CIRCLE RULES & FORMULA
एक ही जीवा द्वारा एक ही खंड में बने कोण
किसी वृत्त में एक ही जीवा द्वारा एक ही खंड में परिधि पर बनाए गए सभी कोण बराबर होते हैं।
नीचे दिए गए चित्र में AC एक ही जीवा है तथा B और D जीवा AC के एक ही ओर स्थित हैं। इसलिए जीवा AC द्वारा बनाए गए दोनों परिधीय कोण बराबर होंगे।
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
एक ही जीवा होनी चाहिए
दोनों कोण जिस जीवा पर आधारित हों, वह एक ही जीवा होनी चाहिए। यहाँ दोनों कोणों के लिए जीवा AC है।
एक ही खंड में होने चाहिए
दोनों कोणों के शीर्ष जीवा के एक ही ओर स्थित होने चाहिए। यहाँ B और D जीवा AC के एक ही ओर हैं।
परिधीय कोण बराबर होंगे
जब दोनों कोण एक ही जीवा द्वारा एक ही खंड में बनाए जाते हैं, तो उनके माप समान होंगे।
इस चित्र में
समान जीवा AC द्वारा बने कोण हैं: ∠ADC तथा ∠ABC।
एक ही जीवा द्वारा एक ही खंड में बने कोण
याद रखने की ट्रिक: वृत्त में यदि दो कोण एक ही जीवा को देखें और दोनों जीवा के एक ही ओर स्थित हों, तो दोनों कोण बराबर होंगे।
यह नियम क्यों सही है?
किसी वृत्त में एक ही चाप द्वारा बनाया गया परिधीय कोण उस चाप द्वारा केंद्र पर बने कोण का आधा होता है।
दोनों कोण समान जीवा AC को देखते हैं
∠ADC तथा ∠ABC दोनों की भुजाएँ बिंदु A और C पर समाप्त होती हैं।
दोनों समान चाप AC पर आधारित हैं
इसलिए दोनों कोण वृत्त के समान चाप AC से संबंधित हैं।
दोनों का मान समान होगा
एक लाइन में याद रखें
एक ही जीवा द्वारा एक ही खंड में बनाए गए सभी परिधीय कोण बराबर होते हैं।
केंद्र पर बना कोण और परिधि पर बना कोण
किसी वृत्त में एक ही चाप द्वारा केंद्र पर बना कोण, उसी चाप द्वारा परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है।
नीचे दिए गए चित्र में D वृत्त का केंद्र है। कोण ∠ADC केंद्र पर तथा ∠ABC परिधि पर बना है। दोनों कोण समान चाप AC पर आधारित हैं।
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
केंद्र की पहचान
चित्र में D वृत्त का केंद्र है। इसलिए DA और DC वृत्त की त्रिज्याएँ हैं।
केंद्रीय कोण
केंद्र D पर बना ∠ADC केंद्रीय कोण है।
परिधीय कोण
वृत्त की परिधि पर बिंदु B पर बना ∠ABC परिधीय कोण है।
समान चाप आवश्यक
∠ADC और ∠ABC दोनों समान चाप AC पर आधारित हैं।
केंद्रीय कोण दोगुना
समान चाप पर बना केंद्रीय कोण, परिधीय कोण का 2 गुना होता है।
केंद्रीय कोण और परिधीय कोण का संबंध
याद रखने की ट्रिक: एक ही चाप के लिए Center = Double और Circle Boundary = Half।
नियम को समझें
समान चाप द्वारा केंद्र पर बनाया गया कोण उसी चाप द्वारा परिधि पर बनाए गए कोण का दोगुना होता है।
समान चाप पहचानें
दोनों कोणों के सिरों पर A और C हैं। इसलिए दोनों कोण समान चाप AC से संबंधित हैं।
केंद्रीय कोण पहचानें
D केंद्र है, इसलिए ∠ADC केंद्र पर बना कोण है।
परिधीय कोण पहचानें
बिंदु B वृत्त की परिधि पर स्थित है, इसलिए ∠ABC परिधि पर बना कोण है।
नियम लागू करें
त्वरित उदाहरण
यदि ∠ABC = 40° है, तो उसी चाप पर केंद्र में बना कोण:
एक लाइन में याद रखें
समान चाप पर केंद्र का कोण = परिधि के कोण का दोगुना
व्यास द्वारा परिधि पर बना कोण
किसी वृत्त में यदि व्यास के दोनों सिरों को परिधि पर स्थित किसी अन्य बिंदु से मिलाया जाए, तो उस बिंदु पर बनने वाला कोण हमेशा 90° का होता है।
नीचे दिए गए चित्र में AC वृत्त का व्यास है तथा B वृत्त की परिधि पर स्थित है। इसलिए ∠ABC = 90° होगा।
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
AC का व्यास होना आवश्यक
इस नियम को लागू करने के लिए AC वृत्त का व्यास होना चाहिए।
B परिधि पर होना चाहिए
तीसरा बिंदु B वृत्त की परिधि पर स्थित होना चाहिए।
व्यास को देखने वाला कोण समकोण
परिधि पर बना जो कोण पूरे व्यास AC को देखता है, उसका मान 90° होता है।
चित्र में परिणाम
क्योंकि AC व्यास है, इसलिए ∠ABC = 90°।
व्यास द्वारा परिधि पर बना कोण
याद रखने की ट्रिक: यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा वृत्त का व्यास है और तीसरा शीर्ष परिधि पर है, तो तीसरे शीर्ष का कोण सीधे 90° होगा।
यह कोण 90° क्यों होता है?
