विश्व व्यापार संगठन में कृषि सब्सिडी के बॉक्स
पीला, नीला और हरा बॉक्स — व्यापार-विकृत सहायता और छूट प्राप्त कृषि समर्थन
कृषि सब्सिडी के बॉक्स क्या हैं?
विश्व व्यापार संगठन के कृषि समझौते में सदस्य देशों द्वारा किसानों को दी जाने वाली घरेलू कृषि सहायता को उसके उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में समझाया जाता है। इन्हें सामान्यतः रंगों वाले बॉक्स के रूप में जाना जाता है।
कृषि सहायता की परीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण तीन श्रेणियाँ पीला बॉक्स, नीला बॉक्स और हरा बॉक्स हैं। इनमें पीला बॉक्स अपेक्षाकृत अधिक व्यापार-विकृत सहायता, नीला बॉक्स उत्पादन सीमित करने की शर्त से जुड़ी सहायता और हरा बॉक्स व्यापार पर नहीं या बहुत कम विकृत प्रभाव डालने वाली सहायता को दर्शाता है।
पीला बॉक्स
व्यापार और उत्पादन को विकृत करने वाली सहायता
पीला बॉक्स विश्व व्यापार संगठन की औपचारिक शब्दावली में एम्बर बॉक्स कहलाता है। यह ऐसी घरेलू कृषि सहायता से संबंधित है जो उत्पादन या व्यापार को विकृत कर सकती है।
इसमें ऐसी सहायता शामिल हो सकती है जिसका किसान द्वारा उत्पादित मात्रा, उत्पादन के लिए प्रयुक्त साधनों अथवा बाजार मूल्य से सीधा संबंध हो।
बाजार मूल्य समर्थन इसका प्रमुख उदाहरण है। इसी प्रकार उत्पादन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े कुछ भुगतान या उत्पादन-विशिष्ट सहायता भी पीले बॉक्स के अंतर्गत आ सकती है।
भारत में न्यूनतम समर्थन मूल्य को समझते समय सावधानी आवश्यक है। केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा को सीधे पूरी सब्सिडी राशि नहीं माना जाता। विश्व व्यापार संगठन के कृषि समझौते में बाजार मूल्य समर्थन की गणना निर्धारित पद्धति और निश्चित बाहरी संदर्भ मूल्य के आधार पर की जाती है।
पीले बॉक्स की सहायता पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है। यह विश्व व्यापार संगठन की कटौती संबंधी प्रतिबद्धताओं और निर्धारित सीमाओं के अधीन होती है।
⚠️ महत्वपूर्ण सुधार
पीला बॉक्स = एम्बर बॉक्स। इसे “येलो बॉक्स” कहना सामान्य व्याख्या हो सकती है, लेकिन WTO की मानक शब्दावली एम्बर बॉक्स है।
पीले बॉक्स के उदाहरण
मूल्य और उत्पादन से जुड़ी सहायता
बाजार मूल्य समर्थन: सरकार द्वारा किसान को बाजार की सामान्य परिस्थितियों से अलग समर्थित मूल्य उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था।
उत्पादन से जुड़े प्रत्यक्ष भुगतान: ऐसी सहायता जिसकी मात्रा किसान द्वारा किए गए उत्पादन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हो।
कुछ आगत सब्सिडियाँ: उर्वरक, बिजली, सिंचाई अथवा अन्य कृषि आदानों से संबंधित ऐसी सहायता जो किसी अन्य छूट प्राप्त श्रेणी के मानदंडों को पूरा नहीं करती, व्यापार-विकृत समर्थन की गणना में आ सकती है।
पीले बॉक्स के अंतर्गत आने वाले समर्थन का मूल्यांकन समग्र सहायता मापन के माध्यम से किया जाता है।
समग्र सहायता मापन
व्यापार-विकृत सहायता को मापने की व्यवस्था
समग्र सहायता मापन कृषि क्षेत्र में व्यापार-विकृत घरेलू समर्थन को मापने की विश्व व्यापार संगठन की महत्वपूर्ण पद्धति है।
इसके अंतर्गत उत्पाद-विशिष्ट और गैर-उत्पाद-विशिष्ट सहायता को निर्धारित नियमों के अनुसार मापा जाता है।
