम को एकांतर वृत्तखंड प्रमेय (Alternate Segment Theorem) कहते हैं।

चित्र में इसी नियम के अनुसार: ∠X = ∠Y तथा ∠A = ∠B

DIAGRAM

एकांतर वृत्तखंड

Y B A X ∠A ∠B
A स्पर्श बिंदु
X स्पर्श रेखा–जीवा कोण
Y विपरीत वृत्तखंड का कोण
नियम ∠X = ∠Y
IMPORTANT RULES

महत्वपूर्ण नियम

01

एक स्पर्श रेखा होनी चाहिए

वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा खींची हुई होनी चाहिए।

02

स्पर्श बिंदु से जीवा होनी चाहिए

उसी स्पर्श बिंदु से वृत्त के किसी अन्य बिंदु तक जीवा खींची जाती है।

03

Tangent-Chord Angle पहचानें

स्पर्श रेखा और उस जीवा के बीच बनने वाला कोण महत्वपूर्ण होता है।

04

विपरीत वृत्तखंड का कोण बराबर होगा

उसी जीवा द्वारा विपरीत वृत्तखंड में बना कोण, Tangent-Chord Angle के बराबर होगा।

MOST IMPORTANT RULE

एकांतर वृत्तखंड प्रमेय

∠X = ∠Y
∠A = ∠B
स्पर्श रेखा + जीवा का कोण = विपरीत वृत्तखंड का कोण

याद रखने की ट्रिक: Tangent और Chord के बीच बना Angle उसी Chord के दूसरी तरफ Circle में बने Angle के बराबर होता है।

EXAMPLE

त्वरित उदाहरण

यदि स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बना कोण 48° है, तो उसी जीवा द्वारा विपरीत वृत्तखंड में बना कोण कितना होगा?

Tangent-Chord Angle = Alternate Segment Angle

∴ आवश्यक कोण = 48°
EXAM SHORTCUT

चित्र देखते ही क्या करें?

यदि किसी Point पर Tangent + Chord दिखाई दे, तो उनके बीच बने Angle को उसी Chord के Opposite Segment Angle के बराबर कर दें।

★ MASTER MEMORY
Tangent + Chord Opposite Segment Same Angle
EXAM REVISION

एक लाइन में याद रखें

स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बना कोण, एकांतर वृत्तखंड में बने कोण के बराबर होता है।

∠X = ∠Y    तथा    ∠A = ∠B
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