पिछले नियम के अनुसार केंद्र पर बना कोण समान चाप पर बने परिधीय कोण का दोगुना होता है।
AC व्यास है
क्योंकि AC वृत्त का व्यास है, इसलिए केंद्र O पर A से C तक बनने वाला सीधा कोण 180° होगा।
केंद्रीय कोण
परिधीय कोण केंद्रीय कोण का आधा
मान रखने पर
चित्र देखते ही पहचानें
यदि circle के अंदर बने triangle की कोई एक side diameter दिखाई दे, तो diameter के सामने वाला angle तुरंत 90° मान सकते हैं।
एक लाइन में याद रखें
वृत्त के व्यास द्वारा परिधि पर बनाया गया कोण हमेशा 90° होता है।
चक्रीय चतुर्भुज
वृत्त के अंदर बना ऐसा चतुर्भुज, जिसके चारों शीर्ष वृत्त की परिधि पर स्थित हों, उसे चक्रीय चतुर्भुज कहते हैं।
नीचे दिए गए चित्र में A, B, C और D चारों बिंदु वृत्त की परिधि पर हैं। इसलिए ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
चारों शीर्ष परिधि पर हों
किसी चतुर्भुज के चारों शीर्ष वृत्त की परिधि पर स्थित हों, तभी वह चक्रीय चतुर्भुज कहलाता है।
विपरीत कोणों का योग 180°
चक्रीय चतुर्भुज के दोनों जोड़े विपरीत कोण पूरक होते हैं।
पहला विपरीत कोण संबंध
∠A + ∠C = 180°
दूसरा विपरीत कोण संबंध
∠B + ∠D = 180°
चक्रीय होने की पहचान
यदि किसी चतुर्भुज के किसी एक जोड़े विपरीत कोणों का योग 180° हो, तो वह चतुर्भुज चक्रीय होगा।
चक्रीय चतुर्भुज के विपरीत कोण
याद रखने की ट्रिक: चक्रीय चतुर्भुज देखते ही Opposite Angles = 180° याद रखें।
नियम को समझें
चक्रीय चतुर्भुज के प्रत्येक कोण का संबंध वृत्त की किसी चाप से होता है। विपरीत कोणों द्वारा देखी गई दोनों चापों का कुल माप 360° होता है।
परिधीय कोण का नियम
किसी चाप पर बना परिधीय कोण उस चाप के माप का आधा होता है।
विपरीत कोणों की चापें
चतुर्भुज के दो विपरीत कोण जिन दो चापों को देखते हैं, उन चापों का कुल माप 360° होता है।
आधा करने पर
परिणाम
∠B + ∠D = 180°
त्वरित उदाहरण
यदि किसी चक्रीय चतुर्भुज में ∠A = 110° है, तो उसके विपरीत कोण ∠C का मान होगा:
चित्र देखते ही पहचानें
यदि किसी quadrilateral के चारों vertices circle की boundary पर हों, तो उसे चक्रीय चतुर्भुज मानकर opposite angles का sum 180° लगा सकते हैं।
एक लाइन में याद रखें
चक्रीय चतुर्भुज के विपरीत कोणों का योग 180° होता है।
सम्मुख कोणों का योग 180°
किसी चक्रीय चतुर्भुज के दोनों जोड़े सम्मुख अथवा विपरीत कोणों का योग हमेशा 180° होता है।
नीचे दिए गए चक्रीय चतुर्भुज ABCD में A, B, C और D चारों शीर्ष वृत्त की परिधि पर स्थित हैं।
इसलिए ∠A + ∠C = 180° तथा ∠B + ∠D = 180°।
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
पहले चक्रीय चतुर्भुज पहचानें
चतुर्भुज के चारों शीर्ष एक ही वृत्त की परिधि पर स्थित होने चाहिए।
A और C सम्मुख कोण हैं
चक्रीय चतुर्भुज में ∠A और ∠C एक-दूसरे के विपरीत स्थित होते हैं।
B और D सम्मुख कोण हैं
इसी प्रकार ∠B और ∠D दूसरा विपरीत कोण-युग्म है।
दोनों जोड़ों का योग 180°
∠A + ∠C = 180° तथा ∠B + ∠D = 180°
एक कोण से विपरीत कोण निकालें
यदि एक कोण दिया हो, तो उसका विपरीत कोण 180° में से दिए गए कोण को घटाकर प्राप्त किया जाता है।
सम्मुख कोणों का योग
याद रखने की ट्रिक: चक्रीय चतुर्भुज में सामने-सामने वाले कोण = 180°।
अज्ञात कोण कैसे निकालें?
त्वरित उदाहरण
यदि चक्रीय चतुर्भुज में ∠A = 115° है, तो ∠C का मान:
कौन-से कोण जोड़ने हैं?