विश्व व्यापार संगठन के कृषि समझौते में कुछ छोटी मात्रा की व्यापार-विकृत सहायता को न्यूनतम सीमा वाली सहायता के रूप में कटौती प्रतिबद्धताओं से छूट दी गई है।
सामान्य नियम के अनुसार विकसित देशों के लिए यह सीमा संबंधित उत्पादन मूल्य का 5 प्रतिशत और विकासशील देशों के लिए 10 प्रतिशत होती है।
🎯 परीक्षा बिंदु
न्यूनतम सीमा — विकसित देश 5% — विकासशील देश 10%
नीला बॉक्स
उत्पादन सीमित करने की शर्त वाली सहायता
नीला बॉक्स ऐसी कृषि सहायता से संबंधित है जो सामान्य परिस्थितियों में पीले बॉक्स जैसी उत्पादन से जुड़ी सहायता हो सकती है, लेकिन उसके साथ उत्पादन सीमित करने की शर्त जुड़ी होती है।
उदाहरण के लिए सहायता ऐसी योजना से जुड़ी हो सकती है जिसमें किसान को निर्धारित क्षेत्र, उपज अथवा पशुओं की निश्चित संख्या जैसे आधारों पर भुगतान किया जाए और योजना का उद्देश्य उत्पादन को अनियंत्रित रूप से बढ़ने से रोकना हो।
इसी कारण नीले बॉक्स को कभी-कभी “शर्तों वाला एम्बर बॉक्स” भी समझाया जाता है। उत्पादन सीमित करने वाली शर्त के कारण इसे सामान्य पीले बॉक्स सहायता की तुलना में कम व्यापार-विकृत माना जाता है।
वर्तमान कृषि समझौते के अंतर्गत नीले बॉक्स सहायता पर पीले बॉक्स जैसी सामान्य कटौती प्रतिबद्धता लागू नहीं होती और मौजूदा नियमों में इसके खर्च पर अलग निश्चित समग्र सीमा नहीं है।
📘 आसान भाषा में
नीला बॉक्स = सहायता मिलेगी, लेकिन उत्पादन पर सीमा या नियंत्रण की शर्त के साथ।
हरे बॉक्स की सहायता
नहीं या बहुत कम व्यापार-विकृत प्रभाव
हरा बॉक्स ऐसी घरेलू कृषि सहायता से संबंधित है जिसका व्यापार और उत्पादन पर कोई विकृत प्रभाव नहीं या अधिकतम बहुत कम प्रभाव होता है।
हरे बॉक्स की सहायता विश्व व्यापार संगठन के कृषि समझौते के परिशिष्ट-2 में निर्धारित मानदंडों के अनुसार होती है।
इन योजनाओं का वित्तपोषण सामान्यतः सरकार के सार्वजनिक कोष से होना चाहिए और इन्हें उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूलकर वित्तपोषित नहीं किया जाना चाहिए।
हरे बॉक्स की सहायता में मूल्य समर्थन शामिल नहीं होना चाहिए।
यदि कोई सहायता सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करती है, तो वह कटौती संबंधी प्रतिबद्धताओं से मुक्त रहती है और विश्व व्यापार संगठन के कृषि समझौते के अंतर्गत उस पर सामान्य वित्तीय सीमा लागू नहीं होती।
📗 सबसे महत्वपूर्ण
हरा बॉक्स = कोई या न्यूनतम व्यापार विकृति + कटौती प्रतिबद्धता से छूट
हरे बॉक्स के प्रमुख उदाहरण
अनुसंधान से प्राकृतिक आपदा राहत तक
कृषि अनुसंधान: नई फसल किस्मों, उत्पादन तकनीक और कृषि विज्ञान से संबंधित सरकारी अनुसंधान सहायता।
प्रशिक्षण और विस्तार सेवाएँ: किसानों को तकनीकी ज्ञान, प्रशिक्षण और कृषि परामर्श उपलब्ध कराने वाली सेवाएँ।
कीट और रोग नियंत्रण: कृषि रोगों तथा कीटों की रोकथाम के लिए सरकारी कार्यक्रम।
आधारभूत संरचना: पात्र सरकारी सामान्य सेवाओं के अंतर्गत कृषि से जुड़ी कुछ आधारभूत सुविधाएँ।
प्राकृतिक आपदा राहत: निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाली प्राकृतिक आपदा सहायता।
पर्यावरण संरक्षण: पर्यावरणीय कार्यक्रमों के अंतर्गत निर्धारित मानदंडों के अनुरूप किसानों को सहायता।
