TRIANGLE RULES & FORMULA
कर्ण पर डाले गए लंब की लंबाई
किसी समकोण त्रिभुज में समकोण वाले शीर्ष से कर्ण पर खींची गई लंबवत रेखा को कर्ण पर डाला गया लंब कहते हैं।
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
समकोण की पहचान
मान लें △ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें ∠A = 90° है।
कर्ण की पहचान
समकोण के ठीक सामने स्थित भुजा BC इस त्रिभुज की कर्ण होगी।
कर्ण पर लंब
यदि बिंदु A से कर्ण BC पर लंब AD खींचा जाए, तो AD ⟂ BC होगा।
बिंदु D पर समकोण
क्योंकि AD ⟂ BC है, इसलिए ∠ADB = 90° तथा ∠ADC = 90° होंगे।
कर्ण पर डाले गए लंब का मुख्य सूत्र
एक लाइन में याद रखें: दोनों लंबवत भुजाओं का गुणनफल करके कर्ण से भाग दें।
सूत्र की उत्पत्ति
△ABC का क्षेत्रफल दो अलग-अलग आधार और ऊँचाई लेकर निकाला जा सकता है।
AB और AC से क्षेत्रफल
क्योंकि AB ⟂ AC है, इसलिए AB और AC त्रिभुज की दो लंबवत भुजाएँ हैं।
BC को आधार मानने पर
अब BC को आधार तथा उस पर डाले गए लंब AD को ऊँचाई मानें।
दोनों क्षेत्रफल बराबर करें
दोनों ओर से ½ हटाने पर
परीक्षा के लिए ध्यान रखें
यदि ∠A = 90° है, तो BC कर्ण होगा। A से BC पर डाला गया लंब AD है तथा AD ⟂ BC होगा।
अंतःवृत्त की त्रिज्या
किसी समकोण त्रिभुज के अंदर बना वह वृत्त, जो उसकी तीनों भुजाओं को स्पर्श करता है, उस त्रिभुज का अंतःवृत्त कहलाता है।
नीचे दिए गए चित्र में ∠B = 90° है, इसलिए AC कर्ण होगा। यदि अंतःवृत्त की त्रिज्या R है, तो:
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
समकोण की पहचान
चित्र में ∠B = 90° है। इसलिए B समकोण वाला शीर्ष है।
कर्ण की पहचान
समकोण के सामने स्थित भुजा AC त्रिभुज की कर्ण होगी।
अंतःवृत्त की पहचान
अंतःवृत्त त्रिभुज की AB, BC और AC तीनों भुजाओं को स्पर्श करता है।
अंतःत्रिज्या
अंतःवृत्त के केंद्र से किसी भुजा पर खींची गई लंब दूरी ही उसकी त्रिज्या R होती है।
समकोण त्रिभुज का शॉर्ट सूत्र
समकोण त्रिभुज में अंतःवृत्त की त्रिज्या: R = (लंब + आधार − कर्ण) ÷ 2
समकोण त्रिभुज के अंतःवृत्त की त्रिज्या
याद रखने की ट्रिक: पहले लंब + आधार जोड़ें, फिर उसमें से कर्ण घटाएँ, और प्राप्त मान को 2 से भाग दें।
सूत्र की उत्पत्ति
समकोण त्रिभुज की भुजाएँ
यहाँ AB और BC समकोण बनाने वाली भुजाएँ हैं तथा AC कर्ण है।
अर्धपरिमाप
समकोण त्रिभुज के लिए अंतःत्रिज्या
समकोण त्रिभुज में अंतःत्रिज्या को भुजाओं के आधार पर सीधे इस रूप में लिखा जा सकता है:
शब्दों में सूत्र
त्वरित उदाहरण
यदि AB = 6 सेमी, BC = 8 सेमी और AC = 10 सेमी है, तो:
एक लाइन में याद रखें