केवल विपरीत कोण जोड़ने हैं। इसलिए सही जोड़ियाँ हैं: A + C तथा B + D। पास-पास वाले कोणों पर यह नियम सीधे लागू नहीं होता।
एक लाइन में याद रखें
चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब
किसी वृत्त के केंद्र से किसी जीवा पर खींचा गया लंब, उस जीवा को दो बराबर भागों में विभाजित करता है।
नीचे दिए गए चित्र में O वृत्त का केंद्र है, AB एक जीवा है तथा OD ⟂ AB है। इसलिए बिंदु D, जीवा AB का मध्यबिंदु होगा।
अतः AD = DB।
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
O वृत्त का केंद्र होना चाहिए
यह नियम तभी सीधे लागू होगा जब O वृत्त का केंद्र हो।
AB एक जीवा है
रेखाखंड AB के दोनों सिरे वृत्त की परिधि पर स्थित हैं, इसलिए AB एक जीवा है।
OD जीवा पर लंब है
केंद्र O से जीवा AB पर खींची गई रेखा OD ⟂ AB है।
D जीवा का मध्यबिंदु होगा
क्योंकि केंद्र से जीवा पर लंब डाला गया है, इसलिए D, AB का मध्यबिंदु होगा।
जीवा दो बराबर भागों में बँटेगी
इसलिए AD = DB।
केंद्र से जीवा पर लंब
याद रखने की ट्रिक: Circle का Center + Chord पर 90° दिखते ही जीवा को आधा-आधा कर दीजिए।
यह नियम क्यों सही है?
OA और OB त्रिज्याएँ हैं
A और B वृत्त की परिधि पर स्थित हैं तथा O केंद्र है। इसलिए OA = OB।
OD दोनों त्रिभुजों में समान है
त्रिभुज △OAD और △OBD में OD एक समान भुजा है।
दोनों कोण 90° हैं
RHS सर्वांगसमता
दोनों समकोण त्रिभुजों में OA = OB (कर्ण) तथा OD समान है। इसलिए △OAD ≅ △OBD।
इसका विलोम भी महत्वपूर्ण है
यदि वृत्त के केंद्र से होकर जाने वाली रेखा किसी जीवा को दो बराबर भागों में बाँटती है, तो वह रेखा उस जीवा पर लंब होती है।
त्वरित उदाहरण
यदि जीवा AB = 18 सेमी है और केंद्र से AB पर लंब OD डाला गया है, तो:
चित्र देखते ही क्या करें?
यदि केंद्र से chord पर 90° का निशान दिखे, तो तुरंत उस chord के दोनों हिस्सों को बराबर मान लें।
एक लाइन में याद रखें
केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को दो बराबर भागों में बाँटता है।
बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाएँ
किसी वृत्त के बाहर स्थित एक ही बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है।
नीचे दिए गए चित्र में B वृत्त के बाहर स्थित बिंदु है। B से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ BA तथा BC खींची गई हैं।
अतः BA = BC।
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
B वृत्त के बाहर होना चाहिए
यह नियम उस स्थिति में लागू होता है जब B वृत्त के बाहर स्थित एक बाह्य बिंदु हो।
BA और BC स्पर्श रेखाएँ हैं
बाह्य बिंदु B से वृत्त को A और C बिंदुओं पर स्पर्श करने वाली रेखाएँ BA तथा BC हैं।
A और C स्पर्श बिंदु हैं
जहाँ स्पर्श रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती है, वह बिंदु स्पर्श बिंदु कहलाता है।
त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है
स्पर्श बिंदु पर खींची गई त्रिज्या, स्पर्श रेखा पर लंब होती है। इसलिए: OA ⟂ BA तथा OC ⟂ BC।
दोनों स्पर्श रेखाएँ बराबर होंगी
क्योंकि BA और BC एक ही बाह्य बिंदु B से खींची गई हैं, इसलिए: BA = BC।
बाह्य बिंदु से स्पर्श रेखाएँ
याद रखने की ट्रिक: एक ही बाहरी बिंदु से Circle को छूने वाली दो Tangent दिखें, तो दोनों की लंबाई सीधे बराबर मान लें।
यह नियम क्यों सही है?
OA और OC त्रिज्याएँ हैं
A तथा C वृत्त की परिधि पर स्थित हैं तथा O वृत्त का केंद्र है। इसलिए: OA = OC।
स्पर्श बिंदुओं पर समकोण बनेंगे
स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है।
OB दोनों त्रिभुजों में समान है
त्रिभुज △OAB और △OCB में OB समान भुजा है।
RHS सर्वांगसमता
दोनों समकोण त्रिभुजों में OB समान कर्ण है तथा OA = OC। इसलिए: △OAB ≅ △OCB।
स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या का नियम
यदि A तथा C स्पर्श बिंदु हैं, तो वृत्त के केंद्र O से स्पर्श बिंदुओं तक खींची गई त्रिज्याएँ, संबंधित स्पर्श रेखाओं पर 90° का कोण बनाती हैं।
त्वरित उदाहरण
किसी बाह्य बिंदु B से वृत्त पर BA तथा BC दो स्पर्श रेखाएँ खींची गई हैं। यदि BA = 12 सेमी, तो BC की लंबाई ज्ञात कीजिए।
BC = 12 सेमी
चित्र देखते ही क्या करें?