क्षेत्रीय सहायता: स्पष्ट रूप से निर्धारित वंचित क्षेत्रों के लिए नियमों के अनुरूप सहायता कार्यक्रम।
हरे बॉक्स में केवल योजना का नाम पर्याप्त नहीं है। किसी सहायता को इस श्रेणी में आने के लिए कृषि समझौते में निर्धारित सामान्य और योजना-विशिष्ट शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
तीनों बॉक्स की तुलना
पीला, नीला और हरा
| आधार | पीला / एम्बर बॉक्स | नीला बॉक्स | हरा बॉक्स |
|---|---|---|---|
| व्यापार पर प्रभाव | व्यापार और उत्पादन को विकृत कर सकता है | विकृति संभव, लेकिन उत्पादन नियंत्रण के कारण अपेक्षाकृत कम | कोई या बहुत कम विकृत प्रभाव |
| उत्पादन से संबंध | अक्सर उत्पादन या कीमत से जुड़ा | उत्पादन से जुड़ा, लेकिन उत्पादन सीमित करने की शर्त | सामान्यतः वर्तमान उत्पादन/मूल्य से सीधे जुड़ा नहीं |
| उदाहरण | बाजार मूल्य समर्थन, कुछ उत्पादन-संबद्ध सहायता | उत्पादन सीमित करने वाली योजनाओं से जुड़े भुगतान | अनुसंधान, प्रशिक्षण, आपदा राहत, पर्यावरण कार्यक्रम |
| कटौती | निर्धारित सीमा और कटौती प्रतिबद्धताओं के अधीन | विशेष छूट प्राप्त श्रेणी | कटौती प्रतिबद्धताओं से मुक्त |
लाल बॉक्स का भ्रम
कृषि समझौते में अलग लाल बॉक्स नहीं
विश्व व्यापार संगठन की सामान्य “ट्रैफिक लाइट” व्याख्या में हरा = अनुमति, एम्बर = कम करना और लाल = निषिद्ध जैसी तुलना की जाती है।
लेकिन कृषि समझौते में अलग से कोई लाल बॉक्स नहीं है। कृषि के क्षेत्र में व्यवस्था अधिक जटिल है और इसमें पीला/एम्बर, नीला तथा हरा बॉक्स प्रमुख हैं।
पीले बॉक्स की सहायता यदि सदस्य देश की अनुमत प्रतिबद्धता से अधिक चली जाए और किसी अन्य छूट के अंतर्गत न आए, तो वह कृषि समझौते की प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन कर सकती है।
🎯 परीक्षा में पूछा जा सकता है
WTO कृषि समझौते में अलग “लाल बॉक्स” नहीं है।
भारत और कृषि सब्सिडी
विकासशील देशों के लिए विशेष प्रावधान
भारत एक विकासशील सदस्य देश है, इसलिए कृषि समझौते में उपलब्ध विकासशील देशों से संबंधित विशेष प्रावधान उसके लिए महत्वपूर्ण हैं।
व्यापार-विकृत उत्पाद-विशिष्ट और गैर-उत्पाद-विशिष्ट सहायता के लिए विकासशील देशों को सामान्यतः उत्पादन मूल्य के 10 प्रतिशत तक की न्यूनतम सीमा उपलब्ध होती है।
इसके अतिरिक्त कृषि समझौते के अंतर्गत विकासशील देशों के लिए कृषि और ग्रामीण विकास को प्रोत्साहित करने वाली कुछ विकास कार्यक्रम संबंधी सहायता को भी विशेष छूट प्राप्त हो सकती है।
भारत के लिए खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक भंडारण और न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़ी नीतियाँ विश्व व्यापार संगठन की कृषि वार्ताओं में महत्वपूर्ण विषय रही हैं। इन्हें केवल एक रंग के बॉक्स से जोड़कर समझना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि इनकी गणना और WTO अनुपालन अलग-अलग नियमों पर निर्भर करता है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य और पीला बॉक्स
सबसे अधिक भ्रम वाला बिंदु
सामान्य पुस्तकों में अक्सर लिखा जाता है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पीले बॉक्स की सब्सिडी है। यह परीक्षा की सरल व्याख्या है, लेकिन तकनीकी रूप से इसे थोड़ा सावधानी से समझना चाहिए।