समकोण त्रिभुज में अंतःवृत्त की त्रिज्या निकालने के लिए लंब + आधार − कर्ण करें और परिणाम को 2 से भाग दें।
बाह्यवृत्त की त्रिज्या
किसी समकोण त्रिभुज के तीनों शीर्षों से होकर गुजरने वाले वृत्त को उस त्रिभुज का बाह्यवृत्त या परिवृत्त कहते हैं।
समकोण त्रिभुज में कर्ण बाह्यवृत्त का व्यास होता है। इसलिए बाह्यवृत्त की त्रिज्या कर्ण की आधी होती है।
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
समकोण की पहचान
यदि ∠B = 90° है, तो B समकोण वाला शीर्ष है।
कर्ण की पहचान
समकोण के सामने स्थित भुजा AC त्रिभुज की कर्ण होगी।
कर्ण ही बाह्यवृत्त का व्यास
किसी भी समकोण त्रिभुज में कर्ण बाह्यवृत्त का व्यास होता है।
बाह्यवृत्त का केंद्र
समकोण त्रिभुज के बाह्यवृत्त का केंद्र कर्ण के मध्यबिंदु पर स्थित होता है।
बाह्यत्रिज्या
क्योंकि त्रिज्या व्यास की आधी होती है, इसलिए समकोण त्रिभुज में R = कर्ण ÷ 2 होगा।
समकोण त्रिभुज के बाह्यवृत्त की त्रिज्या
याद रखने की ट्रिक: समकोण त्रिभुज में कर्ण को केवल 2 से भाग कर दीजिए। प्राप्त मान ही बाह्यवृत्त की त्रिज्या होगी।
सूत्र की उत्पत्ति
कर्ण बाह्यवृत्त का व्यास है
समकोण त्रिभुज में कर्ण AC बाह्यवृत्त का व्यास होता है।
व्यास और त्रिज्या का संबंध
AC को व्यास रखने पर
दोनों ओर 2 से भाग देने पर
एक लाइन में याद रखें
समकोण त्रिभुज में कर्ण बाह्यवृत्त का व्यास होता है, इसलिए बाह्यवृत्त की त्रिज्या = कर्ण ÷ 2
अंतःवृत्त की त्रिज्या
किसी समबाहु त्रिभुज के अंदर ऐसा वृत्त, जो त्रिभुज की तीनों भुजाओं को स्पर्श करता है, उसे अंतःवृत्त कहते हैं।
इस वृत्त की त्रिज्या को अंतःत्रिज्या (r) कहते हैं।
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
तीनों भुजाएँ बराबर
समबाहु त्रिभुज में AB = BC = CA = a होता है।
तीनों कोण 60°
समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक आंतरिक कोण 60° का होता है।
अंतःवृत्त
अंतःवृत्त त्रिभुज की तीनों भुजाओं को स्पर्श करता है।
सभी प्रमुख केंद्र एक ही बिंदु पर
समबाहु त्रिभुज में अंतःकेंद्र, बाह्यकेंद्र, केंद्रक और लंबकेंद्र एक ही बिंदु पर स्थित होते हैं।
समबाहु त्रिभुज के अंतःवृत्त की त्रिज्या
याद रखने की ट्रिक: समबाहु त्रिभुज की भुजा को 2√3 से भाग देने पर अंतःवृत्त की त्रिज्या प्राप्त होती है।
सूत्र की उत्पत्ति
समबाहु त्रिभुज की ऊँचाई
यदि समबाहु त्रिभुज की भुजा a है, तो उसकी ऊँचाई:
केंद्र ऊँचाई को 2 : 1 में बाँटता है
समबाहु त्रिभुज में केंद्रक और अंतःकेंद्र एक ही बिंदु पर होते हैं। केंद्रक माध्यिका को शीर्ष की ओर से 2 : 1 के अनुपात में विभाजित करता है।
इसलिए आधार से केंद्र तक की दूरी, अर्थात अंतःत्रिज्या:
h का मान रखने पर
समान रूप
एक लाइन में याद रखें
समबाहु त्रिभुज की अंतःवृत्त की त्रिज्या = भुजा ÷ 2√3
बाह्यवृत्त की त्रिज्या
किसी समबाहु त्रिभुज के तीनों शीर्षों से होकर गुजरने वाले वृत्त को उसका बाह्यवृत्त या परिवृत्त कहते हैं।
इस बाह्यवृत्त की त्रिज्या को बाह्यत्रिज्या (R) कहते हैं।
सही चित्र
महत्वपूर्ण नियम
तीनों शीर्ष वृत्त पर होते हैं
समबाहु त्रिभुज के तीनों शीर्ष A, B और C बाह्यवृत्त की परिधि पर स्थित होते हैं।
बाह्यकेंद्र त्रिभुज के अंदर होता है
समबाहु त्रिभुज का बाह्यकेंद्र O त्रिभुज के अंदर स्थित होता है।
तीनों त्रिज्याएँ बराबर
बाह्यकेंद्र से तीनों शीर्षों की दूरी बराबर होती है: OA = OB = OC = R
सभी प्रमुख केंद्र एक ही बिंदु पर
समबाहु त्रिभुज में बाह्यकेंद्र, अंतःकेंद्र, केंद्रक और लंबकेंद्र एक ही बिंदु पर स्थित होते हैं।
समबाहु त्रिभुज के बाह्यवृत्त की त्रिज्या
याद रखने की ट्रिक: समबाहु त्रिभुज की भुजा को √3 से भाग करने पर बाह्यवृत्त की त्रिज्या प्राप्त होती है।
सूत्र की उत्पत्ति
समबाहु त्रिभुज की ऊँचाई
यदि समबाहु त्रिभुज की भुजा a है, तो उसकी ऊँचाई:
केंद्रक ऊँचाई को 2 : 1 में बाँटता है
समबाहु त्रिभुज में बाह्यकेंद्र और केंद्रक एक ही बिंदु पर होते हैं। केंद्रक शीर्ष से माध्यिका की 2/3 दूरी पर स्थित होता है।
h का मान रखने पर
सरल करने पर
एक लाइन में याद रखें
समबाहु त्रिभुज की बाह्यवृत्त की त्रिज्या = भुजा ÷ √3
बाह्यत्रिज्या और अंतःत्रिज्या का अनुपात
समबाहु त्रिभुज में बाह्यत्रिज्या (R) और अंतःत्रिज्या (r) के बीच एक निश्चित संबंध होता है।
समबाहु त्रिभुज की बाह्यत्रिज्या, अंतःत्रिज्या की ठीक दोगुनी होती है।
बाह्यवृत्त और अंतःवृत्त
महत्वपूर्ण नियम
अंतःत्रिज्या का सूत्र
समबाहु त्रिभुज की अंतःत्रिज्या: r = a / 2√3
बाह्यत्रिज्या का सूत्र
समबाहु त्रिभुज की बाह्यत्रिज्या: R = a / √3
बाह्यत्रिज्या दोगुनी
दोनों सूत्रों की तुलना करने पर R = 2r प्राप्त होता है।
दोनों वृत्तों का केंद्र समान
समबाहु त्रिभुज में अंतःकेंद्र और बाह्यकेंद्र एक ही बिंदु O पर होते हैं।
बाह्यत्रिज्या : अंतःत्रिज्या
याद रखने की ट्रिक: समबाहु त्रिभुज में बड़ा वृत्त = 2 भाग और छोटा वृत्त = 1 भाग। इसलिए R : r = 2 : 1।
अनुपात की उत्पत्ति
बाह्यत्रिज्या लिखें
अंतःत्रिज्या लिखें
दोनों का अनुपात लें
समान पद काटने पर
दोनों पदों में a और √3 समान हैं। इन्हें सरल करने पर अनुपात प्राप्त होता है।
तीन बातें एक साथ याद रखें
अंतःत्रिज्या: r = a / 2√3
बाह्यत्रिज्या: R = a / √3
अनुपात: R : r = 2 : 1
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