यदि किसी एक बाहरी बिंदु से वृत्त को छूती हुई दो रेखाएँ दिखाई दें, तो बिना किसी calculation के दोनों Tangent की लंबाई बराबर मान लें।
एक लाइन में याद रखें
किसी एक बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है।
स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या और स्पर्श रेखा
किसी वृत्त के केंद्र से स्पर्श बिंदु तक खींची गई त्रिज्या, उस बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा पर लंब होती है।
नीचे दिए गए चित्र में A वृत्त का केंद्र है, B स्पर्श बिंदु है तथा BC वृत्त की स्पर्श रेखा है।
इसलिए AB ⟂ BC तथा ∠ABC = 90°।
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
A वृत्त का केंद्र है
इस नियम में A वृत्त का केंद्र है। केंद्र से वृत्त की परिधि तक खींचा गया रेखाखंड त्रिज्या कहलाता है।
B स्पर्श बिंदु है
स्पर्श रेखा वृत्त को जिस एक बिंदु पर छूती है, उस बिंदु को स्पर्श बिंदु कहते हैं। यहाँ वह बिंदु B है।
BC स्पर्श रेखा है
रेखा BC वृत्त को केवल B बिंदु पर स्पर्श करती है, इसलिए BC एक स्पर्श रेखा है।
AB त्रिज्या है
क्योंकि A केंद्र है और B वृत्त की परिधि पर स्थित है, इसलिए AB वृत्त की त्रिज्या है।
त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होगी
स्पर्श बिंदु B पर त्रिज्या AB, स्पर्श रेखा BC पर लंब होती है।
स्पर्श बिंदु पर 90° का कोण बनेगा
क्योंकि AB ⟂ BC, इसलिए: ∠ABC = 90°।
त्रिज्या और स्पर्श रेखा
याद रखने की ट्रिक: Circle में जहाँ Tangent वृत्त को छुए, उस Touch Point तक Center से Radius मिलाते ही 90° का कोण बन जाएगा।
यह नियम क्यों सही है?
B स्पर्श बिंदु है
स्पर्श रेखा BC वृत्त को केवल B बिंदु पर छूती है।
AB केंद्र से स्पर्श बिंदु तक त्रिज्या है
A वृत्त का केंद्र तथा B वृत्त की परिधि पर स्थित है, इसलिए AB त्रिज्या है।
केंद्र से स्पर्श रेखा की न्यूनतम दूरी
किसी बिंदु से किसी रेखा की सबसे कम दूरी उस रेखा पर खींचे गए लंब से प्राप्त होती है।
इसलिए AB और BC परस्पर लंब हैं
स्पर्श रेखा को पहचानने का आसान तरीका
यदि किसी वृत्त की परिधि के बिंदु B पर खींची गई रेखा, केंद्र A से B तक खींची गई त्रिज्या के साथ 90° का कोण बनाती है, तो वह रेखा उस बिंदु पर वृत्त की स्पर्श रेखा होती है।
त्वरित उदाहरण
किसी वृत्त में A केंद्र है और B स्पर्श बिंदु है। यदि BC वृत्त की स्पर्श रेखा है, तो ∠ABC का मान ज्ञात कीजिए।
∴ ∠ABC = 90°
चित्र देखते ही क्या करें?
यदि केंद्र से किसी ऐसे बिंदु तक त्रिज्या खींची हुई हो जहाँ कोई रेखा वृत्त को सिर्फ छू रही हो, तो उस बिंदु पर तुरंत 90° मान लें।
एक लाइन में याद रखें
स्पर्श बिंदु पर खींची गई त्रिज्या, स्पर्श रेखा पर लंब होती है।
वृत्त के अंदर प्रतिच्छेद करती दो जीवाएँ
यदि किसी वृत्त की दो जीवाएँ वृत्त के अंदर किसी बिंदु पर एक-दूसरे को काटती हैं, तो पहली जीवा के दोनों खंडों का गुणनफल, दूसरी जीवा के दोनों खंडों के गुणनफल के बराबर होता है।
नीचे दिए गए चित्र में AC और BD दो जीवाएँ हैं तथा वे O बिंदु पर एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं।
इसलिए: AO × CO = BO × DO
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
AC और BD दोनों जीवाएँ हैं
दोनों रेखाखंडों के सिरे वृत्त की परिधि पर स्थित हैं। इसलिए AC और BD वृत्त की जीवाएँ हैं।
दोनों जीवाएँ वृत्त के अंदर कटनी चाहिए
यह नियम तब लागू होता है जब दोनों जीवाएँ वृत्त के अंदर किसी बिंदु पर प्रतिच्छेद करें।
O प्रतिच्छेद बिंदु है
चित्र में AC तथा BD, O बिंदु पर एक-दूसरे को काटती हैं।
पहली जीवा के खंड
जीवा AC के प्रतिच्छेद बिंदु O से बने दो खंड हैं: AO और CO।
दूसरी जीवा के खंड
जीवा BD के प्रतिच्छेद बिंदु O से बने दो खंड हैं: BO और DO।
खंडों के गुणनफल बराबर होंगे
इसलिए पहली जीवा के खंडों का गुणनफल, दूसरी जीवा के खंडों के गुणनफल के बराबर होगा: AO × CO = BO × DO।
प्रतिच्छेद करती जीवाओं का सूत्र
याद रखने की ट्रिक: वृत्त के अंदर दो Chord आपस में कटें, तो हर Chord के दोनों हिस्सों को आपस में गुणा करें। दोनों गुणनफल बराबर होंगे।
सूत्र को कैसे समझें?