विश्व व्यापार संगठन के नियमों में बाजार मूल्य समर्थन की गणना केवल सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य को देखकर नहीं की जाती। निर्धारित समर्थन मूल्य और WTO द्वारा प्रयुक्त 1986–88 के निश्चित बाहरी संदर्भ मूल्य के अंतर को पात्र उत्पादन से जोड़कर सहायता की गणना की जाती है।
इसलिए MSP की घोषणा = उतनी ही राशि की WTO सब्सिडी मान लेना गलत है। WTO में बाजार मूल्य समर्थन की अपनी निर्धारित गणना पद्धति है।
⚠️ परीक्षा-सुरक्षित तथ्य
बाजार मूल्य समर्थन एम्बर बॉक्स से जुड़ता है, लेकिन MSP की केवल घोषणा को सीधे पूरी एम्बर बॉक्स सब्सिडी न मानें।
महत्वपूर्ण भ्रम और सही तथ्य
एक बार में साफ समझें
“पीली पत्ती” नहीं: सही शब्द पीला/एम्बर बॉक्स है।
पीला बॉक्स: व्यापार और उत्पादन को विकृत करने वाली सहायता; यह पूरी तरह निषिद्ध नहीं बल्कि कटौती और सीमा संबंधी नियमों के अधीन है।
MSP: बाजार मूल्य समर्थन से संबंधित हो सकता है, लेकिन घोषित MSP को सीधे WTO सब्सिडी की पूरी राशि नहीं माना जाता।
नीला बॉक्स: उत्पादन से जुड़ी सहायता है, लेकिन उसके साथ उत्पादन सीमित करने वाली शर्त होती है।
हरा बॉक्स: केवल “अच्छी सब्सिडी” का नाम नहीं है; सहायता को निर्धारित WTO मानदंड पूरे करने होते हैं।
हरा बॉक्स: व्यापार पर कोई या बहुत कम विकृत प्रभाव होना चाहिए, सरकारी वित्तपोषण होना चाहिए और मूल्य समर्थन शामिल नहीं होना चाहिए।
हरा बॉक्स: पात्र सहायता कटौती संबंधी प्रतिबद्धताओं से मुक्त होती है और उस पर सामान्य वित्तीय सीमा नहीं होती।
कृषि में लाल बॉक्स: WTO कृषि समझौते में अलग लाल बॉक्स नहीं है।
याद रखने की आसान विधि
रंग और उनका अर्थ
⚡ तीन रंगों का सूत्र
पीला/एम्बर बॉक्स: उत्पादन और व्यापार को विकृत करने वाली सहायता।
नीला बॉक्स: उत्पादन सीमित करने वाली शर्त के साथ सहायता।
हरा बॉक्स: कोई या न्यूनतम व्यापार-विकृत प्रभाव वाली सहायता।
⚡ अंतिम पुनरावृत्ति बिंदु
विश्व व्यापार संगठन के कृषि समझौते में घरेलू कृषि सहायता को समझने के लिए एम्बर, नीला और हरा बॉक्स महत्वपूर्ण हैं।
पीला बॉक्स का मानक WTO नाम एम्बर बॉक्स है।
एम्बर बॉक्स में ऐसी सहायता आती है जो उत्पादन और व्यापार को विकृत कर सकती है।
बाजार मूल्य समर्थन एम्बर बॉक्स का प्रमुख उदाहरण है।
एम्बर बॉक्स सहायता पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है; यह कटौती प्रतिबद्धताओं और निर्धारित सीमाओं के अधीन है।
विकासशील देशों के लिए न्यूनतम सीमा सामान्यतः उत्पादन मूल्य का 10% तथा विकसित देशों के लिए 5% होती है।
नीला बॉक्स ऐसी सहायता है जिसमें उत्पादन सीमित करने की शर्त जुड़ी होती है।
हरा बॉक्स ऐसी सहायता है जिसका व्यापार और उत्पादन पर कोई या बहुत कम विकृत प्रभाव होता है।
हरे बॉक्स में कृषि अनुसंधान, प्रशिक्षण, सामान्य कृषि सेवाएँ, पात्र प्राकृतिक आपदा राहत और पर्यावरणीय कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं।
हरे बॉक्स की पात्र सहायता कटौती प्रतिबद्धताओं से मुक्त रहती है।
हरा बॉक्स सहायता सरकारी वित्तपोषण पर आधारित होनी चाहिए और उसमें मूल्य समर्थन शामिल नहीं होना चाहिए।
कृषि समझौते में अलग लाल बॉक्स नहीं है।
MSP की घोषणा को सीधे उतनी ही WTO सब्सिडी नहीं माना जाता; बाजार मूल्य समर्थन की गणना WTO की निर्धारित पद्धति से होती है।