पहली जीवा को पहचानें
पहली जीवा AC है। O बिंदु इसे दो भागों AO और CO में बाँटता है।
दूसरी जीवा को पहचानें
दूसरी जीवा BD है। O बिंदु इसे दो भागों BO और DO में बाँटता है।
एक ही जीवा के दोनों भागों को गुणा करें
दोनों गुणनफल बराबर रखें
प्रतिच्छेद करती जीवाओं के प्रमेय के अनुसार, दोनों जीवाओं के खंडों के गुणनफल बराबर होते हैं।
गुणा करते समय यह गलती न करें
हमेशा एक ही जीवा के दोनों खंडों को आपस में गुणा करना है। अर्थात AC के लिए AO × CO और BD के लिए BO × DO।
त्वरित उदाहरण
दो जीवाएँ AC और BD वृत्त के अंदर O बिंदु पर काटती हैं। यदि AO = 4 सेमी, CO = 6 सेमी तथा BO = 3 सेमी, तो DO का मान ज्ञात कीजिए।
4 × 6 = 3 × DO
24 = 3 × DO
DO = 24 ÷ 3
DO = 8 सेमी
चित्र देखते ही क्या करें?
यदि वृत्त के अंदर दो जीवाएँ X की तरह एक-दूसरे को काटती हुई दिखाई दें, तो तुरंत लिखें: एक जीवा के दोनों भागों का गुणनफल = दूसरी जीवा के दोनों भागों का गुणनफल।
एक लाइन में याद रखें
वृत्त के अंदर प्रतिच्छेद करती दो जीवाओं के खंडों का गुणनफल बराबर होता है।
वृत्त के बाहर मिलने वाली दो छेदक रेखाएँ
यदि किसी वृत्त के बाहर स्थित एक ही बिंदु से दो छेदक रेखाएँ खींची जाएँ, तो प्रत्येक छेदक के बाहरी भाग × पूरी छेदक का गुणनफल बराबर होता है।
नीचे दिए गए चित्र में O बाह्य बिंदु है। पहली छेदक O से C होते हुए A तक तथा दूसरी छेदक O से D होते हुए B तक जाती है।
इसलिए: CO × AO = DO × BO
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
O वृत्त के बाहर स्थित है
इस नियम में दोनों छेदक रेखाएँ एक ही बाह्य बिंदु O से निकलती हैं।
पहली छेदक O-C-A है
O से चलने पर पहली छेदक वृत्त को पहले C तथा बाद में A बिंदु पर काटती है।
दूसरी छेदक O-D-B है
दूसरी छेदक वृत्त को पहले D तथा बाद में B बिंदु पर काटती है।
CO और DO बाहरी भाग हैं
बाह्य बिंदु O से वृत्त के निकटतम बिंदु तक की लंबाई छेदक का बाहरी भाग होती है। इसलिए यहाँ CO तथा DO बाहरी भाग हैं।
AO और BO पूरी छेदक की लंबाई हैं
बाह्य बिंदु O से छेदक के सबसे दूर वाले बिंदु तक की पूरी लंबाई क्रमशः AO तथा BO है।
बाहरी भाग × पूरी छेदक
दोनों छेदकों के लिए बाहरी भाग × पूरी छेदक बराबर होगा।
दो बाहरी छेदकों का सूत्र
याद रखने की ट्रिक: Circle के बाहर एक Point से दो Secant निकलें तो हर Secant में बाहर वाला भाग × पूरी लंबाई करें।
सूत्र लगाने का सही तरीका
बाह्य बिंदु पहचानें
सबसे पहले वृत्त के बाहर स्थित समान बिंदु O को पहचानें।
पहली छेदक का बाहरी भाग पहचानें
पहली छेदक में O से वृत्त तक का बाहरी भाग OC है।
पहली छेदक की पूरी लंबाई लें
O से पहली छेदक के सबसे दूर वाले बिंदु A तक पूरी लंबाई OA है।
दूसरी छेदक पर भी यही करें
दूसरी छेदक का बाहरी भाग OD और पूरी लंबाई OB है।
दोनों गुणनफल बराबर रखें
Rule 09 और Rule 10 में अंतर
Rule 09 में दोनों जीवाएँ वृत्त के अंदर एक-दूसरे को काटती हैं। लेकिन इस Rule में दोनों छेदक रेखाएँ वृत्त के बाहर एक ही बिंदु O पर मिलती हैं।
त्वरित उदाहरण
बाह्य बिंदु O से दो छेदक रेखाएँ खींची गई हैं। यदि CO = 4 सेमी, AO = 12 सेमी तथा DO = 6 सेमी, तो BO का मान ज्ञात कीजिए।
12 × 4 = BO × 6
48 = 6BO
BO = 48 ÷ 6
BO = 8 सेमी
चित्र देखते ही क्या करें?
यदि Circle के बाहर एक Point से दो रेखाएँ वृत्त को काटते हुए अंदर जाएँ, तो तुरंत याद करें: Outside × Whole = Outside × Whole।
एक लाइन में याद रखें
एक ही बाह्य बिंदु से खींची गई दो छेदक रेखाओं में बाहरी भाग और पूरी छेदक का गुणनफल बराबर होता है।
एक छेदक और एक स्पर्श रेखा
यदि वृत्त के बाहर स्थित किसी एक बिंदु से एक छेदक रेखा और एक स्पर्श रेखा खींची जाए, तो छेदक के बाहरी भाग × पूरी छेदक का गुणनफल, स्पर्श रेखा की लंबाई के वर्ग के बराबर होता है।
नीचे दिए गए चित्र में O बाह्य बिंदु है, O-C-A एक छेदक रेखा है तथा OB स्पर्श रेखा है।
इसलिए: AO × CO = OB²
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
O वृत्त के बाहर होना चाहिए
छेदक और स्पर्श रेखा दोनों एक ही बाह्य बिंदु O से खींची गई हैं।
O-C-A छेदक रेखा है
O से चलने पर यह रेखा वृत्त को पहले C और फिर A बिंदु पर काटती है।
OB स्पर्श रेखा है
OB वृत्त को केवल B बिंदु पर स्पर्श करती है। इसलिए OB स्पर्श रेखा है।
CO छेदक का बाहरी भाग है
बाह्य बिंदु O से वृत्त के पहले प्रतिच्छेद बिंदु C तक की लंबाई CO है।
AO पूरी छेदक है
बाह्य बिंदु O से छेदक के सबसे दूर वाले बिंदु A तक की पूरी लंबाई AO है।
स्पर्श रेखा का वर्ग
छेदक के बाहरी भाग और पूरी लंबाई का गुणनफल, स्पर्श रेखा के वर्ग के बराबर होगा: AO × CO = OB²।
छेदक और स्पर्श रेखा का सूत्र
याद रखने की ट्रिक: बाहर एक Point से एक Secant + एक Tangent दिखे तो याद करें: Outside × Whole = Tangent²।
सूत्र लगाने का सही तरीका
बाह्य बिंदु पहचानें
सबसे पहले वृत्त के बाहर स्थित O बिंदु को पहचानें।
स्पर्श रेखा पहचानें
जो रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु B पर छूती है, वह OB स्पर्श रेखा है।
छेदक का बाहरी भाग लें
O से वृत्त के निकटतम प्रतिच्छेद बिंदु C तक की लंबाई OC है।
पूरी छेदक की लंबाई लें
O से छेदक के सबसे दूर वाले बिंदु A तक पूरी लंबाई OA है।
मुख्य सूत्र लगाएँ
Rule 10 और Rule 11 में अंतर
Rule 10 में बाह्य बिंदु से दो छेदक रेखाएँ निकलती हैं। लेकिन इस Rule में एक छेदक और एक स्पर्श रेखा होती है।
त्वरित उदाहरण
बाह्य बिंदु O से एक छेदक O-C-A तथा एक स्पर्श रेखा OB खींची गई है। यदि CO = 3 सेमी तथा AO = 12 सेमी, तो OB की लंबाई ज्ञात कीजिए।
12 × 3 = OB²
OB² = 36
OB = √36
OB = 6 सेमी
चित्र देखते ही क्या करें?
यदि बाहर एक ही बिंदु से एक रेखा वृत्त को काट रही हो और दूसरी रेखा केवल छू रही हो, तो तुरंत लिखें: Outside × Whole = Tangent²।
एक लाइन में याद रखें
बाह्य बिंदु से खींची गई छेदक के बाहरी भाग और पूरी लंबाई का गुणनफल, उसी बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखा के वर्ग के बराबर होता है।
दो समांतर जीवाओं के बीच की दूरी
यदि किसी वृत्त में दो समांतर जीवाएँ दी हों, तो उनके बीच की दूरी निकालने के लिए पहले केंद्र से प्रत्येक जीवा की लंब दूरी ज्ञात की जाती है।
यदि वृत्त की त्रिज्या r तथा किसी जीवा की लंबाई L हो, तो केंद्र से उस जीवा की दूरी:
केंद्र के विपरीत ओर जीवाएँ
जब जीवाएँ केंद्र के विपरीत ओर हों
याद रखें: दोनों जीवाएँ यदि केंद्र के अलग-अलग ओर हों, तो दोनों दूरियों को जोड़ना (+) है।
केंद्र की एक ही ओर जीवाएँ
जब जीवाएँ केंद्र की एक ही ओर हों
याद रखें: दोनों जीवाएँ केंद्र की एक ही ओर हों, तो दोनों दूरियों का अंतर (−) लेना है।
सिर्फ इतना याद रखें
त्वरित उदाहरण
किसी वृत्त की त्रिज्या 13 सेमी है। दो समांतर जीवाओं की लंबाई क्रमशः 10 सेमी और 24 सेमी है तथा दोनों जीवाएँ केंद्र के विपरीत ओर हैं। उनके बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
= √(169 − 25)
= √144 = 12
d₂ = √(13² − 12²)
= √(169 − 144)
= √25 = 5
MN = 12 + 5
MN = 17 सेमी
यह गलती बिल्कुल न करें
जीवाओं के बीच की दूरी सीधे (AB + CD) ÷ 2 या (AB − CD) ÷ 2 नहीं होती।
पहले केंद्र से दोनों जीवाओं की लंब दूरी √(r² − (जीवा/2)²) से निकालनी होगी।
एक लाइन में याद रखें
समांतर जीवाएँ विपरीत ओर हों तो केंद्र से दूरियाँ जोड़ें, एक ही ओर हों तो उनका अंतर लें।
सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा की लंबाई
यदि दो वृत्तों पर एक ऐसी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा खींची जाए जो दोनों वृत्तों को एक ही ओर से स्पर्श करे, तो उसे सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा कहा जाता है।
यदि बड़े वृत्त की त्रिज्या R, छोटे वृत्त की त्रिज्या r तथा दोनों केंद्रों के बीच की दूरी D हो, तो स्पर्श बिंदुओं के बीच की लंबाई:
सही चित्र
महत्वपूर्ण बातें
यह सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा है
स्पर्श रेखा दोनों वृत्तों को एक ही ओर से स्पर्श कर रही है।
D केंद्रों के बीच की दूरी है
यदि दोनों वृत्तों के केंद्र O₁ और O₂ हों, तो D = O₁O₂।
त्रिज्याओं का अंतर लिया जाता है
सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा में R − r लिया जाता है, न कि R + r।
स्पर्श बिंदु पर 90°
स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है। इसलिए दोनों स्थानों पर 90° का कोण बनता है।
सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा
याद रखने की ट्रिक: सीधी Common Tangent = Minus। यानी त्रिज्याओं का अंतर R − r लेना है।
यह सूत्र कैसे बनता है?
दोनों केंद्रों को मिलाएँ
दोनों वृत्तों के केंद्रों के बीच की दूरी O₁O₂ = D है।
त्रिज्याओं का अंतर मिलेगा
सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा के मामले में सहायक समकोण त्रिभुज की लंब भुजा R − r होती है।
समकोण त्रिभुज बनेगा
पाइथागोरस प्रमेय लगाएँ
त्वरित उदाहरण
दो वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमशः 8 सेमी तथा 3 सेमी हैं। दोनों केंद्रों के बीच की दूरी 13 सेमी है। सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा की लंबाई ज्ञात कीजिए।
= √[13² − (8 − 3)²]
= √[169 − 25]
= √144
AB = 12 सेमी
R − r या R + r कैसे पहचानें?
यदि उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा दोनों वृत्तों को एक ही ओर से स्पर्श करती है, तो R − r लिया जाता है।
एक सेकंड में formula पहचानें
चित्र में दोनों वृत्तों के ऊपर या नीचे एक ही तरफ Common Tangent दिखाई दे, तो सीधे:
एक लाइन में याद रखें
सीधी उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा में दोनों त्रिज्याओं का अंतर लिया जाता है।
अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा की लंबाई
यदि दो वृत्तों की उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा दोनों केंद्रों को मिलाने वाली रेखा को काटती है, तो उसे अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा (Transverse / Internal Common Tangent) कहते हैं।
यदि बड़े वृत्त की त्रिज्या R, छोटे वृत्त की त्रिज्या r तथा दोनों केंद्रों के बीच की दूरी D हो, तो स्पर्श बिंदुओं A और B के बीच की लंबाई:
सही चित्र
महत्वपूर्ण बातें
स्पर्श रेखा दोनों वृत्तों के बीच से गुजरती है
अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा दोनों वृत्तों को विपरीत ओर से स्पर्श करती हुई दोनों केंद्रों की रेखा को काटती है।
D दोनों केंद्रों की दूरी है
यदि वृत्तों के केंद्र O₁ और O₂ हों, तो: D = O₁O₂
यहाँ त्रिज्याओं को जोड़ा जाता है
अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा में R + r लिया जाता है।
स्पर्श बिंदुओं पर 90°
स्पर्श बिंदुओं A तथा B पर संबंधित त्रिज्याएँ, स्पर्श रेखा AB पर लंब होती हैं।
अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा
याद रखने की ट्रिक: अनुप्रस्थ Common Tangent में दोनों वृत्त विपरीत तरफ आते हैं, इसलिए त्रिज्याएँ जुड़ती हैं — R + r।
यह सूत्र कैसे बनता है?
दोनों केंद्रों को मिलाएँ
दोनों वृत्तों के केंद्रों के बीच की दूरी D होगी।
दोनों त्रिज्याएँ विपरीत दिशा में हैं
अनुप्रस्थ स्पर्श रेखा में दोनों स्पर्श बिंदुओं तक की त्रिज्याएँ स्पर्श रेखा के विपरीत ओर होती हैं।
इसलिए लंब भुजा R + r होगी
समकोण त्रिभुज बनेगा
पाइथागोरस प्रमेय
सीधी और अनुप्रस्थ स्पर्श रेखा
Direct Common Tangent
त्रिज्याओं का अंतर
Transverse Common Tangent
त्रिज्याओं का योग
त्वरित उदाहरण
दो वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमशः 4 सेमी तथा 3 सेमी हैं। उनके केंद्रों के बीच की दूरी 25 सेमी है। अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा की लंबाई ज्ञात कीजिए।
= √[25² − (4 + 3)²]
= √[625 − 49]
= √576
AB = 24 सेमी
अनुप्रस्थ स्पर्श रेखा कब बनेगी?
वास्तविक अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा के लिए दोनों वृत्त अलग-अलग होने चाहिए और D > R + r होना चाहिए।
एक सेकंड में formula पहचानें
यदि Common Tangent दोनों वृत्तों के बीच से cross कर रही हो, तो तुरंत R + r लें।
एक लाइन में याद रखें
अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा में दोनों त्रिज्याओं का योग लिया जाता है।
एकांतर वृत्तखंड के कोण समान होते हैं
किसी वृत्त में स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बना कोण, उसी जीवा द्वारा वृत्त के विपरीत वृत्तखंड में बनाए गए कोण के बराबर होता है।
इसे Alternate Segment Theorem या एकांतर वृत्तखंड प्रमेय कहा जाता है।
नीचे दिए गए चित्र में A पर स्पर्श रेखा खींची गई है। इसलिए: ∠X = ∠Y तथा ∠A = ∠B।
सही चित्र
महत्वपूर्ण बातें
एक स्पर्श रेखा होना जरूरी है
यह नियम तभी लागू होगा जब वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा खींची गई हो।
स्पर्श बिंदु से जीवा भी होनी चाहिए
जिस बिंदु पर स्पर्श रेखा वृत्त को छू रही है, उसी बिंदु से वृत्त के किसी अन्य बिंदु तक जीवा खींची होती है।
स्पर्श रेखा और जीवा का कोण पहचानें
स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बनने वाला कोण वृत्त के विपरीत भाग में उसी जीवा से बने कोण के बराबर होगा।
एकांतर वृत्तखंड के कोण बराबर
इसलिए चित्र में: ∠X = ∠Y और ∠A = ∠B।
एकांतर वृत्तखंड प्रमेय
याद रखने की ट्रिक: Tangent और Chord के बीच जो Angle बने, वही Angle उस Chord के दूसरी तरफ Circle में भी मिलेगा।
प्रश्न में नियम कैसे पहचानें?
स्पर्श रेखा खोजें
पहले उस रेखा को पहचानें जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर स्पर्श कर रही है।
उस स्पर्श बिंदु से जीवा देखें
स्पर्श बिंदु से वृत्त के अंदर जाने वाली जीवा को पहचानें।
Tangent-Chord angle पहचानें
स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बना कोण पहली तरफ का आवश्यक कोण होगा।
विपरीत वृत्तखंड का कोण बराबर करें
त्वरित उदाहरण
किसी वृत्त में A पर स्पर्श रेखा खींची गई है। स्पर्श रेखा और एक जीवा के बीच बना कोण 42° है। उसी जीवा द्वारा विपरीत वृत्तखंड में बने कोण का मान ज्ञात कीजिए।
= Alternate Segment Angle
∴ Required Angle = 42°
कौन-सा कोण बराबर करना है?
Tangent के साथ जिस जीवा का कोण लिया गया है, उसी जीवा द्वारा वृत्त के विपरीत वृत्तखंड में बना कोण बराबर होगा।
किसी भी दूसरे कोण को केवल चित्र देखकर बराबर न मानें।
चित्र देखते ही क्या करें?
यदि Circle पर Tangent + Chord एक ही Point पर मिलते दिखें, तो उस Angle को तुरंत Opposite Segment वाले Angle के बराबर खोजें।
एक लाइन में याद रखें
स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बना कोण, एकांतर वृत्तखंड में बने कोण के बराबर होता है।
एकांतर वृत्तखंड के कोण समान होते हैं
किसी वृत्त में स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बना कोण, उसी जीवा द्वारा वृत्त के विपरीत वृत्तखंड में बनाए गए कोण के बराबर होता है।
इस नियम को एकांतर वृत्तखंड प्रमेय (Alternate Segment Theorem) कहते हैं।
चित्र में इसी नियम के अनुसार: ∠X = ∠Y तथा ∠A = ∠B।
एकांतर वृत्तखंड
महत्वपूर्ण नियम
एक स्पर्श रेखा होनी चाहिए
वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा खींची हुई होनी चाहिए।
स्पर्श बिंदु से जीवा होनी चाहिए
उसी स्पर्श बिंदु से वृत्त के किसी अन्य बिंदु तक जीवा खींची जाती है।
Tangent-Chord Angle पहचानें
स्पर्श रेखा और उस जीवा के बीच बनने वाला कोण महत्वपूर्ण होता है।
विपरीत वृत्तखंड का कोण बराबर होगा
उसी जीवा द्वारा विपरीत वृत्तखंड में बना कोण, Tangent-Chord Angle के बराबर होगा।
एकांतर वृत्तखंड प्रमेय
याद रखने की ट्रिक: Tangent और Chord के बीच बना Angle उसी Chord के दूसरी तरफ Circle में बने Angle के बराबर होता है।
त्वरित उदाहरण
यदि स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बना कोण 48° है, तो उसी जीवा द्वारा विपरीत वृत्तखंड में बना कोण कितना होगा?
∴ आवश्यक कोण = 48°
चित्र देखते ही क्या करें?
यदि किसी Point पर Tangent + Chord दिखाई दे, तो उनके बीच बने Angle को उसी Chord के Opposite Segment Angle के बराबर कर दें।
एक लाइन में याद रखें
स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बना कोण, एकांतर वृत्तखंड में बने कोण के बराबर होता है।
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